प्रमोद तिवारी ने कल जो नई प्रोफाइल फोटो अपलोड की, वह अब श्रद्धांजलि-RIP पिक्चर बन चुकी है

Yashwant Singh : जैसे मौत ने लगातार स्तब्ध करते रहने का इरादा कर लिया हो। चर्चित संपादक, कवि और गीतकार प्रमोद तिवारी जी नहीं रहे। उनके साथ कवि केडी शर्मा हाहाकारी जी की भी मौत! बीती रात लखनऊ-कानपुर हाइवे पर कार दुर्घटना में इन दोनों का निधन हुआ। दैनिक जागरण कानपुर के पूर्व संपादक प्रमोद तिवारी का भड़ास पर इंटरव्यू छापने के लिए मैंने उन्हें सवालों की एक लिस्ट भेजी थी, जिसका उत्तर अब कभी न आएगा।

उनके व्यक्तित्व का मैं मुरीद हूं। बेबाक, दबंग, सृजनशील, संवेदनशील और सरोकारों से लैस। उनने पत्रकारिता की एक पूरी पीढ़ी तैयार की। कानपुर वाले इसे सबसे बेहतर जानते हैं। उनके सिखाए पढ़ाए कई शिष्य आज बड़े अखबारों में संपादक हैं। समझ नहीं आ रहा उनके लिए क्या क्या और कितना लिखूं।

प्रमोद जी ने अपनी इस तस्वीर को कल ही प्रोफाइल पिक्चर के रूप में अपलोड किया था। किसे मालूम था, जीवन और जीवन्तता की ये तस्वीर आखिरी बन कर टँग जाएगी और श्रद्धांजलि-RIP पिक्चर में तब्दील हो जाएगी। नमन प्यारे भाई, बड़े भाई।

प्रमोद जी को फेसबुक पर देखने के लिए नीचे क्लिक करें :

https://www.facebook.com/profile.php?id=100005503937570

भड़ास एडिटर यशवंत की एफबी वॉल से. उपरोक्त स्टेटस पर आए ढेर सारे कमेंट्स में से कुछ प्रमुख यूं हैं :

Manu Laxmi Mishra मेरे पास शब्द नहीं है,मुझे छुटकी कहकर बुलाते थे,मैं कहती थी कि आपके साथ मेरी कोई फ़ोटो नहीं है तो कहते कानपुर आ जाओ दोनो भाई बहन कविता पढ़ेंगे और फ़ोटो खिंचायेंगे..

Madan Tiwary मौत अब लुभाने लगी है, बेवजह जीने की वजह समझ मे आने लगी है । किसको याद करना और किसे भुलाना, क्या फर्क पड़ता कौन रोता है और कौन गुनगुनाता, चिता सजी या मय्यत,कंधे मिले न मिले, आता कहां है कोई लौटकर यह देखने… बेवकूफ हैं हम… बनाते हैं खुद का ही ताजमहल।

Mohit Tiwari बहुत द्रवित हो गया अंदर से ये खबर सुनकर…अपने कानपुर के प्रमोद जी को मंच पे भी सुना और यू ट्यूब पे भी..उन्हीं की पंक्तियां हैं
वो चला जायेगा उसकी चाहतें रह जाएंगी
जिंदगी भर के लिए बस आहटें रह जाएंगी

Sunit Nigam यह दुर्घटना से पहले काव्य मंच की तस्वीर जो अब आखिरी बन गई

Dev Kumar Pukhraj काल की गति और विधि के विधान पर बस नहीं चलता । कब कौन कहां से उठ जाए, कहना-समझना मुश्किल है। पत्रकारिता औऱ हास्य विधा दोनों को भारी क्षति। श्रद्धांजलि

Vidya Shanker Tiwari दुःखद, एक के बाद एक पत्रकार चले जा रहे हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करे। विकास मिश्र बहुत ही दुखद घटना। मैं प्रमोद तिवारी जी से वाकिफ था। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।

Dharmendra Pratap Singh वाकई, बहुत दुखद हुआ… ईश्वर उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दे !

Nazeer Malik अलविदा प्रमोद भैया।

Ashwini Sharma नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि

Devendra Deva बेहद दुःखद… ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे

Pankaj Shukla बहुत दु:खद समाचार, प्रमोद दादा बेजोड़ थे.

Hemant Sharma क्या हो रहा है जमाने को, पत्रकारों का बुलावा बहुत आरहा है आज कल, भगवान दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में जगह दें और परिवार को इस दुखद घड़ी से उबरने में मदद करें, किसी सहयोग की जरुरत हो तो जरूर याद कीजियेगा, अपने पत्रकार परिवार के लिये हमेशा अग्रसर रहने की कोशिश…

Shashikant Awasthi दुःखद, यशवंत भाई। कानपुर लगातार झटके खा रहा है। एक से एक ह्दय विदारक। कैसे सांत्वना दूं या लूं, समझ में ही नहीं आ रहा है। ॐ शांति।

Brajmohan Kumar दस पैसों की पूरियों वाली चूर्ण… उन्हीं के द्वारा रचित है। मेरा सौभाग्य रहा कि हिंदी अकादमी के रजत जयंती समारोह में नीरज संग उन्हें सुना था। पहले पत्रकार थे। सत् सत् नमन।

मूल खबर….

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