तिरंगा टीवी का जवाब- पाक आर्मी के प्रवक्ता की पीसी दिखाने पर नोटिस देना अभिव्यक्ति की आजादी पर अंकुश लगाना है!

कपिल सिब्बल और बरखा दत्त वाले तिरंगा टीवी ने पाक आर्मी के प्रवक्ता की प्रेस कांफ्रेंस दिखाने पर सरकार द्वारा नोटिस भेजे जाने की आलोचना की है. चैनल का कहना है कि यह हरकत अभिव्यक्ति की आजादी पर अंकुश लगाने जैसा है. केंद्र सरकार द्वारा कारण बताओ नोटिस भेजने की आलोचना करते हुए तिरंगा टीवी की तरफ से कहा गया है कि चैनल ने अपना जवाब सरकार को भेज दिया है. इसमें स्पष्ट कर दिया है कि चैनल अपने सुरक्षा बलों पर हुए हमले और आतंकवाद को संरक्षण देने के लिए पाकिस्तान की निंदा करता है। साथ ही पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता की प्रेस कॉन्फ्रेंस का प्रसारण करने पर सरकार द्वारा नोटिस जारी करने को भी उचित नहीं मानता है. ऐसा करके सरकार ने टीवी कंटेंट पर अभिव्यक्ति की आजादी पर पाबंदी लगाने का काम किया है.

ज्ञात हो कि पिछले दिनों सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का प्रसारण करने को लेकर तिरंगा टीवी समेत कई चैनलों को कारण बताओ नोटिस भेजा था. सरकार ने इस प्रसारण को केबल टेलिविजन नेटवर्क्स (रेगुलेशंस) एक्ट के तहत प्रोग्रामिंग कोड का उल्लंघन माना था.

पुलवामा हमले के बाद केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने टीवी चैनलों के लिए एडवाइजरी जारी की थी. इसमें आतंकी हमले की कवरेज के लिए जारी की गईं गाइडलाइंस का पालन करने के लिए कहा गया था. मंत्रालय ने चैनलों से कहा गया था कि वे केबल टेलिविजन नेटवर्क्स (रेगुलेशंस) एक्ट, 1955 में शामिल दिशा-निर्देशों के अनुसार ही कंटेंट का प्रसारण करें.

चैनलों को इन बातों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया था कि ऐसा कंटेंट प्रसारित न करें जो कानून व्यवस्था के खिलाफ हो या जिससे हिंसा भड़कने की आशंका हो. कंटेंट ऐसा न हो जो राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देता हो. ऐसा कोई भी कंटेंट प्रसारित न किया जाए जिसमें देश की संप्रभुता अथवा अखंडता को प्रभावित करने वाली कोई चीज शामिल हो. इसके अलावा ऐसा कोई भी कंटेंट न प्रसारित किया जाए, जिससे नियमों का उल्लंघन होता हो.



भड़ास व्हाट्सअप ग्रुप ज्वाइन करें-  https://chat.whatsapp.com/JYYJjZdtLQbDSzhajsOCsG

भड़ास का ऐसे करें भला- Donate

भड़ास वाट्सएप नंबर- 7678515849



Leave a Reply

Your email address will not be published.

*

code