सावरकर, इतिहास और सूचना आयुक्तों की दौड़

सचिन श्रीवास्तव-

भोपाल : पत्रकार से सूचना आयुक्त बने 2 सज्जनों में इन दिनों सत्ता की नजरों का चहेता बनने की होड़ है। इसके लिए दिल्ली से नागपुर तक के दरवाजे खटखटाए जा रहे हैं। रास्ता चुना है इतिहास का। वही इतिहास जिसमें भ्रम बनाए रखने के 100 तरीके हैं।

एक प्रदेश के सूचना आयुक्त इरफान हबीब, रोमिला थापर जैसे विद्वान इतिहासकारों पर कपोल कल्पित आरोप लगाकर अपना कद सत्ता की नजरों में थोड़ा बढ़ा रहे थे। धीरे धीरे ही सही वे केंद्र की तरफ बढ़ रहे थे। नागपुर ने भी देर से सही उन पर अपना हाथ रख दिया था। हालांकि कुछ विघ्न संतोषी और जलन वीर बाज नहीं आए। सूचना आयुक्त के शुरुआती दिनों की एक छुटकी सी कितबिया किसी ने नागपुर पहुंचा दी। इस कितबिया में बांध के कारण डूबते एक शहर की कथा है। इससे थोड़ी चिंता हुई नागपुर के बाशिंदों को, लेकिन बाद में चरण वंदना काम आई और आश्वस्त किया गया कि प्रदेश से निकलकर देश की राजधानी में उन्हें सुशोभित किया जाएगा।

अपने को खुशी भी हो रही थी कि पत्रकारिता के क्षेत्र में कुछ ठीक ठाक काम कर चुका बंदा अपनी रीढ़ वीड़ तोड़कर ही सही थोड़ा लाइट में आ रहा है। दिल्ली पहुंचेगा और विकास की नई गाथा को अपनी पुरानी नजरों से परखेगा तो शायद फिर ईमान जाग जाए।

पर हाय री किस्मत। केंद्र में सूचना जनता तक पहुंचाने का जिम्मा उठाए फिरने वाले पुराने पत्रकार सज्जन पहले से ही तैयारी में थे। वे पहले ही अपनी किताब जिसमें “10यों लाख के साथ चलने का जलवा” दिखाया गया है और विकास की कहानी कही है, के जरिए काशी के सांसद की नजरों के तारे बन चुके थे, वे अब “माफी वीर” पर किताब के जरिए दौड़ में बहुत आगे निकल चुके हैं।

पिछले दिनों मुंबई से सांसद और केंद्र में ठीक ठाक रुतबा रखने वाले एक मंत्री से केंद्रीय सूचना आयुक्त की मुलाकात में खिचड़ी को खीर में तब्दील करने का फार्मूला बन चुका है। और संधान तय हो चुका है।

तो अपने प्रदेश के सूचना संरक्षक की राह अभी और लंबी हो गई है। हालांकि वे कहां हार मानने वाले। करीबी बताते हैं कि इन दिनों वे नए सिरे से अपने तीर तमंचे पैने कर रहे हैं और मध्य प्रदेश के ही एक आदमकद का “शाब्दिक शिकार” करने की तैयारी में हैं।

खेल दिलचस्प है। तो कुल कथा का हासिल ये कि सत्ता की गलबहियां भी आसान नहीं, वहां भी कंपटीशन बड़ा है। इतिहास की राह से लेकर बॉलीवुड तक लंबी कतार है।



भड़ास व्हाट्सअप ग्रुप- BWG-10

भड़ास का ऐसे करें भला- Donate






भड़ास वाट्सएप नंबर- 7678515849

Leave a Reply

Your email address will not be published.

*

code