राज्यसभा भेजे गए संजय सेठ की कुंडली बता रहे हैं वरिष्ठ वकील विश्वनाथ चतुर्वेदी

समाजवादी पार्टी की राज्यसभा सूची में चौकाने वाला नाम है संजय सेठ. सौदेबाज मुलायम के कारोबारी साझेदार और 2014 के लोकसभा चुनाव में राजनाथ सिंह के चुनावी संचालक रहे हैं संजय सेठ! राज्यसभा और विधान परिषद उम्मीदवारों की लिस्ट संभावित सपा-भाजपा तालमेल को लेकर हुयी है तैयार. मुलायम कुनबे द्वारा राज्य के ग़रीबों व केन्द्रीय योजनाओं के धन की लूट के कालेधन को सफ़ेद बनाने की मशीन है संजय सेठ.

जानिए, मोदी का मूड बिगड़ा तो किस तरह चौटाला के बगल वाली बैरक में पहुंच जाएंगे मुलायम!

ये ‘सीबीआई प्रमाड़ित ईमानदार’ क्या होता है नेताजी?

सौदेबाज मुलायम का कुनबा 26 अक्टूबर 2007 से वाण्टेड है, क़ानूनी रूप में सीबीआई की प्राथमिक रिपोर्ट के बाद 40 दिनों में एफआईआर हो जानी चाहिए थी. चूँकि सीबीआई सत्ता चलाने का टूल बन चुकी है, सो सीबीआई कोर्ट पहुँच गई एफआईआर की परमीशन मांगने। उस वक्त मुलायम के पास 39 सांसदों की ताकत थी। खुली लूट की आजादी में रोड़ा बन रहे वामपंथियों से मनमोहन का गिरोह छुटकारा चाहता था और अपने आकाओं के इशारे पर हरहाल में न्यूक्लियर डील कराने पर आमादा था।

केजरीवाल जी, आपभी मोदी की तरह जुमलेबाजी की सियासत कर रहे हो?

Vishwanath Chaturvedi : जुमले बाजों ने बिगाड़ा देश मिज़ाज़. बड़े मिया तो बड़े मिया छोटे मियां सुभानल्लाह. जुमलेबाज़ो ने बदरंग किया सियासी चेहरा. केजरीवाल की दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हरियाणा सरकार को समर्थन करते हुए दिल्ली की जनता का कर्ज उतार दिया. अब बारी थी पंजाब चुनाओं में लड़ रही पार्टी के लिए फर्ज पूरा करने की. सो केजरीवाल ने शाम होते-होते वकील को बलि का बकरा बनाते हुए यू टर्न लिया और कहा ये वकील तो कांग्रेसी था, इसे मैंने हटा दिया.