रिश्वत न देने पर पुलिस ने पत्रकार के बेटे का गलत वेरीफिकेशन भेजा!

सेवा में श्रीमान ,
पुलिस आयुक्त (कमिश्नर)
सूरत शहर (गुजरात)

विषय : डिंडोली पुलिस को पासपोर्ट वैरिफिकेशन के लिए 2500 रूपए रिश्वत नहीं देने पर मेरे बेटे की गलत वैरीफिकेशन पासपोर्ट ऑफिस को रिपोर्ट करने बाबत..

महोदय,

मैं, संजय सिंह राठौर निवासी -116, अम्बिका पार्क सोसाइटी, रामी पार्क के पास, डिंडोली, सूरत। महोदय, सूरत सहित दक्षिण गुजरात में पिछले 17 वर्ष से पत्रकारिता करता आ रहा हूँ । तथा उपरोक्त निवास स्थान पर पिछले 10 वर्षों से सह परिवार रह रहा हूँ।

महोदय, मेरा पुत्र सूरज सिंह राठौर शहर के महावीर कॉलेज में बी फार्मा की पढाई कर रहा है। तथा आगे की पढ़ाई के उद्देश्य से विदेश जाना चाहता है। इसके लिए सूरत पासपोर्ट ऑफिस में पासपोर्ट बनवाने के लिए एप्लिकेशन किया था। पासपोर्ट ऑफिस में 12.10.2018 को अपॉइंटमेंट था तो डेक्युमेंट वैरीफिकेशन करवाने के बाद डिंडोली पुलिस थाने वेरिफ़िकेशन करवाना था वो क़रीबन १० दिन बाद पुलिस थाने से मेरे पुत्र सूरज सिंह राठौर के मोबाइल पर फ़ोन आया। मेरा पुत्र वेरिफ़िकेशन के लिए डिंडोली पुलिस थाने वो सभी डेक्यूमेंट्स लेकर गया जो पासपोर्ट ओफिस में दिए थे। डिंडोली पुलिस थाने में मौजूद महिला पुलिस कर्मी ने सभी डेक्यूमेंट्स देखने के बाद मेरे पुत्र सूरज सिंह से कहा कि जन्म प्रमाणपत्र में पिता यानि मेरा नाम संजय भाई लिखा है तो मेरे मेरे बेटे ने कहा कि गैजेट में नाम सुधार करवा दिया था उसी आधार पर स्कूल के डेक्यूमेंट्स में नाम सुधार हो गया है। नाम सुधार की गैजेट कौपी भी दिखाया।

इसके बाद मैडम ने मेरे बेटे से कहा कि 2500 रुपए बैरिफिकेशन का चार्ज देना होगा। मेरे बेटे ने जबाब में कहा कि वेरिफ़िकेशन का कोई चार्ज नहीं लगता है तो मैडम ग़ुस्सा गई और कहा कि वक़ील से एफ़ीडेविट बनवाओ। मैडम के कहने से मेरा बेटा डिंडोली पुलिस थाने के नज़दीक में पाटिल के नाम से वक़ील की कार्यालय में एफ़िडेबिट करने गया था वक़ील ने एफ़ीडेविट चार्ज के 500 रुपए लगेंगे। मेरा बेटा ने मुझे फ़ोन कर सारा घटनाक्रम बताया तो मैंने मेरे बेटे से कहा कि पासपोर्ट वेरिफ़िकेशन में नियमानुसार कोई एफिडेबिट नहीं लगती है तो करवाने की ज़रूरत नहीं है। मैंने फिर मेरे बेटे को सभी डेक्यूमेंट्स लेकर फिर से डिंडोली पुलिस थाने में पासपोर्ट वेरिफ़िकेशन करने वाली मैडम के पास भेजा था। मैडम ने धमकाते हुए फिर 2500 रुपए की डिमांड की थी जो हमने देने से इंकार कर दिया था।

