प्रवीण खारीवाल ने दिया इस्तीफा, ‘दबंग दुनिया’ के बंद होने की चर्चा

गुटखा किंग किशोर वाधवानी के अखबार ‘दबंग दुनिया’ की हालत धीरे-धीरे खस्ता होने लगी है। तीन महीने पहले धूमधड़ाके से ‘दबंग दुनिया’ के सीईओ बनाए गए प्रवीण खारीवाल ने भी अखबार को बॉय-बॉय बोल दिया है। बताया गया है कि किशोर वाधवानी की दखलंदाजी और अर्थ संकट के कारण खारीवाल ने ‘दबंग दुनिया’ से दूरी बनाई है। इसके अलावा ‘दबंग दुनिया’ के इंदौर और भोपाल संस्करणों को छोड़कर बाकी सभी 7 संस्करण बंद किए जा रहे हैं। अब यहाँ सिर्फ ब्यूरो काम करेंगे।

इसकी शुरुआत स्टॉफ की छंटनी से हो गई है। रायपुर से कई लोगों को निकाला जा रहा है। किशोर वाधवानी पर आए इस संकट का सबसे बड़ा कारण तम्बाखू गुटखा और सिगरेट कारोबार के प्रति केंद्र सरकार का सख्त रवैया है! किशोर ‘शिमला गुटखा’ के मालिक हैं और ‘विमल गुटखा’ के एमपी, सीजी के डिस्ट्रीब्यूटर हैं। इंदौर के जमीन कारोबार में भी वाधवानी का काफी दखल है, जो इन दिनों मुश्किल में है। आशाराम बापू की धर्म की दुकान बंद होने का असर भी वाधवानी के कारोबार पर पड़ा है। ‘दबंग दुनिया’ जिस राह पर जा रहा है, उससे लगता है कि इंदौर और भोपाल संस्करण भी ज्यादा दिन चल नहीं सकेंगे। इस अखबार की असमय मौत का कारण अक्षम लोगों के हाथ में अखबार की कमान सौंपा जाना है।



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Comments on “प्रवीण खारीवाल ने दिया इस्तीफा, ‘दबंग दुनिया’ के बंद होने की चर्चा

  • खारीवाल को घर का रास्ता दिखाया वाधवानी ने
    दैनिक दबंग दुनिया में सीईओ प्रवीण खारीवाल को अखबार के चैयरमेन किशोर वाधवानी ने घर का रास्ता दिखा दिया है। चैयरमेन द्वारा दस लाख रू का टारगेट दिये जाने के बाद खारीवाल को दस्त लग गई , वे तीन दिन दफ्तर नहीं आये और फिर मेल से अपना इस्तीफा चैयरमेन को भेज दिया। वाधवानी ने अब खारीवाल को इस्तीफा मंजूर होने की सूचना भेजते हुए हिसाब के लिए दफ्तर बुलाया है। चार महीने पहले खारीवाल ने 7 लाख रू एडवांस लेकर दबंग दुनिया ज्वाईन किया था और वाधवानी को उंचे सब्जबाग दिखा कर अभी तक तगड़ा फटका लगाया है।
    इंदौर प्रेस क्लब के बैनर तले वाधवानी के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद खारीवाल रातोंरात दबंग दुनिया के सीईओ बन गए थे। वे रात दिन वाधवानी के गुण गाने लगे और उन्हें अखबार के माध्यम से रातों रात करोडपति बनने के सब्जबाग दिखाने लगे। पहले उन्होंने एक मासिक पत्रिका निकालने के नाम पर किशोर वाधवानी को बेवकूफ बनाया फिर इंदौर के 50 लोगों पर एक काफी टेबल बुक निकाल कर भारी पैसा जुटाने का लालीपाप दिया। इन चार महीनों में वे एक भी बार तय टारगेट के मुताबिक रेवेन्यू जनरेट नहीं कर पाए और हर बार मालिक के सामने नए नए बहाने बनाते रहे। इंदौर के साथ ही उन्होंने रायपुर में भी अपने संपर्कों के माध्यम से उन्होंने अच्छा पैसा अखबार के लिए दिलाने का भरोसा मालिक को दिलवाया था।
    चार महीने बाद भी जब नतीजा शून्य रहा तो श्री वाधवानी का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने खारीवाल को एक मेल भेजकर रोज सुबह 10.30 बजे मार्केटिंग की बैठक में मौजूद रहने और दिसंबर महीने में दस लाख रू का रेवेन्यू जनरेट करने को कहा था। इस मेल ने खारीवाल की हवा निकाल दी और तीन दिन दफ्तर से गायब रहने के बाद अपना इस्तीफा मेल से भेज वे अज्ञातवास पर चले गए। वाधवानी ने अब उन्हें आफिस आकर हिसाब देने को कहा है।

