बिजली संकट पर Indian Express की ये रिपोर्ट पढ़ने लायक़ है!

शीतल पी सिंह-

कोयला
बिजली
गुजरात

अडानी, एस्सार और टाटा के बिजलीघर आयातित कोयले के मंहगे होने से अपने PPP का उल्लंघन करते हुए बंद हो गये हैं, नतीजतन गुजरात सरकार को पंद्रह रुपए प्रति यूनिट की दर से लगभग डेढ़ सौ करोड़ रुपए की बिजली रोज खरीदनी पड़ रही है।

जनवरी से जो बिजली के बिल आएंगे उसमें गुजरातियों को यह पैसा लौटाने का उपक्रम होगा । ऐसा कानून है, यानि बिजली महंगी हो गई है।

कोयले की कमी के चलते नेचुरल गैस से चलने वाले बिजली घरों की डिमांड आसमान पर है और नेचुरल गैस भी मंहगी हो गई है, यानि वाहनों की CNG और घरों की PNG भी मंहगी होने जा रही है।

गुजरात का संदर्भ इसलिए लिया कि वह हिंदुत्व/मोदित्व की प्रयोगशाला है जहां प्रायवेटाइजेशन विकास का मंत्र है जो किसी भी कठिनाई के समय या तो हाथ खड़े कर देता है या विपत्ति में वैपार के फार्मूले के अनुसार रक्तपान के रिकार्ड बनाता है।

बाकी वृतांत Indian Express ,की संलग्न रिपोर्ट में पढ़िए जो बड़ी मेहनत से तैयार की गई है।

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