4 साल अनुभव वाली लड़की के लिए चैनल ने 13 साल अनुभव वाले शिफ्ट इंचार्ज को निकाल दिया!

एक हिंदी न्यूज चैनल समूह के एंटरटेनमेंट चैनल में कार्यरत producer/shift incharge को बिना प्रूफ किया गया बाहर… एंटरटेनमेंट चैनल की एक एंकर ने शिफ्ट इंचार्ज पर मेंटल torture का इलजाम लगाया. बात 26th sept की है. चैनल head छुट्टी पर थे। शिफ्ट incharge ही उस दिन चैनल देख रहे थे.

एंकर लड़की को अपनी शिफ्ट से 1 घंटा पहले निकलना था, इंचार्ज ने allow भी कर दिया था. लेकिन रात 9 बजे के शो में काम करने वाली trainee की तबियत खराब हो गयी, तो शिफ्ट इंचार्ज ने छुट्टी पर चल रहे चैनल हेड से बात की.

चैनल हेड ने बीमार लड़की को घर भेजने और एंकर लड़की को रोकने के लिए कहा. फिर भी शिफ्ट इंचार्ज ने दूसरे लड़के को बोल दिया 6 बजे तक एंकर लड़की को releive करने के लिए. लेकिन एंकर लड़की काम करने की जगह थोड़ी थोड़ी देर में शिफ्ट इंचार्ज को 6 बजे निकलने के लिए बोलती रही. परेशानी में शिफ्ट इंचार्ज ने बोल दिया तुम daily शिफ्ट को लेकर बोलती हो, तुम्हारी शिफ्ट मॉर्निंग करवा देता हूँ.

इस बात पर एंकर लड़की चिल्लाने लगी newsroom में, और बोली- सारा काम करो, उसके बाद भी धमकी सुनने को मिलती है. शिफ्ट इंचार्ज ने बोला- चिल्लाओ मत, सर से बात करो.

यह सब हल्ला-गुल्ला देख एक दूसरे कर्मचारी ने एंकर लड़की को समझाया लेकिन वो सीधे CEO के पास शिकायत करने चली गयी. एंकर लड़की की मम्मी चैनल हेड को कॉल करने लगी. चैनल हेड ने कॉल पिक नहीं की तो शिफ्ट इंचार्ज को फोन मिलाकर धमकी देने लगी और बाकी लड़कियों के character पर ऊंगली उठाने लगी.

रात हुई तो सब घर चले गए. next डे चैनल हेड ने लड़की को काम ना करने के लिए बोला फ़ोन पर, तो लड़की बदतमीजी करके फिर CEO के पास पहुंच गयी. बाद में उसकी मम्मी ने शिफ्ट इंचार्ज को धमकाते हुए FIR और harrassment के मैसेज सेंड करने start कर दिये.

इसके बाद एंकर लड़की ने चैनल की मालकिन को resign सेंड कर दिया, साथ में लिखा कि शिफ्ट इंचार्ज मुझे हैरेस करता था, मैं उसके खिलाफ FIR करूँगी. चैनल के खिलाफ भी कार्यवाही करूँगी. CEO ने लड़की को newsroom में भेज़ दिया और शिफ्ट इंचार्ज को बुलाकार resign करने के लिए कहा.

शिफ्ट इंचार्ज ने कहा- आप मेरी भी बात सुनें और बाकी लड़कियों का भी version लें. पूरे staff से पूछें.

लेकिन शिफ्ट इंचार्ज की किसी ने नहीं सुनी.

शिफ्ट इंचार्ज के पास लड़की और उसकी मम्मी के calls और मैसेज के सबूत थे लेकिन उसे किसी ने नहीं देखा-सुना.

शिफ्ट इंचार्ज को वन month का salary cheque देकर relieve letter दे दिया गया. चैनल हेड ने और एक अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी ने बहुत कोशिश की लेकिन management ने उनकी नहीं सुनी. लड़की अब अन्य लोगों को भी काफी torture कर रही है. उसके खिलाफ काफी सबूत हैं.

