साप्ताहिक रणभूमि एक्सप्रेस को दैनिक करेंगे बृजेंद्र, कई पदों के लिए आवेदन आमंत्रित

बृजेन्द्र कुमार त्रिपाठी-

पत्रकारिता एक खोज… जीतने वाले कुछ अलग नहीं करते बल्कि हर काम को अलग ढंग से करते हैं। इसी सोच के साथ मैंने भी पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा। पिछले छह साल से लखनऊ से साप्ताहिक रणभूमि एक्सप्रेस निकालते हुए मुझे लगा कि अब इसे दैनिक अखबार हो जाना चाहिए।

मौका भी है, दस्तूर भी है की नीति को अपनाते हुए हम अब अपने अखबार रणभूमि एक्सप्रेस को दैनिक करने जा रहे हैं।

अब तक के सफर में अखिलेश मिश्रा, कृष्ण कुमार पांडेय, वीरेंद्र सिंह, अल्का पांडेय,राजमणि शुक्ला, अतुल तिवारी ने पूरे जी-जान से अपना सहयोग दिया जिस से रणभूमि एक्सप्रेस ने पत्रकारिता जगत में एक अलग ही स्थान बनाया।

अब रणभूमि एक्सप्रेस को अपने दैनिक संस्करण के लिए हमें कुछ और साथियों की जरूरत है, जो मेहनती हों, मिशन के रूप में काम करना चाहते हो और एक सार्थक जज्बा रखते हों।

तो आइए हम सब मिलकर एक और नई शुरुआत करें और जनता के लिए, जन सरोकार से जुड़ी सूचनापरक खबरों का दैनिक अखबार निकालें जो सबके लिए उपयोगी हो और अपनी रचनात्मकता सिद्ध कर सकें हम आवश्यकता है-

  1. ब्यूरो चीफ

2.संवाद दाता

  1. क्राइम रिपोर्टर

4.पेज डिजाइनर

5.वेब डिजाइनर

6.कॉपीराइटर

7.प्रूफ रीडर

  1. सेल्स एंड मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव.

इच्छुक लोग संपर्क करें
9415105488
9519017777

(लखनऊ के युवा पत्रकार बृजेंद्र कुमार त्रिपाठी पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब 15 सालों से सक्रिय हैं. वे एक जुझारू पत्रकार हैं और सच के साथ रहते हैं. अब उनकी कलम रणभूमि एक्सप्रेस के रूप में दैनिक अखबार बनने जा रही है. इस अखबार को अभी तक साप्ताहिक के रूप में पाठकों का प्यार मिला. वे अब उस प्यार को दैनिक अखबार के रूप में विस्तार देना चाहते हैं.)

भड़ास की खबरें व्हाट्सअप परBWG7

आपसे सहयोग की अपेक्षा भी है… भड़ास4मीडिया के संचालन हेतु हर वर्ष हम लोग अपने पाठकों के पास जाते हैं. साल भर के सर्वर आदि के खर्च के लिए हम उनसे यथोचित आर्थिक मदद की अपील करते हैं. इस साल भी ये कर्मकांड करना पड़ेगा. आप अगर भड़ास के पाठक हैं तो आप जरूर कुछ न कुछ सहयोग दें. जैसे अखबार पढ़ने के लिए हर माह पैसे देने होते हैं, टीवी देखने के लिए हर माह रिचार्ज कराना होता है उसी तरह अच्छी न्यूज वेबसाइट को पढ़ने के लिए भी अर्थदान करना चाहिए. याद रखें, भड़ास इसलिए जनपक्षधर है क्योंकि इसका संचालन दलालों, धंधेबाजों, सेठों, नेताओं, अफसरों के काले पैसे से नहीं होता है. ये मोर्चा केवल और केवल जनता के पैसे से चलता है. इसलिए यज्ञ में अपने हिस्से की आहुति देवें. भड़ास का एकाउंट नंबर, गूगल पे, पेटीएम आदि के डिटेल इस लिंक में हैं- https://www.bhadas4media.com/support/

भड़ास का Whatsapp नंबर- 7678515849

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

code