किंगजार्ज मेडिकल कॉलेज के भ्रष्टाचारी कुलपति डा. रविकांत को हटना पड़ा

किंगजार्ज मेडिकल कॉलेज के निवर्तमान कुलपति डा0 रविकांत के खिलाफ चल रही मेरी भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई में आखिरकार मुझे विजय प्राप्त हुई। राजनैतिक शक्तियों से समृद्ध कुलपति डा0 रविकांत ने सत्ता संरक्षण में केजीएमसी को जिस तरह से लूट का अड्डा बना दिया था, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। मरीजों की कैंटीन से लेकर दवाओं की खरीदी और उपकरणों व बेड की खरीदी से लेकर, कंप्यूटर खरीद और भर्तियों में जिस तरह से मनमानी व भ्रष्टाचार किया गया, वह डरावना है।

पूरा मेडिकल कॉलेज प्राइवेट लिमिटेड बनाकर रख दिया गया। मैंने व्यक्तिगत तौर पर डा0 रविकांत को तमाम अनियमितताओं की ओर उनका ध्यानाकृष्ट किया लेकिन सत्ता के मद में चूर कुलपति सब कुछ अनसुना करते गए। डा0 वाखलू ने भी कंप्यूटर खरीद में जमकर घपला किया और वह इस लिए निरंकुश रहा क्योंकि उसके सीधे संबंध सत्ता के शीर्ष तक थे।

एक रूपए का पर्चा 51 रूपए में बनने लगा। मरीजों के रजिस्टेशन के नाम पर उनका दोहन हुआ है। केजीएमसी में मरीजों को एक्सरे के नाम पर सीडी दी जाने लगी। गाँव- देहांत और छोटे से शहर से आने वाले मरीजों को अगर तत्काल कोई जरूरत पड़ जाए तो अब वह सीडी कहाँ खुलवाता घूमे? जिलों में कितने चिकित्सक लैपटाप लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों या जिला अस्पतालों में आते हैं? अगर आते भी हैं तो क्या यह आवश्यक है कि उनके सिस्टम पर सीडी खुले?

मैंने डा0 रविकांत को व्यक्तिगत तौर पर यह समस्या बताई पर उन्होंने ध्यान नहीं दिया….भर्तियों में जमकर मनमानी हुई। उपकरणों की खरीद को लेकर भी यही हुआ। मरीज दवाओं को लेकर पूरे तीन साल भटकता रहा। कैंटीन प्राइवेट हाथों में सौंप दी गई। पूरा केजीएमसी प्राइवेट लिमिटेड बनाकर रख दिया गया।

आखिरकार मोर्चा खोलना पड़ा। अपने कार्यकाल को बढवाने के लिए डा0 रविकांत ने पश्चिम के भाजपा के जाट नेताओं से लेकर संघ के नेताओं तक से संपर्क साधारण लेकिन सफल नही हुए। मैं हृदय से महामहिम मा0 राज्यपाल का आभारी हूँ कि उन्होंने न्यायसंगत निर्णय लिया। मेरी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।

डा0 रविकांत को जाती हुई सरकार ने कैंसर इंस्टीट्यूट का निदेशक बना दिया है। हाल ही में मैं कैंसर इंस्टीट्यूट गया था। बहुत बुरी स्थिति में है। मुख्यमंत्री से गुजारिश है कि गरीब और असहाय मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए यहां किसी ईमानदार छवि के योग्य चिकित्सक की बतौर निदेशक तैनाती करें। केजीएमसी में हुए भ्रष्टाचार की जांच और दोषियों के सजा होने तक मैं लडूंगा।

…महामहिम का पुनः आभार….

कई अखबारों में काम कर चुके और लखनऊ में सोशल एक्टिविस्ट के रूप में सक्रिय पवन सिंह की एफबी वॉल से.



भड़ास व्हाट्सअप ग्रुप- BWG-10

भड़ास का ऐसे करें भला- Donate






भड़ास वाट्सएप नंबर- 7678515849

Leave a Reply

Your email address will not be published.

*

code