बोफोर्स फाइल छुपाने के बयान के बाद मुलायम सिंह से पूछताछ करे सीबीआई

मुलायम सिंह ने कहा है कि राजनेताओं पर आपराधिक मुकदमे नहीं चलाये जाने चाहिये. उनके अनुसार इसीलिए भारत के रक्षामंत्री रहते उन्होंने बोफोर्स की फाइल छुपा दी थी. इस कथन से दो निष्कर्ष निकलते हैं. एक तो ये कि नेताजी की जानकारी में था कि कोई राजनेता बोफोर्स में शामिल है और वे उसे बचाना चाहते थे. अच्छा होगा वे उसका नाम देश को बताएं. वर्ना सीबीआई, जिसने इस मामले की जांच की थी, वह उनसे पूछताछ करे.

दूसरी बात यह है कि फाइल छुपाकर मुलायम सिंह ने न्याय-प्रक्रिया को बाधित किया. वे खुद ही ऐसा दावा कर रहे हैं. लिहाजा भारतीय दंड संहिता की सक्षम धाराओं के अंतर्गत उन्हें हिरासत में लेकर उनके विरुद्ध कार्रवाही की जानी चाहिए. किसी क्रिमिनल मुक़दमे में सबूत छुपाना या मिटाना गंभीर अपराध है. अंतिम बात कहनी है कि राजनेताओं को आपराधिक कानून से ऊंचा मानकर नेताजी ने भारतीय संविधान के प्रति ली गयी शपथ तोड़ी है क्योंकि संविधान की दृष्टि में सभी नागरिक समान हैं, कोई कानून से ऊपर नहीं है. केवल तानाशाही में सत्ताधीश विधि से ऊपर माने जाते हैं, लोकतंत्र में नहीं; इसमें तो न्यायपालिका ही अपराधी-निरपराधी तय कर सकती है, कोई मुलायम सिंह नहीं.

अजय मित्तल

खंदक, मेरठ 

ajay.mittal97khandak@gmail.com



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