भास्कर ने केंद्र सरकार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए खुद को सबसे ज्यादा सर्कुलेशन वाला अखबार बताया

भास्कर समूह ने एक खबर का प्रकाशन किया है, केंद्र सरकार के एक आंकड़े का हवाला देते हुए. इसके जरिए कहा गया है कि दैनिक भास्कर देश का सबसे ज्यादा प्रसारित अखबार है. पढ़िए भास्कर में छपी पूरी रिपोर्ट….

46.15 लाख कॉपी के साथ दैनिक भास्कर देश का सबसे ज्यादा सर्कुलेशन वाला अखबार : केंद्र सरकार की रिपोर्ट

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने गुरुवार को अखबारों और मैगजीन्स के रजिस्ट्रेशन और सर्कुलेशन से जुड़ी सालाना रिपोर्ट जारी की। इसमें बताया गया कि दैनिक भास्कर देश का सबसे ज्यादा सर्कुलेशन वाला अखबार है। मिनिस्ट्री ऑफ इन्फॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्ट के मुताबिक, हिंदी में 45 एडिशन के साथ प्रकाशित दैनिक भास्कर का कुल सर्कुलेशन 46 लाख 14 हजार 939 है। मल्टी एडिशन समाचार पत्रों के इस वर्ग में दूसरे नंबर पर टाइम्स ऑफ इंडिया है। 33 एडिशन में अंग्रेजी में प्रकाशित टाइम्स ऑफ इंडिया का सर्कुलेशन 44 लाख 21 हजार 374 है। रिपोर्ट में भास्कर के गुजराती, मराठी और अंग्रेजी के संस्करण शामिल नहीं…

– इन्फॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्ट मंत्री वेंकैया नायडू ने गुरुवार को भारतीय समाचारपत्र पंजीयन 2015-16 की रिपोर्ट जारी की।
– रिपोर्ट में दैनिक भास्कर का आंकड़ा सिर्फ हिंदी में प्रकाशित अखबार का है।
– भास्कर समूह इसके साथ ही गुजराती में दिव्य भास्कर (6 एडिशन), मराठी में दिव्य मराठी (7 एडिशन) और अंग्रेजी में डीएनए (2 एडिशन) व डीबी पोस्ट (एक एडिशन) का भी प्रकाशन करता है।
– इनकी सामूहिक प्रसार संख्या करीब 15 लाख है।
– वैंकेया नायडू ने बताया कि देश में समाचार पत्र-पत्रिकाओं के प्रकाशन में 5.13% का इजाफा हुआ है। एक साल में 5423 नई पत्र-पत्रिकाएं रजिस्टर कराई गईं।
आनंद बजार पत्रिका : एक दिन में सबसे ज्यादा सर्कुलेशन
– रिपोर्ट में किसी एक एडिशन में सबसे ज्यादा सर्कुलेशन वाले अखबारों का भी ब्योरा दिया गया है।
– इस मामले में कोलकाता से बांग्ला भाषा में प्रकाशित आनंद बाजार पत्रिका नंबर-1 पर है। उसका रोज का सर्कुलेशन 11 लाख 50 हजार 38 है।
– वहीं, दिल्ली से अंग्रेजी में प्रकाशित हिंदुस्तान टाइम्स 9 लाख 92 हजार 239 कॉपी के साथ दूसरे नंबर पर है।
एक दिन में हिंदी में सबसे ज्यादा प्रकाशन
– प्रकाशन के मामले में हिंदी अब भी नंबर एक पर है। हिंदी भाषा में हर प्रकाशन दिवस में 31 करोड़ 44 लाख 55 हजार 106 प्रतियां छपीं।
– दूसरे नंबर पर अंग्रेजी है। उसकी 6 करोड़ 54 लाख 13 हजार 443 प्रतियां प्रकाशित हुईं। उर्दू भाषा 5 करोड़ 17 लाख 75 हजार प्रतियों के साथ तीसरे स्थान पर रही।
– सरकार ने कहा कि 31 मार्च 2016 तक 1 लाख 10 हजार 851 पत्र-पत्रिकाएं रजिस्टर हो चुकी थीं। समाचार पत्र वर्ग में 16,136 और मैगजीन वर्ग में 94,715 पंजीकरण हैं।
– इसमें सबसे ज्यादा 44,577 रजिस्ट्रेशन हिंदी भाषा के लिए है। दूसरे स्थान पर अंग्रेजी भाषा रही। इसमें 14,083 पंजीकरण हैं। सर्कुलेशन के मामले में मलयालम भाषा की पत्रिका वनिता अव्वल है।

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