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सीनियर फोटो जर्नलिस्ट मदन मौर्य के पुत्र ने शूटिंग चैंपियनशिप में स्वर्णपदक अपने नाम किया!

यशवंत-

दैनिक जागरण मेरठ में लंबे समय से सीनियर फोटो जर्नलिस्ट के पद पर कार्यरत मदन मौर्य का सिर गर्व से उंचा किया है उनके सुपुत्र ऋषिक मौर्य ने. ऋषिक ने गोल्ड मेडल को चूमा है. यूपी स्टेट इंटर स्कूल शूटिंग चैंपियनशिप में 12वीं के छात्र ऋषिक मौर्य को स्वर्ण पदक मिला. उन्होंने दस मीटर एयर पिस्टल कंपटीशन में यह उपलब्धि हासिल की. इस कंपटीशन का आयोजन हापुड़ में किया गया था. ऋषिक मौर्य की इस उपलब्धि पर अंतरराष्ट्रीय शूटर व कोच अभिनव चौधरी ने बधाई दी है.

मेरठ के स्थानीय अखबारों ने ऋषिक की इस सफलता के बारे में खबरों का प्रकाशन किया है. सर्वाधिक खुशी मिली है पिता मदन मौर्य को. अखबार की भागमभाग वाली नौकरी में अपने बेटों के लिए वक्त दे पाना भारी मुश्किल काम होता है. सेलरीजीवी मीडियाकर्मी इतने पैसे कभी इकट्ठा नहीं कर पाता कि वे बच्चों को मनमाफिक लाइफस्टाइल दे सके. संघर्ष ही जीवन है का नारा एक मीडियाकर्मी के जीवन में उम्र भर चलता रहता है.

12वीं में पढ़ने वाले बेटे ऋषिक मौर्य के लिए फोटो जर्नलिस्ट पिता मदन मौर्य ने क्या क्या नहीं किया. पिस्टल खरीदने की क्षमता न होने के कारण किराए पर पिस्टल लिए. दो हजार ढाई हजार रुपये किराए पर पिस्टल लेते और बेटे को प्रैक्टिस करने के लिए देते. बेटे में लगन भरपूर है, टारगेट किल करने का जुनून है, इसलिए उसने अभावों के बीच भी अपना निशाना चूकने नहीं दिया. पिता के संघर्षों का मान रखा. पिता का नाम ऊंचा किया.

Madan Maurya

ज्ञात हो कि मदन मौर्य यूपी के उन कुछ फोटो जर्नलिस्ट में हैं जो बेहद ईमानदार, सरोकारी और दबंग माने जाते हैं. मदन के इन्हीं गुणों के कारण दैनिक जागरण मेरठ के निदेशगण भी हमेशा उन्हें संरक्षण देते हैं. मदन ने अपने दामन पर कभी दाग नहीं लगने दिया. हर किस्म के नशे से दूर रहे. दूसरों की एक चाय भी न पीने वाले मदन मौर्य ने विवाह देर से किया इसलिए 58 साल की उम्र में अब उन्हें अपने जवान होते बेटों के करियर के लिए परिश्रम करना पड़ रहा है.

वो कहते हैं न कि पुत्र कुपुत्र तो क्या धन संचय…. पुत्र सुपुत्र तो क्या धन संचय… इसी फंडे पर चलते हुए मदन मौर्य ने कभी धन के संचय की कामना नहीं की. आज उनके दोनों अच्छे बेटों ने साबित कर दिया है कि वे हुनर और मेहनत से भरे हुए हैं. उन्हें बस मौका मिले तो वो कर दिखाएंगे, मेडल लाएंगे. मदन का दूसरा बेटा भी निशानेबाजी में करियर आजमा रहा है और काफी तेजतर्रार हैं. पिता पुत्रों को बधाई और शुभकामनाएं… ऐसे ही आगे बढ़ते रहिए!

देखें ऋषिक मौर्य की सफलता को लेकर छपी कुछ खबरें-

दैनिक जागरण मेरठ के वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट मदन मौर्या के बारे में ज्यादा जानने के लिए नीचे दिए शीर्षक पर क्लिक करें-

शाबास मदन मौर्या, जुग-जुग जियो

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