भारत बंद के चलते कोर्ट में पेश न हो सकी सलोनी अरोड़ा

पेट्रोल-डीजल मूल्यवृद्धि के विरोध में कांग्रेस सहित विपक्षी दलों द्वारा किए गए भारत बंद से कल्पेश याग्निक खुदकुशी मामला भी प्रभावित हो गया। सोमवार को सलोनी अरोरा की न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने पर उसे कोर्ट में पेश किया जाना था लेकिन पुलिस अमला बंद से निपटने में लगा रहा।

चूंकि पुलिस प्रशासन बंद के आह्वान तहत कानून व्यवस्था की ड्यूटी में व्यस्त था, इसके चलते जेल से आरोपी महिला पत्रकार सलोनी अरोरा को कोर्ट नहीं लाया जा सका।पुलिस की ओर से यह जानकारी देने के बाद कोर्ट ने उसकी न्यायिक हिरासत की अवधि आगामी 22 सितंबर तक बढ़ा दी।

गौरतलब है कि सलोनी अरोरा के फोन कॉल-आडियो टेप-धमकियों आदि से भयाक्रांत होकर पत्रकार कल्पेश याग्निक ने 12-13 जुलाई की रात दैनिक भास्कर कार्यालय भवन की तीसरी मंजिल से कूद कर आत्महत्या कर ली थी। 5 करोड रुपए के लिए ब्लैकमेल किए जाने व कल्पेश को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित किये जाने के आरोप में सलोनीको गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों का कहना है कि जल्दी उसकी ओर से जमानत का आवेदन लग सकता है।

इंदौर से वरिष्ठ पत्रकार कीर्ति राणा की रिपोर्ट.

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