सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुश एचटी प्रबंधन ने सेलरी बढ़ाने का लालीपॉप दिया

मित्रों, मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अड़ियल मीडिया प्रबंधनों में हड़कम्प मच गया है। फैसले के इंतजार में ही इस बार हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका व अमर उजाला सहित कई बड़े अखबारों के कर्मचारियों को न तो इंक्रीमेंट मिला और न ही एप्रेजल भरवाये गये। यदि कुछ जगह एप्रेजल भरवाये गये तो उनपर कार्यवाही नहीं हुई और कर्मचारियों के वेतन में कुछ बढ़ोतरी हुई तो सिर्फ उनकी वेतन विसंगतियों का अंतर तनिक कम करने के लिए।

इसमें कोई शक नहीं कि लड़ाई अब भी काफी कठिन है। लेकिन यह भी सच है कि सुप्रीम कोर्ट ने हमारी लड़ाई के रास्ते और व्यापक कर दिये हैं। इस क्रम में 20 (j) का प्रावधान खत्म किये जाने का सबसे ज्यादा नुकसान जागण प्रबंधन को होने जा रहा है, जो इस प्रावधान की सदैव गलत व्याख्या करता रहा है और उसकी आड़ में हर वेज बोर्ड की रिपोर्ट आने के बाद  कर्मचारियों से अनाप-शनाप दस्तखत कराता रहा है। कुल मिलाकर देखें तो लड़ाई का मजा अब  आएगा।

फिलहाल आज सुबह हिन्दुस्तान प्रबंधन की ओर से एक आंतरिक मेल जारी की गयी है, जिसमें कम वेतन वाले पाने वाले कर्मचारियों की तनख्वाह बढ़ाने की बात कही गयी है। हालांकि इस संदेश में यह जताने की कोशिश भी की गयी है कि कठिन दौर से गुजरने के बावजूद कंपनी को उनका ख्याल है। आइए, देखते हैं कि अन्य मीडिया घराने क्या रुख अख्तियार करते हैं। ..धन्यवाद

हिन्दुस्तान प्रबंधन द्वारा जारी आंतरिक मेल भी आपके लिए प्रेषित कर रहा हूं….

Dear All,

The Company went through a difficult last year, seriously affected by the sluggishness in economy especially post the de-monetisation initiative in Nov’16. The revenues we delivered were way below our Plans for the year and while we worked hard on our cost structure, it simply could not compensate for the revenue shortfall. With the first quarter of current financial year almost behind us, it is clear that the challenge on revenues will continue for more time.

Anticipating a high likelihood of this scenario, it was decided as a part of our Annual Operating Plan for FY 17-18 that there would be no Salary increase this year.

However, the Variable Performance Bonus for FY 16-17 was paid along with May’17 salary to all the eligible people.

It has now also been decided that while no salary change shall be made this year, a special fixed monthly payment shall be made (for the period Apr’17-Mar’18) to those people whose relative salary is low. This will be done across HTDS, HTML and HMVL for the least salaried covering 2/3rd of the people in each of these organizations. This payment will be made to the eligible people (having worked for more than 6 months in the last financial year with no reportable performance and disciplinary issues) equally spread over 12 months of the current financial year. For such people who have joined post 1st April 2016, the payout will be prorated for the duration of the year that they have worked. The first payment will happen in the June salary with arrears for April and May.
Let’s all work towards making the current financial year a success.

Best wishes,
Sharad

लेखक योगेश कुमार गुप्त ‘पप्पू’ वरिष्ठ पत्रकार हैं.

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