शर्मनाक करतूत के कारण राष्ट्रीय सहारा पटना का विज्ञापन मैनेजर विनोद सिंह पद से हटाया गया

राष्ट्रीय सहारा पटना के विज्ञापन मैनेजर विनोद सिंह ने एक ऐसा कुकृत्य कर दिया है कि इसे जो जो जानेगा, वह अपने घर किसी भी परिचित को रुकने नहीं देगा. यह विज्ञापन मैनेजर अपने एक संवाददाता के घर जाकर रुका और रात में पीने-खाने के बाद संवाददाता के पुत्र के साथ दुष्कर्म की कोशिश करने लगा. जब घर वालों ने उसे पकड़ा तो वह माफी मांगने लगा.

परिजनों ने विज्ञापन मैनेजर द्वारा माफी मांगने और घटना कुबूलने का वीडियो बना लिया. इस चार मिनट के वीडियो में विज्ञापन मैनेजर पिटाई के डर से बार बार कान पकड़ कर माफी मांग रहा है.

बताया जाता है कि पटना के राष्ट्रीय सहारा के विज्ञापन मैनेजर विनोद सिंह आफिसियल दौरे पर लगभग डेढ़ सप्ताह पहले एक जिले में गए और वहां के संवाददाता के घर पर रात्रि विश्राम के लिए रुके. रात में इस विज्ञापन मैनेजर ने जमकर दारू पी. देर रात उसने संवाददाता के किशोर वय पुत्र के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की.

शोरगुल सुनकर परिजनों और स्थानीय लोगों ने इस मैनेजर को पकड़कर बैठा लिया. बताया जाता है कि बाद में उसकी जबरदस्त पिटाई भी की गई. हालांकि जो वीडियो बना है उसमें पिटाई के सीन नहीं हैं. वीडियो में वह बार बार माफी मांग रहा है और अपने कुकृत्य पर खुद को शर्मिंदा बता रहा है.

चर्चा है कि जब घटना की खबर राष्ट्रीय सहारा पटना के मैनेजर अमर सिंह को लगी तो उन्होंने फौरन विज्ञापन मैनेजर विनोद सिंह को इस्तीफा देकर भाग जाने को कह दिया. सूत्रों का दावा है कि विनोद सिंह त्यागपत्र देने का बाद लापता हो चुका है.

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Posted by Bhadas4media on Wednesday, October 2, 2019
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Comments on “शर्मनाक करतूत के कारण राष्ट्रीय सहारा पटना का विज्ञापन मैनेजर विनोद सिंह पद से हटाया गया

  • इंसाफ says:

    यूनिट हेड अमर सिंह के सबसे खास करीबियों में विनोद सिंह का नाम शुमार है. कई बार ये दोनों ट्रिप पर निकल पड़ते थे. हर महीने अमर सिंह अपने विनोद सिंह के लिए एडवांस जारी करते थे. अमर सिंह ने बहुत बचाने कि कोशिश की. ऊपर से दवाब पड़ने पर विनोद सिंह को हटाया गया.

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  • हमीदुल सिद्दीकी says:

    बिहार-झारखण्ड के दौरों से सहारा इण्डिया को कुछ हासिल हुआ हो या नहीं पर इन दोनों ने खूब लाभ कमाया है. रहने-खाने-पीने की व्यवस्था स्थानीय रिपोर्टरों के जिम्मे और टीए-डीए अपनी जेब में. ऊपर से होटल का फर्जी बिल बना कर भुगतान अलग से. अब इतना लाभ दिलाने वाले को बचाने की कोशिश क्यूँ नहीं होगी? पर चाहे जितना भी कोशिस कर लें, बचा नहीं पायेंगे. करमगति टारे नाहीं टरे|

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  • राष्टीय सहारा की देहरादून यूनिट में भी ऐसा ही कुकर्मी मैनेजर है जो पहले ऐसे ही गुल पटना में खिला चुका है और अब देहरादून यूनिट में भी खिला रहा है। यह यहां खुद को महासंपादक मानता है और संपादकीय में शराब के नशे में कई बार गाली बक चुका है। यही नहीं किसी भी व्रत या त्योहार पर बधाई देने के लिए भी शराब के नशे में धूत होकर संपादकीय में अपना कब्जा करना चाहता है। सूत्र बताते है कि लंबे समय से संपादकीय के सभी लोग उससे नाराज है लेकिन स्थानीय संपादक की वजह से सभी शांत है। युनिट मैनेजर ने तो यहां के कई कर्मियों पर चोरी का आरोप लगाने के साथ कई अन्य आरोप भी लगाए है। इसके बाद भी क्यों इसे सहाराश्री वर्दास्त कर रहे हैं समझ से परे है।

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