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भास्कर पर भारी पड़े पत्रकार धर्मेंद्र : कामगार आयुक्त ने भास्कर प्रबंधन को बकाया एरियर देने का निर्देश दिया

मजीठिया के अनुसार बकाया नहीं देने पर हो सकती है कुर्की…

(दैनिक भास्कर मुंबई के जुझारू पत्रकार धर्मेंद्र प्रताप सिंह)

मुंबई के दैनिक भास्कर अखबार से एक बड़ी खबर आ रही है। यहां पत्रकार धर्मेंद्र प्रताप सिंह सहित दो महिला कर्मचारियों के मामले में पहली बार कामगार आयुक्त महाराष्ट्र के कार्यालय ने लंबी सुनवाई के बाद डीबी कॉर्प को साफ़ निर्देश देते हुए नोटिस भेजा है कि पत्रकार धर्मेंद्र प्रताप सिंह, कर्मचारी लतिका आत्माराम चव्हाण और आलिया शेख का जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार बकाये का दावा सही है और आपको निर्देश दिया जाता है कि आप इन तीनों कर्मचारियों का बकाया राशि का जल्द भुगतान करें अन्यथा आपके खिलाफ वसूली आदेश जिलाधिकारी को निर्गत कर दिया जाएगा।

मजीठिया के अनुसार बकाया नहीं देने पर हो सकती है कुर्की…

(दैनिक भास्कर मुंबई के जुझारू पत्रकार धर्मेंद्र प्रताप सिंह)

मुंबई के दैनिक भास्कर अखबार से एक बड़ी खबर आ रही है। यहां पत्रकार धर्मेंद्र प्रताप सिंह सहित दो महिला कर्मचारियों के मामले में पहली बार कामगार आयुक्त महाराष्ट्र के कार्यालय ने लंबी सुनवाई के बाद डीबी कॉर्प को साफ़ निर्देश देते हुए नोटिस भेजा है कि पत्रकार धर्मेंद्र प्रताप सिंह, कर्मचारी लतिका आत्माराम चव्हाण और आलिया शेख का जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार बकाये का दावा सही है और आपको निर्देश दिया जाता है कि आप इन तीनों कर्मचारियों का बकाया राशि का जल्द भुगतान करें अन्यथा आपके खिलाफ वसूली आदेश जिलाधिकारी को निर्गत कर दिया जाएगा।

ज्ञात हो कि ऐसे मामलों में वसूली जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा बिलकुल उसी तरह की जाती है जैसे जमीन के बकाये की वसूली होती है। इसमें कुर्की की कार्रवाई तक भी शामिल है। यह आदेश सहायक कामगार आयुक्त महाराष्ट्र सरकार नीलांबरी भोसले ने 6 जून 2017 को जारी किया है। दैनिक भास्कर मुम्बई ब्यूरो के प्रिंसिपल कर्सपांडेन्ट धर्मेंद्र प्रताप सिंह, रिशेप्सनिस्ट लतिका आत्माराम चव्हाण और आलिया शेख ने जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले में माननीय सुप्रीमकोर्ट के दिशानिर्देशानुसार पिछले साल जून 2016 में महाराष्ट्र के कामगार आयुक्त कार्यालय में 17 (1) के तहत अपने बकाये राशि की वसूली के लिए क्लेम किया था।

यह सुनवाई पूरे एक साल सहायक कामगार आयुक्त नीलांबरी भोसले के समक्ष चली। इस दौरान डी बी कॉर्प की पूरी एचआर टीम और उनके वकील ने तरह तरह के दांव पेंच का इस्तेमाल किया। धर्मेंद्र प्रताप सिंह और लतिका आत्माराम चव्हाण का ट्रांसफर भी काफी दूर कर दिया गया। बाद में धर्मेंद्र प्रताप सिंह के ट्रांसफर पर अदालत ने रोक लगा दी मगर फिर भी कंपनी प्रबंधन ने उन्हें काम पर नहीं रखा जिसके बाद धर्मेंद्र ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला दायर करा दिया। फिलहाल धर्मेंद्र के जुझारू तेवर और कामगार आयुक्त कार्यालय की नोटिस के बाद डी बी कॉर्प प्रबंधन में हड़कंप का माहौल है। वे इस नोटिस पर हाईकोर्ट से स्टे लेने का प्रयास कर रहे हैं मगर धर्मेंद्र ने वहां भी प्रबंधन का रास्ता रोक कर केविएट लगा दिया है।

शशिकांत सिंह
पत्रकार और आरटीआई एक्टिविस्ट
9322411335

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