ये है साहस की पत्रकारिता : इंडियन एक्सप्रेस ने स्मृति ईरानी और दिल्ली हाईकोर्ट को आइना दिखाया!

संजय कुमार सिंह-

प्रचार देखिए, प्रचारकों का खेल देखिए और कल्पना कीजिए कि मीडिया 2014 से पहले जैसा होता तो आज क्या खबरें होतीं… जब यह प्रचारित कर दिया गया कि गोवा का चर्चित बार स्मृति ईरानी की बेटी के नाम से नहीं है और सारा विवाद सिर्फ बदनाम करने के लिए है तो आज इंडियन एक्सप्रेस ने यह खबर छाप दी कि ईरानी परिवार के ‘कारोबार’ का पता वही है जो चर्चित रेस्त्रां का है।

वैसे, अगर आपने स्मृति ईरानी की बेटी का वीडियो देखा हो और मान लें कि यह सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध है और देखा जा चुका तो यकीन नहीं कर पाएंगे कि रेस्त्रां से बिटिया का संबंध नहीं है। पर प्रचार अजूबे करता है। देखते रहिए। इसलिए भी कि प्रचारकों के पास पैसा और ताकत भी है।

इंडियन एक्सप्रेस की खबर में क्या है उसे मोटे तौर पर रवीश कुमार ने हिन्दी में बताया है, जो नीचे है।

रवीश कुमार-

परिवारवाद की विरोधी स्मृति ईरानी का बिज़नेस में ईरानी परिवार है? जिस दिन दिल्ली हाई कोर्ट ने फ़ैसला दिया कि गोवा का बार ईरानी और उनकी बेटी का नहीं है उसके अगले दिन इंडियन एक्सप्रेस रिपोर्ट छापता है कि जिस जगह पर यह बार है, उसमें उन कंपनियों का निवेश है, जिसमें ईरानी परिवार की हिस्सेदारी है।

इस ख़बर के बाद गोदी मीडिया विपक्ष के भ्रष्टाचार का कवरेज तेज़ कर देगा ताकि यह ख़बर खो जाए। या आज कोई बड़ा कांड होगा, जिसकी आँधी में यह ख़बर उड़ जाएगी।

मुझे लगता है एक्सप्रेस की रिपोर्ट पर स्मृति ईरानी तो प्रेस कांफ्रेंस करेंगी। क्या आपको भी यही लगता है? एक्सप्रेस की रिपोर्ट ने हाई कोर्ट के फ़ैसले को किस कटघरे में खड़ा कर दिया है? क्या आप समझने लायक़ बचे भी हैं?

इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी इस रिपोर्ट में स्थापित किया है कि ईरानी परिवार ने दो कंपनियाँ बनाई हैं। एक का नाम है Ugraya Mercantike Pvt Ltd, दूसरी का नाम है, Ugraya Agro Farms Ltd, दोनों में स्मृति के पति हैं, पुत्र और पुत्रियाँ शेयर होल्डर हैं। इन दोनों में कुल मिलाकर चार ईरानी हैं। दोनों में ज़ुबान ईरानी की हिस्सेदारी 67 प्रतिशत है। बेटियों की हिस्सेदारी भी एक समान है।

ये चारों मिलकर 2020-21 में दो कॉपियाँ बनाते हैं और एक तीसरी कंपनी Eightall food beverages में निवेश करते हैं। Eightall 2020 में बनी थी। इसी में ईरानी परिवार की दो कंपनियों का निवेश होता है।

एक्सप्रेस के संदीप सिंह और मयूरा जांवलकर ने अपनी खोजी रिपोर्ट में दिखाया है कि GSTIN रिकार्ड में Eightall ने वही पता दिया है, जिस पर Silly Souls Goa Cafe है। दोनों का पता एक ही है। यह भी साफ़ किया है कि दोनों कंपनियों में स्मृति ईरानी का शेयर नहीं है। उनके बच्चों और पति का है।

इसे कहते हैं, जर्नलिज्म ऑफ करेज। भले कभी-कभी हो।



 

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One comment on “ये है साहस की पत्रकारिता : इंडियन एक्सप्रेस ने स्मृति ईरानी और दिल्ली हाईकोर्ट को आइना दिखाया!”

  • Ravindra nath kaushik says:

    मेरा निवेश दर्जन-भर कंपनियों- वोडाफोन आईडिया,टाटा स्टील, बिरला सोफ्टवेयर, महेंद्रा ऐंड महिंद्रा, इन्फोसिस और विप्रो में है। तो क्या उनके काले-सफेद का मैं जिम्मेदार हो गया?
    रबीस कांग्रेस का पालतू था और है। जो जितना बड़ा ब्लैकमेलर, उतनी बड़ी उसकी पत्रकारिता। अवैध बने इंडियन एक्सप्रेस भवन को बचाने को रामनाथ गोयनका शेर बनें रहते थे। इंडियन एक्सप्रेस को बोलो, ईरानी के खिलाफ कोर्ट में पार्टी बने। फैसला तो कोर्ट में ही होना है, अखबार के पन्नों में नहीं।

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