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  • suresh kumar says:

    अखबार को बंद कराने में उनके कुछ संपादक ही जिम्मेदार है। जो रिलांचिग के जरिए लाखों मिलने की सब्ज बाग दिखाते रहे। दरअसल नकारा संपादक रखेंगे और दरूचि तो अखबार का अंजाम ऐसा ही होगा।

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  • dabang duniya ke jabalpur edition me bhi bada golmal ho rha he. pehle ke sampadak or unke pyado ne malik ko loot liya or naye sampadak bhi kuch isi irade se aaye he. wo bhi bade-bade wade karke aaye he. lekin compny ko yah nhi pata ki unki market reputation kya he. market to thukta hi he or sare karmchari bhi 4 din me usse trast hone lge he. patrkarita karte karte bhale hi barso bita diye ho lakin bindi-matra tak ka gyan nhi use. marketing team paresan he or editorial bhi. sunne me aya he ki accont department par uska focus he. wadhwani ji samay rhte chet jaaiye. achhe-khase akhbar ki baat laga dega ye. politics ke alwa kuch nhi ata use. chhe to uska background pata karwalo, abhi bhi kuch nhi bigda.

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  • दबंग दुनिया तो एक है पर खारीवाल ने तो प्रेस क्लब ही बेच खाया। कभी चोथा संसार मे छोटी सी नौकरी करने वाला यह अदना सा कर्मचारी आज इंदौर सिटी का सब से बडा दलाल बन गया है। दो दशक पूर्व जावरा से जब यह इंदौर आया था, जब इस के पास कुछ भी नहीं था। आज यह मीडिया के नाम पर करोड़ो कमाता है। ऐसे लोगो से ही हमे सब को बचाना और बचाना है

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  • दबंग दुनिया तो एक है पर खारीवाल ने तो प्रेस क्लब ही बेच खाया। कभी चोथा संसार मे छोटी सी नौकरी करने वाला यह अदना सा कर्मचारी आज इंदौर सिटी का सब से बडा दलाल बन गया है। दो दशक पूर्व जावरा से जब यह इंदौर आया था, जब इस के पास कुछ भी नहीं था। आज यह मीडिया के नाम पर करोड़ो कमाता है। ऐसे लोगो से ही हमे सब को बचाना और बचाना है .

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  • rajesh shukla says:

    असल में खारीवालजी का दंबग दुनिया में सीइओ बनना एक ब्लैकमेंलिंग का हिस्सा था। खारीवाल ने प्रेसक्लब की मैग्जीन के जरिये दंबग दुनिया के मालिक किशोर वाधवानी को ब्लैकमेल किया फिर 7 लाख रुपए लेकर सीईओ बन गया। खारीवाल के कुकृत्यों से इंदौर प्रेस क्लब जैसी गरिमामयी संस्था शर्मसार हो रही है। खारीवाल जी दलाली करते हैं..फिक्सिंग करते हैं…
    और पत्रकारिता की आड़ में पत्रकारिता छोड़ कर सारे धतकरम करते हैं। सबूत पूरे शहर के सामने हैं। सारे असली पत्रकार इसके बारे में जानते हैं। फिर भी ना जाने क्यों इँदौर जैसे पत्रकारिता के सिद्धातों वाले शहर में ये दलाल प्रेस क्लब का अध्यक्ष बना बैठा है।

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  • प्रवीण खारीवाल के काले सच से भड़ास 4 मीडिया के संपादक भलीभांति परिचित हैं ! उन्ही के कहने पर उन्होंने खारीवाल hit साधते हुए खबर पोस्ट की हैं…
    jy mr. gobar ganesh…
    आखिर सगे संबंधी चोर चोर मोसेरे भाई

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  • DABANG DUNIYA DABANG HI OR RAHEGA VADHVANI JI JAISA AKHBAR MALIK N PEDA HUA N HOGA,KISI KO SHAK HO TO AK BAR SATH KAM KARKE DEKHE.JO JHALI KAPTI SHADYANTRAKARI HOTE HI UNKO JARUR DABANG ME BURA LAGTA HI .

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