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सुख-दुख

बदनाम ips अफ़सर!

रवीश कुमार-

आई पी एस बनना आसान नहीं होता। कई साल तक दिन रात पसीना बहाना होता है। तब जाकर सपना पूरा होता है लेकिन आईपीएस बनने के बाद सपने बदल जाते हैं। दोनों ख़बरें आईपीएस अधिकारी से संबंधित हैं।

पहली ख़बर में आईपीएस अरविंद दिग्विजय नेगी पर आरोप है कि लश्कर ए तोयबा को कथित रूप से सूचना दिया करते थे। कश्मीर के देवेंद्र सिंह के बाद यह दूसरा ऐसा मामला लगता है।

अगर यही नाम किसी और मज़हब का होता तो देश में सारी बहस बंद होकर हंगामा मच रहा होता। दूसरी ख़बर हरियाणा की है। आईपीएस सेतिया पर करोड़ों की कर चोरी के आरोप हैं। उन्हें भगोड़ा घोषित किया गया है।

यूपी के एक आईपीएस माणिकलाल पाटिदार हत्या के मामले में दो साल से फ़रार चल रहे हैं। सबक है कि जिस नौकरी को अपने इतनी मेहनत से हासिल की है उसकी वर्दी आयाम से नेताओं की जूती पर मत रख दीजिए।

कई लोग तो अब विधायक बनने के लिए वर्दी छोड़ रहे हैं। आईपीएस को भी आना चाहिए राजनीति में लेकिन आने का रास्ता भ्रष्टाचार और गठजोड़ का नहीं होना चाहिए।

पंकज चतुर्वेदी-

एन आई ए ने अपने ही एसपी रहे हिमाचल कैडर के अफसर अरविंद नेगी को गिरफ्तार कर लिया। उन पर आरोप लगाया गया है कि लश्कर ए तोयबा से जुड़ी कोई रिपोर्ट लीक की। हो सकता है जल्दी ही दिल्ली पुलिस का एक आईपीएस भी जल्द गिरफ्तार हो, जो महाराष्ट्र में एनआईए में डेपुटेशन पर था।

तीन महीने पहले एनआईए ने कश्मीर से कई लोगों को अरेस्ट किया व उन्हें दिल्ली की जेलों में रखा गया है। इनमें से कई पर दवाब था कि वे नेगी औऱ दिल्ली पुलिस वाले अफसर के खिलाफ गवाही दें।

जिन्हें जेल में डाला गया है वे सभी कभी एनआईए के ही मुखबिर थे। श्री श्री रविशंकर के केम्प भी करवाते थे।

इस एनआईए की अंदरूनी दुश्मनी की वजह कश्मीर पुलिस का बर्खास्तअफसर देवेंद्र सिंह है जो हथियार व आतंकी के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया था। एनआईए भयानक राजनीतक संगठन है जो झूठ गढ़ने की मशीन बन गया है।

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