उसकी mother एक समाज संस्था से जुड़ी है तो उसके खिलाफ न्यूज चैनल ग्रुप कोई कार्वायही नहीं कर रहा है. अब शिफ्ट इंचार्ज महोदय बेरोजगार हैं, और लड़की बिना सबूत के उसके character पर कीचड उछाल रही है. बाकी staff के लोग भी उससे डर रहे हैं. सिर्फ 4 साल के experience वाली लड़की के लिए चैनल ने 13 साल के experience वाले प्रोड्यूसर/शिफ्ट इंचार्ज को निकाल दिया.

क्या यह सही है?

क्या अब कोई लड़की से काम करवाएगा तो उसके खिलाफ वो मैनेजमेंट को मेल नहीं करेगी?

वैसे लड़की को अब शिफ्ट इंचार्ज वाली जगह दे दी गयी है, लेकिन निकाले गए पत्रकार के पास सबूत होते हुए भी नाइंसफी हुई..

सबसे गुजारिश है वह उस लड़की से बच कर रहें.

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Comments on “4 साल अनुभव वाली लड़की के लिए चैनल ने 13 साल अनुभव वाले शिफ्ट इंचार्ज को निकाल दिया!

  • बदतमीज लड़की। और उसकी मां। जैसे मालकिन खुद ही है।

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  • How disgusting she is….
    Channel should give him his (shift incharge)job back… with full of respect…
    Everybody should apologize him…. channel should understand the feelings of employee…. he is also a human being….. he lost his job because of that stupid girl…. just bcz he s a boy doesnt mean he s wrong…
    lots of respect for shift incharge….
    Channel should hire him back….

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  • चैनल का नाम क्यों छिपा रहे हो एक्सपोज़ करो l क्या इज्ज़त केवल लड़कियों की ही होती है, उनका नाम बताने से भी उनकी इज्ज़त घट जाएगी?? और जिनकी नौकरी चली गई उनका कुछ नहीं?? इस मीडिया ने लड़कियों के लिए बे-सर पैर के कानून बनाये हैं और अब खुद मीडिया कर्मियों ही भुगत रहे हैं?? मीडियाकर्मियों ने कभी दोतरफ़ा कानून की बात क्यों नहीं की?? क्यों अक्सर पुरुष को ही कलंक बनाया आज ये सवाल अपने से भी पूछिए l और हिम्मत है तो उनका नाम एक्सपोज़ करें l वरना ये सब लिखने से क्या फायदा??? इसी तरह रहा तो आने वाले वक़्त में कोई भी महिला कर्मियों को नौकरी नहीं देगा l फारूख अब्दुल्ला ने भी एक बार ये ही बात कही थी हालांकि तब आप जैसे मीडियाकर्मी ही उनके विरोध में उतर आए थे l समान कानून लाने की बात करें मीडिया कर्मी,वरना आगे भी ऐसे अनर्गल आरोपों के लिए तैयार रहें l धन्यवाद

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  • लड़की ज़रूर तगड़ी होगी…तभी भड़ास पर भी उसका नाम दर्ज नहीं हुआ… वैसे ऐसा सिर्फ मेल शिफ्ट इंचार्ज के साथ नहीं होता…हर चैनल में ‘एंकरनियों’ के आंसू…और तकलीफ, बाकी सभी इंप्लॉई से ऊपर होते हैं… क्यों…इसका जवाब मीडिया के हर कर्मचारी को पता है…
    इसलिए ये कोई नई बात नहीं है… उनकी किस्मत खराब थी कि वो इन मोहतरमा की पहुंच को पहचान नहीं पाए…

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  • विकास says:

    मान्यवर,
    मैं भी वहीं कार्यरत हूं। लेकिन जैसा आपने उपरोक्त घटना को लिखा है। वह एकदम ही उलट है। आप से अनुरोध है कि खबर या घटनाक्रम की तह में जाने का प्रयास करें।

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