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चोर बिल्डर कंपनी आम्रपाली के खिलाफ नेफोवा पहुंची सुप्रीम कोर्ट

आम्रपाली के ठगे हुए निवेशक उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से हताशा हाथ लगने के बाद अब कोर्ट की शरण में जा रहे हैं। पहले भी आम्रपाली की कई परियोजनाओं के निवेशक सुप्रीम कोर्ट जा चुके है। अब नेफोवा ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। यह याचिका उन परियोजनाओं को लेकर डाली गई है, जिन पर अभी तक काम ही शुरू नहीं हो सका है। वर्तमान में आम्रपाली के गोल्फ होम्स, ¨कग्सवुड, लेजर पार्क, रिवर व्यू प्रोजेक्ट, वेरोना हाइट्स, जौरा हाइट्स, आदर्श आवास योजना, सेंचुरियन पार्क और ड्रीम वैली परियोजनाओं के निवेशकों की सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है।

आम्रपाली के ठगे हुए निवेशक उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से हताशा हाथ लगने के बाद अब कोर्ट की शरण में जा रहे हैं। पहले भी आम्रपाली की कई परियोजनाओं के निवेशक सुप्रीम कोर्ट जा चुके है। अब नेफोवा ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। यह याचिका उन परियोजनाओं को लेकर डाली गई है, जिन पर अभी तक काम ही शुरू नहीं हो सका है। वर्तमान में आम्रपाली के गोल्फ होम्स, ¨कग्सवुड, लेजर पार्क, रिवर व्यू प्रोजेक्ट, वेरोना हाइट्स, जौरा हाइट्स, आदर्श आवास योजना, सेंचुरियन पार्क और ड्रीम वैली परियोजनाओं के निवेशकों की सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है।

नेफोवा के अध्यक्ष अन्नू खान ने बताया कि राज्य में भाजपा की सरकार के गठन के बाद उम्मीद जगी थी कि सरकार आम्रपाली के घर खरीदारों की समस्या का जल्द हल निकालेगी। सरकार की मंशा होम बायर को उनका घर दिलाने की जरूर थी, लेकिन अधिकारियो द्वारा कहीं न कहीं सरकार को भ्रमित करने की कोशिश की गई। नतीजा यह रहा कि सरकार आम्रपाली के प्रोजेक्ट को लेकर अब तक कोई ठोस प्लान नहीं ला पाई, न ही आम्रपाली के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई। हालांकि कई बार बैठक हुई, समिति का गठन हुआ, पर नतीजा कुछ नहीं निकला। बस झूठे आश्वासनों द्वारा आम्रपाली के घर खरीदारों को महीनों अंधेरे में रखा गया। ऐसे में नेफोवा पदाधिकारियोंका कहना है कि आम्रपाली के घर खरीदारों की समस्या के समाधान का एक मात्र रास्ता सुप्रीम कोर्ट ही है। लोगों को हर हाल में उनका घर चाहिए और सभी को उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट में उन्हें न्याय जरूर मिलेगा।

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