काले धन से हरीश रावत का नाम जोडने पर पत्रकार गिरफ्तार

स्विस बैंक में काला धन जमा करने वालों की सूची में मुख्यमंत्री हरीश रावत का नाम नौवें नंबर पर होने का मैसेज वाट्सएप पर भेजना रुद्रपुर के एक तथाकथित पत्रकार को महंगा पड़ गया। वही दूसरी ओर हरिद्वार सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने यह आरोप  लगाया कि एक व्यक्ति जो कि उत्तराखण्ड सरकार में जिम्मेदार पठ पर बैठा है, उसका भी खाता स्विस बैंक में है,  हालांकि हरिद्वार सांसद उस जिम्मेदार व्यक्ति का नाम सार्वजनिक करने के लिए तैयार नहीं हुए, सही समय आने पर इसका खुलासा करने की बात उन्होंने कही।

भाजयुमो की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में भाग लेने आए निशंक ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि राज्य के विकास को प्रदेश सरकार ने ठप्प कर दिया है। उन्होंने बिना नाम और पद बताए कहा कि प्रदेश की सरकार में काबिज एक जिम्मेदार व वरिष्ठ व्यक्ति का खाता भी स्विस बैंक में है। कई बार उस व्यक्ति का नाम पूछे जाने पर भी उन्होंने उसके नाम का खुलासा नहीं किया। वही रुद्रपुर में पुलिस ने आरोपी तथाकथित पत्रकार को मामले की तहरीर पर आईटी एक्ट में गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से प्रभारी सीजेएम अंबिका पंत की अदालत ने उसे 15-15 हजार के दो जमानतियों पर रिहा करने के आदेश किए हैं। कोतवाल अजय ध्यानी ने बताया कि कीरतपुर निवासी अरुण कुमार पांडे ने पुलिस को सौंपी तहरीर में कहा कि 26 अक्तूबर को वह कांग्रेस नेता पुष्कर राज जैन के साथ था।

इसी दौरान उनके मोबाइल पर दोपहर तीन बजे हिमांशु गावा नाम के व्यक्ति ने वाट्सएप के जरिए एक मैसेज भेजा, जिसे अर्पित राज कक्कड़ ने वाट्सएप के जरिये गावा समेत कई लोगों को भेजा। मैसेज में विकीलिक्स द्वारा स्विस बैंक में काला धन रखने वालों की सूची भेजी दिखाई गई है। स्विस बैंक में काला धन जमा करने वाले 13 भारतीयों की पहली सूची बताते हुए इसमें मुख्यमंत्री हरीश रावत को नौवें स्थान पर दिखाया गया है। उनके नाम के आगे 75000 हजार करोड़ अंकित है। अरुण का आरोप है कि इस मैसेज के जरिए सुनियोजित तरीके से मुख्यमंत्री रावत की प्रतिष्ठा को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोपी अर्पित राज कक्कड़ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ 66ए,बी,सी और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसे सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे 15-15 हजार के जमानतियों के आधार पर रिहा कर दिया गया। एसएसपी उधमसिंह नगर नीलेश आनंद भरण ने बताया कि इस तरह सोशल मीडिया के जरिए आपत्तिजनक और भ्रामक संदेश न भेजें। इसके लिए ग्रुप एडमिन की भी नैतिक जिम्मेदारी है। कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ वाट्सएप के जरिए भ्रामक संदेश भेजने वाले के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है

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