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इंटरनेट कंज्यूमर की आजादी पर खतरा, अलग सर्विस के लिए कसेगा अलग पैक्स का शिकंजा

इंटरनेट पर सर्फिंग, स्पीड को और सर्विस के लिए अब अलग से पैकेज खरीदने को लेकर सर्विस प्रोवाइडर कंपनियां हरकत में आ रही हैं। भारती एयरटेल और फ्लिपकार्ट की डेटा डील में एयरटेल के प्लेटफॉर्म, जिसका नाम एयरटेल जीरो है, पर फ्लिपकार्ट के एप्प को खास अहमियत मिलेगी। इस डील को कंज्यूमर विरोधी माना जा रहा है। यानी अब इंटरनेट पर आम आदमी की आजादी खतरे में है। इंटरनेट पर अलग-अलग सर्विसेस के लिए अलग-अलग पैक्स की शर्तों का पालन करना पड़ेगा। 

इंटरनेट पर सर्फिंग, स्पीड को और सर्विस के लिए अब अलग से पैकेज खरीदने को लेकर सर्विस प्रोवाइडर कंपनियां हरकत में आ रही हैं। भारती एयरटेल और फ्लिपकार्ट की डेटा डील में एयरटेल के प्लेटफॉर्म, जिसका नाम एयरटेल जीरो है, पर फ्लिपकार्ट के एप्प को खास अहमियत मिलेगी। इस डील को कंज्यूमर विरोधी माना जा रहा है। यानी अब इंटरनेट पर आम आदमी की आजादी खतरे में है। इंटरनेट पर अलग-अलग सर्विसेस के लिए अलग-अलग पैक्स की शर्तों का पालन करना पड़ेगा। 

एयरटेल जीरो के अलावा मार्केट में रिलायंस-इंटरनेट डॉट ओआरजी पर फेसबुक फ्री, एयरसेल पर विकीपीडिया जीरो पैक, एयरटेल पर गुगल फ्री जोन, रिलायंस पर ट्विटर फ्री पैक और एयरसेल पर फेसबुक और व्हाट्सएप्प पैक जैसी स्कीम चल रही हैं। एयरटेल जीरो के नाम से भारती एयरटेल ने प्लेटफॉर्म लॉन्च कर दिया है। इस करार के तहत फ्लिपकार्ट को प्रिविलेज मिलेगा। माना जा रहा है कि एयरटेल और फ्लिपकार्ट के इस करार से नेट न्यूट्रालिटि का उल्लंघन होगा। 

ट्राई के मुताबिक नेट न्यूट्रालिटी में सभी को बराबरी मिलनी चाहिए। एयरटेल और फ्लिपकार्ट का ये करार ट्राई की मूल भावना के खिलाफ है। सर्विस प्रोवाइडर नेट इस्तेमाल का दाम तय नहीं कर सकता है और ट्राई इस पर डिस्कशन पेपर जारी कर चुका है। भारती एयरटेल ने फिलहाल करार पर टिप्पणी से इनकार किया है।

मीडिया बाजार के जानकारों का कहना है कि एयरटेल की डील के बाद कंज्यूमर की चॉइस कम हो जाएगी। अगर आप इसकी सर्विस लेना चाहते हैं तो कंज्यूमर को खासकर एयरटेल का कनेक्शन लेना पड़ेगा। एयरटेल-फ्लिपकार्ट डील कंज्यूमर विरोधी होगी क्योंकि इसमें आने वाले समय में अगल अगल तरह की सर्विसेज के लिए अलग अलग कीमतें चुकानी होंगी।

ट्राई पहले ही इस पर डिस्कशन पेपर जारी कर चुका है और लगातार टेलिकॉम कंपनियां आय में शेयर चाहती हैं। वो चाहती हैं कि कंज्यमूर के अलावा कंपनियां भी टेलीकॉम प्रोवाइडर को पैसे दें। एयरटेल जीरो मेक इन इंडिया और स्टार्ट-अप इको सिस्टम के लिए घातक है। एयरटेल-फ्लिपकार्ट डील पर फ्लिपकार्ट ने जवाब दिया है कि हमें भविष्य में होने वाले किसी करार की अटकलबाजी पर कुछ नहीं कहना है। आगे ये करार हो भी सकते हैं और नहीं भी। पहले भी कंपनी ने सभी काम कानून के मुताबिक किये हैं। 

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