योगीजी, मुझे जेल से डर लगता है इसलिए लिखने से पहले आपको कोटि कोटि प्रणाम कर रहा हूं!

Viplava Awasthi

श्रीमान परमश्रद्धेय महंत योगी जी के चरणों में कोटि कोटि प्रणाम. पेशे से पत्रकार हूं और घर पर एक छोटा सा परिवार भी है जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी मेरी ही है। कुछ भी लिखने से पहले चरणवंदना इसलिए कर रहा हूं कि एक तो बिना-वजह जेल जाने से डरता हूं और दूसरा जेल चला गया तो परिवार के भरण-पोषण का दूसरा रास्ता नहीं जानता। हालांकि आपकी कृपा रहेगी तो ये भी सीख ही जाउंगा।

मुद्दा ये है कि मेरे प्रदेश यानि उत्तर प्रदेश ने 2017 में आपको प्रचंड बहुमत दिला कर मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाया। हालांकि ये बात कहने के साथ ही ये बात साफ कर दूं कि इसमें मेरा योगदान केवल एक वोट मात्र का है जिसकी औकात केवल उसी दिन तक होती है जब उसे वोट करना होता है।

मैं फिर कह रहा हूं कि कोटि कोटि वंदना कर चुका हूं इसलिए नो एफआईआऱ प्लीज।

आपकी पुलिस ने कल एक बड़ा काम किया है। प्रशान्त कनौजिया नाम के 30 साल के एक पत्रकार को पुलिस ने इसलिए पकड़कर जेल डाल दिया क्योंकि उसने आपके बारे में एक मजाक ट्विटर में डाल दिया था। हालांकि उसे ऐसा करने का अधिकार बिल्कुल नहीं है क्योंकि इस वक्त आप मुख्यमंत्री की कुर्सी पर हैं और सीएम साहब की गरिमा के खिलाफ होने वाला कोई भी कृत्य साक्षात भगवान के खिलाफ किया गया कृत्य ही माना जाऐगा। हां ये बात अलग है कि आपके कैबिनेट के साथी सूर्य प्रताप शाही 2 साल की मासूम बच्ची के साथ हुए घिनौने कृत्य और हत्या को सामान्य बात बताते हुए बयान मीडिया को दें, तब यूपी में किसी आप के भक्त की भावना क्यों नहीं आहत होती, समझ के परे है।

मैं फिर कह रहा हूं कि कोटि कोटि वंदना कर चुका हूं इसलिए नो एफआईआऱ प्लीज।

पता नहीं आपका जन्मदिवस क्यों मनाया गया। जन्मदिवस तो उनका मनाया जाता है जिनका जन्म होता है। आप तो सीधे धरती लोक पर अवतरित हुए हैं। इसलिए आप मानव तो हैं ही नहीं, मैं तो कहुंगा भगवान के रुप हैं, और भगवान ही क्यों, उनसे भी बड़े हैं। इसलिए जाने अनजाने आपके खिलाफ कही गयी बात तो साक्षात ईश्वर के खिलाफ कही गयी बात होगी।

मैं फिर कह रहा हूं कि कोटि कोटि वंदना कर चुका हूं इसलिए नो एफआईआऱ प्लीज।

आपके पड़ोसी राज्य जहां आपकी पार्टी की ही सरकार चल रही है, वहां भी इसी तरह के ईश्वर ने अवतरण लिया है। देवभूमि के ये मुख्यमंत्री अपनी राजसत्ता को बचाने के लिए किसी को भी, कहीं भी, बिना रोक टोक घर में घुसकर गिरफ्तार करा देते हैं क्योंकि पत्रकार ने उनके रिश्तेदारों और निकटवर्तियों के भष्ट्राचार का स्टिंग कर दिया था। जी हां, मैं समाचार प्लस के एडीटर इन चीफ उमेश कुमार की ही बात कर रहा हूं। देवभूमि के ईश्वर ने उनको भी जेल भिजवाया और बड़ी मुसीबत से वो बाहर निकले। अब उसी देवभूमि का हाईकोर्ट उनकी पुलिस से गिरफ्तारी की वजह पूछ रहा है तो वो बगले झांक रहे है।

चरण वंदना करते हुए केवल ये कहना चाह रहा हूं कि मान्यवर प्रतिशोध के चलते उठाया गया कोई भी कदम केवल विनाश की तरफ ले जाता है। इसलिए निवेदन है कि कोई काम ऐसा न करें कि इतिहास में आपको सिर्फ तानाशाहों के नाम के क्रम में एक अन्य नाम के रूप में याद किया जाए।

लेखक विप्लव अवस्थी नए लांच होने वाले एक न्यूज चैनल में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं.

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Comments on “योगीजी, मुझे जेल से डर लगता है इसलिए लिखने से पहले आपको कोटि कोटि प्रणाम कर रहा हूं!

  • पंकज गुप्ता says:

    सीएम योगी को करारा जबाब वह भी पूरी विनम्रता के साथ

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  • Anuradha Sharma says:

    Very nice Viplava ji.
    jounlists ko apni duty aani chahiye. aur wohi nidarta ke saath apna kaam kar sakte hai jo imaandaar hote hai. aapne Yogi ji aur unke Ishwar bhai ko kya khoob jawab diya…

    Reply

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