भाजपा में असली शेखचिल्ली कौन?

अश्विनी कुमार श्रीवास्तव-

बड़ी बड़ी डींगे हांकने यानी शेखियां बघारने वाले को भारत में शेखचिल्ली कहा जाता है. आपने भी शायद शेखचिल्ली की कहानियां कभी न कभी तो सुनी या पढ़ी होंगी…. लेकिन जब से मोदी जी हर साल दो करोड़ नौकरी, बुलेट ट्रेन, एक ट्रिलियन की इकॉनमी, सैकड़ों स्मार्ट सिटी, डॉलर से मजबूत रुपया, डीजल- पेट्रोल 50 रुपये से कम, गंगा सफाई, स्विस बैंक या अन्य विदेशी बैंकों से काले धन की वापसी, देश से काले धन का खात्मा जैसी बड़ी-बड़ी डींगें हांक कर सत्ता हथियाने में सफल हो गए हैं, भाजपा नेताओं में तो जैसे शेखचिल्ली बनने की होड़ ही मच गई है.

शायद तभी कुछ रोज से मीडिया – सोशल मीडिया में खबरें आ रही हैं कि मोदी जी अपने योगी जी से नाराज़ हैं… मोदी जी की नाराजगी गलत नहीं है भाई… शेखचिल्ली तो कोई एक ही होना चाहिए पार्टी में…

ध्यान भटकाने वाली शातिर राजनीति को समझिए

योगी सरकार के मुखिया बने रहेंगे या हटा दिए जाएंगे….यूपी बंटेगा या नहीं बंटेगा….ब्राह्मण वोट बीजेपी को दिलाने के लिए कौन सा नेता कारगर रहेगा या नहीं रहेगा… इतने ‘अहम’ मसलों पर चर्चा के कारण लोग देश के बदहाल हैल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर पर चर्चा और सरकारी तंत्र की लापरवाही व अक्षमता के कारण कोरोना से मारे गए अनगिनत लोगों का दोष मोदी – योगी के सर पर देना भूल गए हैं.

जबकि अभी कुछ ही रोज पहले तक ज्यादातर लोग मोदी और भाजपा को भला- बुरा कह रहे थे … हालांकि तब भी भारत की जनता का मिजाज समझने वाले लोगों का कहना था कि चुनाव में अभी देर है …. और तब तक कोरोना काल में मची इस तबाही के कारण मोदी और भाजपा से नाराजगी भी भूली- बिसरी बात हो जाएगी. लेकिन केंद्र की सत्ता में बैठे शातिर लोग 2022 में जनता भूलेगी या नहीं, इसका भी जोखिम लेने को तैयार नहीं हैं….

इसलिए उन्होंने ऐसी रणनीति बनाई कि कुछ ही दिनों में जनता सब कुछ भुला कर वापस राजनीति के सवालों में उलझ जाए…. इसके लिए बाकायदा मीडिया और सोशल मीडिया की अपनी वफादार फौज को लगा दिया गया….

फौज ने भी ताबड़तोड़ एक के बाद एक राजनीतिक जोड़- तोड़ के ऐसे दिलचस्प मुद्दे उठा दिए, जिस पर चर्चा करने में यूपी क्या पूरे उत्तर भारत में बच्चा, बूढ़ा, जवान, आदमी, औरत, अनपढ़, शिक्षित, गरीब, धनवान….हर कोई न सिर्फ माहिर है बल्कि इन्हीं विषयों पर चर्चा में उसका भी मन भी लगता है.

माहौल देखकर यकीन ही नहीं हो रहा कि अभी कुछ रोज पहले तक हर तरफ जनता में मोदी/ भाजपा से जबरदस्त नाराजगी थी… तब तो मोदी समर्थक तक यह कहने लगे थे कि अब यूपी में 2022 में बीजेपी नहीं आएगी. लेकिन जब से ये मुद्दे उठे हैं, तब से लोग इसी में माथापच्ची करने में लगे हैं कि योगी जाएंगे तो मुख्यमंत्री ब्राह्मण बनेगा या पिछड़ा. या फिर राजनाथ के रूप में दोबारा राजपूत नेता ही लाया जाएगा….दोबारा भाजपा सरकार आएगी तो यूपी का मुख्यमंत्री कौन होगा? ख़बरें भी एक से बढ़कर एक दिलचस्प लाई जा रही हैं…. योगी से मोदी- शाह नाराज हैं… संघ योगी के साथ है… संघ अब मोदी के पर कतरने जा रहा है… वगैरह- वगैरह…

सरकार के सूरमा फिलहाल विपक्ष और मोदी से नाराज़ जनता के साथ बिल्कुल वही कर रहे हैं, जो फिल्म पड़ोसन में किशोर कुमार ने महमूद के साथ गाने की प्रतियोगिता में किया था… महमूद जो चतुर नार का स्वर लगाते थे, किशोर कुमार उसे घोड़े- घोड़ी पर लाकर उनका सुर ही बिगाड़ देते थे. अंततः किशोर कुमार ने ऐसा सुर भुलवाया कि महमूद शास्त्रीय गायन छोड़ कर अनाप शनाप बकने लगे.

विपक्ष को तो यह गाना बार बार देखना- सुनना चाहिए… ताकि उन्हें याद रहे कि भाजपा के भीतर मची घमासान का मुद्दा सही हो या वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का खुद भाजपा का कोई छलावा….. लेकिन यह वह सुर ही नहीं है, जिसे लगाकर वे 2022 का चुनाव जीत पाएंगे…

भड़ास के माध्यम से अपने मीडिया ब्रांड को प्रमोट करें. वेबसाइट / एप्प लिंक सहित आल पेज विज्ञापन अब मात्र दस हजार रुपये में, पूरे महीने भर के लिए. संपर्क करें- Whatsapp 7678515849 >>>जैसे ये विज्ञापन देखें, नए लांच हुए अंग्रेजी अखबार Sprouts का... (Ad Size 456x78)

भड़ास की खबरें व्हाट्सअप पर पाएं, क्लिक करें- Bhadas30 WhatsApp

One comment on “भाजपा में असली शेखचिल्ली कौन?”

  • राजीव says:

    टेंशन क्यों लेते हो, कोई लाला ही यूपी का सीएम बनेगा. लाला भी तो मूली नहीं उखड़ने से नाराज हैं. लाला एकता जिंदाबाद.

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *