दैनिक भास्कर ब्यूरो चीफ के साथ हुई घटना पर पुलिस के नाकारापन से पत्रकारों में आक्रोश

पत्रकार प्रेस परिषद और ग्रामीण पत्रकार एसोसिएसन ने बैठक कर दी आन्दोलन की चेतावनी…
हाथरस। दैनिक भास्कर के ब्यूरो चीफ के साथ रेल में हुयी घटना और अपनी जान
बचाकर थाने में शरण लेने के बाद थाने में मारपीट और अभ्रदता की घटना से
आहत अपने सम्मान के लिए अकेले लड रहे पत्रकार की लडाई में जनपद के
पत्रकार संगठनों ने हुंकार भरना शुरू कर दिया है। जहां एक ओर पत्रकार
प्रेस परिषद ने बैठक कर प्रशासन को जल्द कार्यवाही न होने पर आंदोलन की
चेतावनी दी है तो वहीं ग्रामीण पत्रकार एसोसिएसन ने भी बैठक कर पत्रकार
संदीप पुण्ढीर के सम्मान की लडाई में धरने पर बैठ जाने की हुंकार भरी है।
पत्रकार प्रेस परिषद की बैठक संत आशाराम बापूजी आश्रम पर अरुण भाई गुरुजी
की अध्यक्षता में तथा मनोज कुमार के संचालन में सम्पन्न हुई। 

ग्रामीण पत्रकार एसोसिएसन की बैठक पीसी शर्मा की अध्यक्षता में व
नीरज चक्रपाणि के संचालन में सम्पन्न हुई। दोनों ही बैठकों में दैनिक
भास्कर के ब्यूरो चीफ संदीप पुंढीर के साथ हुई घटना एवं बिल्हौर में
पत्रकार नवीन गुप्ता की हत्या पर विचार विमर्श किया गया तथा आगे की
रणनीति बनाई गई। पत्रकार प्रेस परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए
वक्ताओं ने कहा कि यूपी में पत्रकार सुरक्षित नही है लगातार पत्रकारों पर
हमले हो रहे है परंतु शासन और प्रशासन इस और कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार संदीप पुंढीर के साथ जंक्शन थाने में खूंखार
अपराधियों जैसा व्यवहार किया जाता है। वह अपने पत्रकार होने के सारे
साक्ष्य पेश करते हैं फिर भी थाने में उनकी एक नहीं सुनी जाती और उनके
साथ थाने के अंदर मारपीट तथा अभ्रदता की जाती है। उनके पीछे लगे बदमासों
को पुलिस भागने का मौका देती है। इससे पुलिस की कार्यशैली पर सबाल खडे हो
रहे हैं।  वहीं ग्रामीण पत्रकार एशोसियेशन की बैठक को सम्बोधित करते हुये
वक्ताओं ने कहा कि बिल्हौर में जिस प्रकार कलम के सिपाही की हत्या कर दी
गयी और अभीतक अपराधी बैखोफ घूम रहे हैं तो वहीं हाथरस में दैनिक भास्कर
के ब्यूरो चीफ संदीप पुंढीर पर ट्रेन में घर जाते वक्त उनका हमलावरों
द्वारा घेराव करने की घटना से स्पष्ट है कि यूपी में पत्रकारों की
सुरक्षा रामभरोसे है। वहीं घटना में जक्शन  पुलिस की कार्यशैली अपराधियो
और पुलिस के गठजोड़ के संकेत दे रही है।  

दैनिक भास्कर के संदीप पुंढीर संग घटना से स्पष्ट है कि यूपी में पत्रकारों की
सुरक्षा रामभरोसे है। वहीं घटना में जक्शन  पुलिस की कार्यशैली अपराधियो
और पुलिस के गठजोड़ के संकेत दे रही है। दोनों ही संगठनो की बैठकों  में
पूरी घटना की जांच कराकर जल्द कार्यवाही किये जाने की मांग के साथ ही
प्रशासन को आरोपी जंक्शन थाना प्रभारी सूर्यकांत दुबे पर कार्यवाही नही
होने पर  आंदोलन करने चेतावनी भी दी गयी। बैठकों में पत्रकार नवीन गुप्ता
को श्रद्धांजलि देकर सरकार से उनके परिवार को सरकारी मदद प्रदान करने की
मांग की गई। पत्रकार प्रेस परिषद की  बैठक में प्रमुख रूप सेऋषभ प्रताप,
सुनील कुमार, राजेश त्रिगुणायत, सचिन कुमार , रवेन्द्र सिंह, यतेन्द्र
चैधरी, राहुल कुमार, दीपेश भारद्वाज, हनी वार्ष्णेय, रितुराज चंचल, मयंक
बसिष्ठ, हरेंद्र चोधरी, मानपाल सिंह, नेत्रपाल पाठक, पीसीशर्मा, संजीव
वर्मा, भोला चैहान आदि मौजूद थे। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएसन की बैठक में
प्रमुख रूप से राजेश सिंघल , सूरज मौर्या , दीपेश भारद्वाज , अमित शर्मा
, शम्मी गौतम , रवि कुमार , सुनील ,कान्हा गुप्ता , सुनील दीक्षित , मनोज
शर्मा , बृजमोहन , श्यामू मिश्रा , रमेश चंद शर्मा , जिम्मी , दीपेश
शर्मा , चंद्रेल ,रानू जैन ,सुनील कुमार, सचिन कुमार , हनी वाष्णेय, मयंक
बसिष्ठ, हरेंद्र चोधरी आदि मौजूद थे।

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