डीबी कार्प की पत्रकारिता फिर गई तेल लेने : यूपी के सूचना विभाग की कार्यप्रणाली पर आक्रामक खबर पब्लिश करते ही डिलीट करने को मजबूर हुआ भास्कर ग्रुप!

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कन्हैया शुक्ला-

डीबी कार्प नाम है भास्कर ग्रुप की मूल कंपनी का. डीबी कार्प कंपनी की पत्रकारिता अक्सर तेल लेने चली जाती है. आक्रामक खबरें प्रकाशित करने के बाद डील कर लिया जाता है फिर उन खबरों को डिलीट कर दिया जाता है या फिर ठंढे बस्ते में डाल दिया जाता है. ऐसा ही एक बार फिर किया गया.

भास्कर ग्रुप ने यूपी सूचना विभाग की कार्यप्रणाली पर एक लंबी चौड़ी खबर का प्रकाशन भास्कर डाट काम पर किया. इस खबर में अतीत वर्तमान से लेकर सबकी कुंडली तक का विश्लेषण किया गया था पार्थ श्रीवास्तव सुसाइड केस से लेकर आईएएस शिशिर तक के करियर का वर्णन किया गया. लेकिन इस खबर का पब्लिश होने के तुरंत बाद अचानक अंत कर दिया गया. लगता है भास्कर वाले डर गए या फिर भास्कर वालों के रेवेन्यू का हिस्सा बढ़ा दिया गया जिसके बाद उनका मुंह बंद हो गया.

भास्कर वाली खबर का लिंक ये है-

https://www.bhaskar.com/local/uttar-pradesh/lucknow/news/defame-yogi-and-also-increase-the-budget-131883179.html

उपरोक्त लिंक पर क्लिक करेंगे तो ये लिखा आएगा….

खबर की शुरुआत सूचना विभाग द्वारा सोशल मीडिया का बजट डबल किए जाने से हुई और फिर सूचना विभाग के सारे किस्से चर्चे आरोप को इस खबर में समेट लिया गया. इस काफी लंबी चौड़ी खबर को पढ़ने के बाद उत्तर प्रदेश सूचना विभाग के सारे खेल तमाशों का पता लग जाता है.

इस खबर के साथ एक डिस्क्रिप्टिव वीडियो भी बनाया गया था. पर भास्कर वालों की रेवेन्यू रणनीति ने यहां भी पत्रकारिता का मर्डर कर दिया. ऐसा लगता है यूपी सूचना विभाग और दैनिक भास्कर समूह के बीच नए सिरे से कोई डील हो गई है जिसके बाद भास्कर ने सूचना विभाग के घपले घाटालों का पर्दाफाश करने वाली खबर को डिलीट कर दिया है.

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