इसके बाद ३ से ४ दिन बीत चुके थे मैंने डिंडोली पुलिस थाने के पुलिस इन्सपेक्टर वी एम मकवाना का संपर्क उनके एक परिचित शख़्स के ज़रिए किया था। पीआइ वीएम मकवाना साहब का परिचित शख़्स जो कि मुझे भी जानता था उसने डिंडोली पीआइ वीएम मकवाना को मेरे बेटे का मुफ़्त में वेरिफ़िकेशन करने की विनती की थी। उसके बाद वेरिफ़िकेशन मुफ़्त में करने को कह दिया गया था। 08.01.2019 को मुझे पासपोर्ट ओफिस से फ़ोन आया और बताया कि डिंडोली पुलिस ने आपके बेटे की पासपोर्ट बेरिफ़िकेशन रिपोर्ट निगेटिव भेजी है।यह जानकर मैं अचरज रह गया । सही बात जानने के लिए मैं गत 08.01.2019 में पासपोर्ट ओफिस गया था तो पासपोर्ट अधिकारी ने बताया कि डिंडोली पुलिस ने वैरिफिकेशन में नॉन इंडीयन कोलम में क्लिक किया है और दूसरा कि मेरे बेटे जन्म प्रमाण पत्र में मेरा संजय भाई है इसको लेकर निगेटिव रिपोर्ट दिया है।

महोदय, मैं मूल रूप से भारतीय हूँ जिसके प्रमाण पत्र मैंने पासपोर्ट ओफिस में पासपोर्ट के लिए दिए थे और पुलिस वैरिफिकेशन के लिए डिंडोली पुलिस के समक्ष भी रखे थे बावजूद इसके इरादा पूर्वक डिंडोली पीआइ वी.एम.मकवाना और उनके पुलिस थाने में पासपोर्ट वेरिफ़िकेशन का काम करने वाली महिला पुलिस कर्मी ने मेरे पुत्र सूरज सिंह राठौर की पासपोर्ट वेरिफ़िकेशन रिपोर्ट निगेटिव रिपोर्ट दिया है। मेरे पुत्र के जन्म प्रमाण पत्र में पिता के नाम में संजय भाई था उसे मैंने गैजेट में सुधरवा कर संजय सिंह राठौर करवा दिया था । गैजेट के आधार पर ही स्कूल के लिविंग सर्टिफ़िकेट में सुधार करवा दिया था उसकी कौपी भी डिंडोली पुलिस को दी थी। फिर इस तरह डिंडोली पीआइ और उनके स्टाफ़ द्वारा मुझे बेवजह हैरान परेशान करने की वजह मेरी समझ से बाहर हूँ , पत्रकार होने के नाते डिंडोली पुलिस और पीआइ मकवाना ने मुझसे किसी प्रकार का बदला लेने के लिए मेरे बेटे के पासपोर्ट रिपोर्ट निगेटिव भेजा है? भारतीय होने के बावजूद मुझे ग़ैर भारतीय कहना गम्भीर अपराध है । डिंडोली पीआइ और उनकी पुलिस की वजह से मैं मानसिक व सामाजिक रूप से हैरान हो गया हूँ।

महोदय, मैं आशा करता हूँ कि आप मेरी इस शिकायत पर योग्य कार्यवाही कर मुझे न्याय दिलाएँगे।

धन्यवाद
संजय सिंह राठौर
पत्रकार
सूरत (गुजरात)

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One comment on “रिश्वत न देने पर पुलिस ने पत्रकार के बेटे का गलत वेरीफिकेशन भेजा!”

  • इनको बोलिये PGPORTAL पर डायरेक्ट विदेश मंत्रालय को शिकायत करें, अगर आधार कार्ड में नाम सही है तो पुलिस स्टेशन में वेरिफिकेशन के लिए सर्टीफिकेटे की जरूरत नहीं होती

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