सीतापुर का ये शख्स पत्रकार नहीं बल्कि डीएम का पीए बन गया है! (देखें वीडियो)

डीएम ने स्वीकार किया कि मेले में पानी की व्यवस्था नहीं। लेकिन दैनिक जागरण के लिए खबर लिखने वाले एक महोदय बोले कि पानी की व्यवस्था है। अगर सवाल जिलाधिकारी से पूछा जाए और उसका जवाब एक मीडिया कर्मी देने लगे तो यह बात बहुत अटपटी बात है।

सीतापुर जिले के पिसावां ब्लाक में पंडित दीन दयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी के अवसर चल रहे अन्तोदय मेले में आयीं जिलाधिकारी सारिका मोहन जब पत्रकारों से वार्ता कर रही थीं उसी दरम्यान पत्रिका के पत्रकार ने डीएम से सवाल किया कि मैडम, ब्लाक में मेले का तो आयोजन कर दिया गया लेकिन मेले में पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है। इस पर डीएम सारिका मोहन ने बीडीओ की तरफ देखते हुए इस मामले पर जवाब मांगा। उन्होंने बीडीओ पिसावां एके चौबे की लापवाही स्वीकार करते हुए माना कि पीने के पानी का टैंकर नहीं मंगवाया गया। कई पत्रकार उक्त समय रिकार्डिंग कर रहे थे।

उसी समय अखिलेश सिंह नामक पत्रकार ने बीच में बात काटने का प्रयास करके सबको चौंका दिया। इस कार्यक्रम में इस प्रश्न पर एक तरफ सारिका मोहन जवाब दे रही थीं वहीं अखिलेश सिंह इस पर सफाई देने में जुट गए।  दैनिक जागरण के लिए खबर लिखने वाले पत्रकार के रूप में खुद प्रस्तुत करने वाले पत्रकार अखिलेश सिंह बीच में ऐसे बोल पड़े जैसे ब्लाक में पानी ही पानी है।

एक तरफ एक मीडिया कर्मी सवाल पूछ ही पाया कि दूसरी तरफ डीएम के आधे अधूरे जवाब के साथ अखिलेश की आवाज आने लगी। वह कह रहे थे कि पानी की समस्या नहीं है, पानी तो है। अखिलेश ने ‘पानी तो है’ कई बार कहा जो वीडियो में रिकार्ड हो गया। उक्त हरकत से वहाँ मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। वहीं उक्त पत्रकार की इस कार्यशैली से तमाम सवाल भी खड़े हो गए। इस प्रकार की पत्रकारिता की वजह समझना बहुत मुश्किल बात नहीं है। फिलहाल पीने के पानी की व्यवस्था पर पत्रकार अखिलेश की सफाई की बात शायद ही कोई पचा सके।

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सीतापुर से रामजी मिश्र की रिपोर्ट.

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