एक श्रद्धा पुष्प जगेंद्र के नाम

कुछ क्रूर भेड़िए

सफेदपोश का लबादा ओढ़े

समाज में छिपे बैठे हैं

उन्हें चेतावनी ?

तुम सुधर जाओ

हमारी कलम कब तक तोड़ोगे

एक जुगेन्द्र को जिंदा जला कर मार डाला

चुनौती

तुम्हारे गुनाहों पर पर्दा नहीं डाल सकेगा

हम सभी खबरनबीसों को शूली पर चढ़ा दो

तब भी

कितनी मांओं की कोख से

और जुगेन्द्र पैदा होंगे

उनकी कलम की स्याही इतनी सुर्ख होगी

कि तब देश की हर गली मुहल्ले से

बच्चे, वृ़द्ध, बहनें, मांए

जुगेन्द्र की शक्ल का मुखौटा पहन कर

तुम्हे तुम्हारी मां की कोख में ही दोबारा ठूंस आयेंगी

– अरूण ठाकुर, स्ट्रिंगर-दूरदर्शन समाचार संपर्क : 9219171084

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