एक्जिट पोल क्या इसीलिए हैं?

टॉप करने वाला बच्चा फेल कर जाए तो आत्महत्या कर लेता है। अचानक किसी अनहोनी की सूचना मिले तो हार्ट फेल हो जाता है। ऐसे में 100 सीट की उम्मीद करने वाले को 300 सीट मिलने की सूचना मिले और ऐसे लाखों लोग हों तो वो क्या करेंगे इसकी कल्पना नहीं की जा सकती है। लेकिन उसे पहले से बताया जाए (बताने वाला कोई भी हो सकता है) कि 300 सीटें ही आ रही हैं तो वह तैयार रहेगा। प्रतिक्रिया वैसी नहीं होगी जैसी अचानक सुनने पर होती। क्या एक्जिट पोल यही काम कर रहे हैं। या कराया जा रहा है।

पांच साल के कार्यकाल के बाद (जिसके बारे में बताने के लिए कुछ नहीं था) अमित शाह 300 सीट की उम्मीद कर सकते हैं। उनके समर्थक भी कर सकते हैं और अपना बूथ सबसे मजबूत मानने वाले भी कर सकते हैं। मेरे पास इसपर यकीन करने का कोई कारण नहीं है। हिन्दू मतदाताओं आंख मूंद कर वोट दें – इसके अलावा कोई तर्क नहीं है। हिन्दू मैं भी हूं और ध्यान लगाने का पोज देना और ध्यान लगाने का अंतर समझता हूं। अखबारों में खबरें छपना भी समझता हूं। पर क्या लोग इसी आधार पर वोट देते हैं। मुझे यकीन नहीं है। अमित शाह के कहने पर भी नहीं है। मुझे तो एक्जिट पोल पर भी नहीं है।

अभी मैं इसकी बात नहीं कर रहा कि 300 सीटें कैसे आ रही हैं। मेरा मानना है कि 300 सीटें पाने के लिए जो सब किया गया है उसपर ध्यान न जाए बल्कि यह लगे कि इतनी सीटें तो आनी ही थीं इसलिए एक्जिट पोल ऐसे हैं। जब सीटें मैनेज हो सकती हैं तो एक्जिट पोल भी मैनेज हो सकते हैं। मैं अभी उसकी बात भी नहीं कर रहा कि कैसे? एक्जिट पोल अक्सर गलत हुए हैं। और इस बार भी गलत होते हैं तो निश्चित रूप से बंद कर दिए जाने चाहिए और सही होते हैं तो चुनाव में मीडिया की भूमिका पर भी गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए। आजादी को अराजकता बनने से पहले कुछ करना होगा।

संजय कुमार सिंह की फेसबुक पोस्ट।

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Comments on “एक्जिट पोल क्या इसीलिए हैं?

  • ऋषि says:

    जब EVM की सेटिंग हो गईं हो तो एग्जिट पोल की भी सेटिंग हो जाती है…

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  • utkarsh singh says:

    Publish karne sei pehle dekh lo ki kya likha hai, accha likha hai ya kucch bi bakwaas kar diya hai. Jitne agencies hai sabke exit poll ko kharid liya hai BJP nei? Axis jisne lagbhag sabhi chunaavon mei sahi aakre diye hai, aur jo Modi virodhi patrakaron ka pasandida hai, usko BJP nei kharid liya hai? Yogendra Yadav keh rahe hai ki BJP ko Bengal mei, jitna exit poll bata rahe, usse bi jyada fayda hoga, unko bi BJP nei kharid liya? Sanjay Kumar CSDS ko bi? Barkha ko? Rana Ayyub ko?

    Agar raaste mei chalte kisi aadmi sei puchoge ki kisko vote to 10 me sei 9 aadmi bolega Modi, usne diya ya nahi diya wo koi nahi bata sakta, lekin naam lega Modi ka. Aur wahi Modi, 100 seat ka ummid kar raha tha loksabha elections mei? kucch bi? Jo accha nahi lage usko ban kar do, ess stalinwadi soch sei bahar aao, galti accept karo aur next election mei Modi ko harane ka prayas karo.

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  • राजेंद्र धवन says:

    एक्जिट पोल, एक्जेट पोल नहीं होते

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  • Mohan Tiwari says:

    एक्जिट पोल ज्यादातर फर्जी होते है जिनका उपयोग मतदाता को गुमराह करने के लिए किया जाता है जिससे मतदाता को अपने ओर डाईर्वट कर सके। चैनल के स्टिगर बैठे बैठे एक्जिट पोल का फार्म भर भेज देते है जिनके आधार पर चैनल वाले राजनैतिक पाटियो को जताते ठहराते है।

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