ये लिखते हुए मेरा कलेजा भर आया, अपने बच्चों की शक्ल याद आई

ये लड़का जो पकड़ा गया है कासिम खान । क्या उम्र होगी ? बमुश्किल 20 – 22 साल या शायद उस से भी कम ? 16 – 17 साल ? मुझे कसाब की शक्ल भी याद आती है । वो तो इस से भी छोटा था उम्र में । सच कहूँ, मुझे कभी गुस्सा नहीं आया कसाब पर, बल्कि दया आई ।

उसने अपनी कहानी सुनाई थी । कहता था कि मैं बमुश्किल 13 – 14 साल का था, पंजाब सीमा के पास ही मेरा गाँव था । लश्कर वाले आये और उन्होंने मेरे बाप को कुछ पैसे दिए और मेरे बाप ने मुझे भेज दिया उनके साथ । मुझे नहीं पता था कि ये कौन लोग हैं और मुझे कहाँ ले जा रहे हैं । फिर मुझे कई साल ट्रेनिंग दी गयी । दो तीन लड़कों ने उस ट्रेनिंग कैंप से भागने की भी कोशिश की। उन्हें गोली मार दी गयी । फिर मुझे कराची से मुम्बई भेज दिया गया ।

कसाब के बाप ने एक तरह से उसे लश्कर के हाथ बेच दिया था । कोई बाप अपने मासूम बेटे को इस तरह कसाइयों को नहीं सौंप देता । यकीन मानिए, ये लिखते हुए मेरा कलेजा भर आया है । मुझे अपने बच्चों की शक्ल याद आती है । 

और आखिर कौन हैं ये लश्कर वाले ? हैं तो मेरे आपके जैसे इंसान ही न । बस इनकी संवेदनाएं मर गयी हैं । क्यों मर गयी ? किसने मारी ? मैं हमेशा से एक बात लिखता आया हूँ । आज फिर दोहरा रहा हूँ । इन लोगों का भी कोई दोष नहीं । न लश्कर का न कसाब का और न इस कासिम खान का। ये सब खुद विक्टिम्स हैं इस्लाम के, सताये हुए । या खुदा, इन्हें माफ़ कर देना ।

अजित सिंह के एफबी वाल से



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