पब्लिक एप छत्तीसगढ़ के पीड़ित पत्रकार हुए एकजुट, तीन दिन तक खबर न भेजने का ऐलान

छत्तीसगढ़ में जब से पब्लिक एप में विज्ञापन की शुरुआत हुई है तब से ज्यादातर पत्रकार साथी प्रताड़ित हो रहे हैं. शुरुआत के दिनों में काम अच्छा चल रहा था. पत्रकार कम्पनी को विज्ञापन भी दे रहे थे. लेकिन समय के साथ मार्केटिंग टीम की भूख इस कदर बढ़ गई कि वे लोग पत्रकारों को परेशान करने लगे.

आज के समय में छत्तीसगढ़ के सभी पत्रकार मानसिक रूप से प्रताड़ित है . हमारी एक ही मांग है कि पत्रकार सिर्फ खबर लगाए, विज्ञापन के लिए अलग से टीम नियुक्त करें जो कम्पनी को विज्ञापन लाकर दे. हम कम्पनी को हर तरह से सपोर्ट करने के लिए तैयार हैं लेकिन विज्ञापन के लिए कोई टारगेट ना रखा जाए.

अब एक खबर के पीछे 3 हजार रुपए मासिक विज्ञापन का टारगेट दिया जा रहा है. अगर किसी तहसील से पत्रकार को 10 खबर लगाने का टारगेट है तो मार्केटिंग टीम द्वारा 10×3000 = 30000 रुपए विज्ञापन देने का दबाव बनाया जाता है.

छत्तीसगढ़ पब्लिक एप में काम करने वाले पत्रकरों ने यह निर्णय लिया है कि 6 नवम्बर से 8 नवम्बर छत्तीसगढ़ के जिले और मुख्यालय से खबर नहीं लगाएंगे. कई बार परेशानी बताई गई है लेकिन वे पत्रकार की समस्या को नहीं सुनते. अपनी चिकनी चुपड़ी बातों पर फंसा कर फिर से काम निकलवा लेते हैं.. पब्लिक एप के लिए पत्रकार सिर्फ विज्ञापन लाने की मशीन बन गया है..

पब्लिक एप से पीड़ित पत्रकारो के ग्रुप में आया मैसेज यूं है-
बैठक का कार्यवृत्त
आप सभी साथियों को नमस्कार 4 नवंबर, शुक्रवार दोपहर 12 बजे छत्तीसगढ़ पब्लिक एप के पत्रकार साथियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक 1:05 pm संपन्न हुई। इस बैठक में प्रदेश के अलग अलग जिलो से 120 से अधिक पत्रकार साथियों ने भाग लिया।
बैठक में सभी की सहमति से यह निर्णय लिया गया है कि 6 नवंबर से 8 नवंबर तक छत्तीसगढ़ से एक भी खबर नही लगाई जाएगी। इसके लिए सभी जिला मुख्यालय ब्लॉक तहसील के पत्रकारों से निवेदन है कि वह 6 नवंबर से 8 नवंबर तक कोई भी खबर ना लगाएं। हम सभी की एक सूत्री मांग है कि हमारे पत्रकार साथियों को विज्ञापन के नाम पर प्रताड़ित नही किया जाए सभी साथियों से सहयोग की अपेक्षा है। सभी इस आंदोलन में अपना पूर्ण समर्थन दें और विरोध स्वरूप 3 दिनों तक एक भी खबरें एप्लीकेशन में ना लगाई जाए।
Note- जिन पत्रकारों को अन्य जिलों का टारगेट दिया जा रहा है और वे अज्ञानता वश ऐसा कर रहे हैं तो उनसे भी निवेदन है वह भी अपना सहयोग दें. पत्रकार एकता दिखाना आवश्यक है ताकि सभी प्रताड़ना से मुक्त हो पाए।
पब्लिक एप पत्रकार एकता जिंदाबाद
Three_day_no_story
विज्ञापन के नाम पर पत्रकारों का शोषण बंद करो
We want stress free working culture



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