अमर उजाला कानपुर में श्रम विभाग का छापा

मजीठिया वेज बोर्ड मामले को लेकर माननीय सुप्रीमकोर्ट के आदेश का असर उत्तर प्रदेश में दिखने लगा है। कानपुर में अमर उजाला के कार्यालय पर श्रम अधिकारियों की टीम ने औचक छापा मारा और जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिया। बताया तो यहाँ तक जारहा है कि श्रम अधिकारियों ने अमर उजाला के कार्मिक विभाग का हार्डडिस्क भी अपने कब्जे में ले लिया। हालांकि हार्ड डिस्क वाली बात की पुष्टि नहीं हो पाई है।

बताते हैं कि जिस समय यह छापा पड़ा, सभी कंप्यूटर और यहाँ बने छोटे छोटे केबिन बंद कर दिए गए। मार्केटिंग और कांट्रेक्ट पर काम करने वाले कई साथियों को बाहर से ही प्रबंधन ने वापस भेजने का प्रयास किया मगर वे सफल नहीं हो पाए। इस कार्रवाई से अमर उजाला प्रबंधन के चेहरे पर हवाइयां उड़ रही हैं, वहीँ अमर उजाला के कर्मचारी बहुत खुश हैं। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के लेबर कमिश्नर को लापरवाही बरतने पर काफी लताड़ लगाते हुए जेल भेजने की धमकी दी थी और 6 सप्ताह में मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश लागू कराकर पूरी रिपोर्ट मंगाई है।

शशिकांत सिंह
पत्रकार और आरटीआई कार्यकर्ता
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Comments on “अमर उजाला कानपुर में श्रम विभाग का छापा

  • Bhai Shashikant Sab, ye khabar Amar Ujala ki hai ya Times of India, Sahibabad ki hai? Kal mujhe ToI ke hi ek kercchari (Retd.) se khabar mili thi ki ye karrwai ToI ke Sahibabad me hui.. Aap kah rahey hain ki Amar Ujala ki ye khabar hai… To Times of India wali khabar “Galat” hai kya?
    Zara pata lagayen…
    Dhanyabad

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  • हेयर says:

    मजीठिया वेज बोर्ड मामले को लेकर माननीय सुप्रीमकोर्ट के आदेश का असर उत्तर प्रदेश में दिखने लगा है। बरेली में अमर उजाला के कार्यालय पर श्रम अधिकारियों की टीम ने औचक छापा मारा और जरूरी दस्तावेज अपनेकब्जे में ले लिया। बताया तो यहाँ तक जारहा है कि श्रम अधिकारियों ने अमर उजाला के कार्मिक विभाग का हार्डडिस्कभी अपने कब्जे में लेलिया। हालांकि हार्डडिस्क वाली बात की पुष्टि नहीं हो पाई है।बताते हैं कि जिस समययह छापा पड़ा, सभी कंप्यूटर और यहाँ बने छोटे छोटे केबिन बंद कर दिए गए। मार्केटिंग और कांट्रेक्ट पर काम करने वाले कई साथियों को बाहर से ही प्रबंधन ने वापस भेजने का प्रयास किया मगर वे सफल नहींहो पाए। इस कार्रवाई से अमर उजाला प्रबंधन के चेहरे पर हवाइयां उड़ रही हैं, वहीँ अमर उजाला के कर्मचारी बहुत खुश हैं। आपको बता दें किसुप्रीम कोर्ट
    ने उत्तर प्रदेश के लेबर कमिश्नर को लापरवाही बरतने पर काफी लताड़ लगाते हुए जेल भेजने की धमकी दीथी और 6 सप्ताह में मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश लागू कराकर पूरी रिपोर्ट मंगाई है।

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