कुम्भ में बिछड़ी महिला को ग़ाज़ीपुर के पत्रकार और उनके भाई ने परिजनों से मिलाया

गाजीपुर : प्रयागराज में कुंभ के मौनी अमावस्या स्नान के दौरान करीब 42 हजार लोग अपने परिजनों से भीड़ की वजह से बिछड़ गये. ऐसी स्थिति में फंसी एक महिला सुराही बिंद जो कि ग़ाज़ीपुर के करंडा थाना क्षेत्र के नारी पचदेवरा गांव की निवासी हैं, कुम्भ में अपने परिजनों से बिछड़ कर कुम्भ स्थल से काफी दूर प्रयागराज के सिविल लाइंस स्थित रेलवे कॉलोनी पहुंच गईं.

वहाँ रेलवे में कार्य करने वाले एसपी तिवारी से उसने आपबीती सुनायी. महिला स्नान करके अपना कपड़ा भी नहीं बदल पायी थी क्योंकि उनके कपड़े उनके परिजनों के पास थे, जो उनसे बिछड़ गये थे. एसपी तिवारी ने मानवता का परिचय देते हुए पहले तो सुराही बिंद को कपड़ा खरीदा और उसके बाद अपने विभाग में काम करने वाले लोको पायलट मयंक तिवारी को इस महिला के बारे में जानकारी दी.

मयंक ने अपने बड़े भाई आशुतोष त्रिपाठी को, जो कि ग़ाज़ीपुर में पत्रकार हैं, को सूचना दी. इस दौरान पत्रकार आशुतोष गोरखपुर में थे. पर जैसे ही उनको अपने भाई द्वारा इस महिला के बारे में पता चला, उन्होंने तत्काल गाजीपुर एसपी ग्रामीण सीपी शुक्ला और करंडा एसओ राजीव सिंह से बात की. एसओ ने भी तुरंत सुराही देवी के परिजनों को इसकी जानकारी दी. सुराही बिंद के लड़के से उनकी बात करायी. फिलहाल राहत की बात है कि कुम्भ में बिछड़ी सुराही सकुशल अपने परिजनों तक पहुंच गईं हैं.

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