राज्यसभा भेजे गए संजय सेठ की कुंडली बता रहे हैं वरिष्ठ वकील विश्वनाथ चतुर्वेदी

समाजवादी पार्टी की राज्यसभा सूची में चौकाने वाला नाम है संजय सेठ. सौदेबाज मुलायम के कारोबारी साझेदार और 2014 के लोकसभा चुनाव में राजनाथ सिंह के चुनावी संचालक रहे हैं संजय सेठ! राज्यसभा और विधान परिषद उम्मीदवारों की लिस्ट संभावित सपा-भाजपा तालमेल को लेकर हुयी है तैयार. मुलायम कुनबे द्वारा राज्य के ग़रीबों व केन्द्रीय योजनाओं के धन की लूट के कालेधन को सफ़ेद बनाने की मशीन है संजय सेठ.

संजय सेठ के लखनऊ स्थित आवास पर कुछ माह पूर्व आयकर विभाग के छापे में एक हज़ार करोड़ की नकदी सहित बरामद दस्तावेजों में है मुलायम कुनबे की सम्पत्तियों व लूट का व्योरा. मुलायम कुनबे के आय से अधिक मामले में सीबीआई द्वारा तैयार प्राथमिक रिपोर्ट में दर्ज है मुलायम कुनबे व संजय सेठ के बीच लेन-देन का व्योरा. पुष्टाहार माफिया नवीन खण्डेलवाल की कंपनी देवेश फ़ूड एग्रो से संजय सेठ की कम्पनी एनपी एग्रो इंडिया प्रा लिमिटेड को ट्रान्सपर हुए हज़ारों करोड़. राज्य में कुपोषण से हर रोज हो रही है 650 बच्चों की मौत. आयकर विभाग की छापेमारी में बरामद दस्तावेजो में है मुलायम के कुनबे का लेखा-जोखा.

रामगोपाल भी हैं संजय सेठ की कम्पनी में डाइरेक्टर. प्रधामंत्री मोदी ने केरल में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए केरल की तुलना सोमालिया से की. क्या केरल भारत से बाहर का हिस्सा है, जिम्मेदार कौन? गुजरात व उत्तर प्रदेश के हालात सोमालिया से भी बद्तर, कुपोषण में गुजरात व उत्तर प्रदेश शिखर पर, जिम्मेदार कौन? मोदी जी आपके पारिवारिक (संघ) मित्र एवं सी बी आई के डर से राजनैतिक साथी बने मुलायम की सरकार उत्तर प्रदेश में 2004 से लूट रही है बच्चों का पुष्टाहार, जिम्मेदार कौन?

भाजपा महासचिव अनिल जैन के भाई हैं मनोज अग्रवाल. अग्रवाल की कम्पनी के पास है पुष्टाहार का ठेका. नही पहुँच रहा बच्चों का पुष्टाहार, जिम्मेदार कौन? हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने 3 दिसम्बर 2010 को दिए सी बी आई जांच के आदेश लेकिन इसके बाद भी नहीं हो पा रही है मुकम्मल जांच. संसद में समर्थन की कीमत वसूल रहे हैं मुलायम.

स्वघोषित लोकतंत्र के चौथे पाये की थू-थू…..

चुनावी सर्वे में अनेकों बार पठकनी खा चुके चैनलों को राजा की गुलामी, धंधे की मज़बूरी? टी वी चैनलों द्वारा पांच राज्यों में हो रहे चुनावों की वोटिंग खत्म होते ही शुरू की गयी भाट वंदना देख कर लगा मंहगाई सूखे भ्रष्टाचार आतंकवाद से कराह रहे देश की जनता के मूड को सेम्पल सर्वे कर बता देना गरीबों, बेरोजगारों, महिलाओं, युवाओं की लोकतान्त्रिक आस्था के प्रति घिनौना मज़ाक है। अनेकों बार चैनलो द्वारा किये गए चुनावी सर्वे हक़ीक़त से बहुत दूर होते हैं. जिस असम राज्य में मीडिया द्वारा भाजपा को सत्ता सौंपने की क़वायद की गयी, उन्हें राज्य के जातीय समीकरणों और अंतिम चरण में बढ़े वोटिंग प्रतिशत को भी ध्यान में रखना चाहिये था.

लेकिन चैनलों को देखकर लगा कि राजशाही के ज़माने में राजा अपने गुणगान के लिए सलीके से तराशे गए भाट, चरण वंदना के लिए रखते थे, उसी तरह मीडिया सत्ता के गुणगान में लोट-पोट होती नज़र आयी. लो अब दिल्ली के एमसीडी में भाजपा से रिक्त 13 सीटों पर हुए उप चुनावों में आप को 5, कांग्रेस को 5 और भाजपा मात्र 3 सीटों पर सिमट कर रहना पड़ा. फ़ेकू का बुखार उतर चुका है. मन की बात से उकता गई है देश की जनता. हर मोर्चे पर विफल लफ़्फ़ाज़ी के सहारे सत्तासीन भाजपा बेनकाब होकर जनता के बीच नंगी खड़ी है. नतीज़े तो 19 को आयेंगे. अब हमको-आपको नतीज़ों का इंतज़ार करना चाहिये. असम और बंगाल के नतीज़े चौकाने वाले हो सकते हैं. लड़ाई बहुत करीब की है.

लेखक विश्वनाथ चतुर्वेदी आय से अधिक संपत्ति के मामले में कई बड़े नेताओं के खिलाफ मुकदमा कर सीबीआई जांच करा चुके हैं.

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Comments on “राज्यसभा भेजे गए संजय सेठ की कुंडली बता रहे हैं वरिष्ठ वकील विश्वनाथ चतुर्वेदी

  • This is the fake news. Plz check father’s name of above company’s Sanjay Seth & Ram Gopal. He is not that Sanjay Seth who is director of Shalimar.

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