दबंग दुनिया अखबार में लीड खबर के रूप में छपा उपेंद्र-राजेश्वर प्रकरण, पढ़ें

ईडी अधिकारी पर ही आय से अधिक संपत्ति का आरोप बदले की भावना से काम कर रहीं जांच एजेंसियां, चैनल खोलने के लिए उपेंद्र राय ने इकट्ठे किए थे पैसे, राय के करीबियों और वकीलों पर भी ईडी का दबाव मुंबई। देश के बड़े पत्रकारों में शुमार उपेंद्र राय बहुत कम समय में ऊंचाई पर …

दबंग दुनिया की सीईओ ने अखबार मालिक के खिलाफ कर दी शिकायत, देखें लेटर

दबंग दुनिया अखबार व आनलाइन न्यूज चैनल के विज्ञापन रद्द करने और दबंग दुनिया अखबार के मालिक किशोर वाधवानी की पत्रकार के रूप में अधिमान्यता समाप्त करने के लिए इसी अखबार में कार्यरत सीईओ ने जनसम्पर्क विभाग में शिकायत कर दी है। कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

मध्य प्रदेश के इस अखबार मालिक ने अपनी ही महिला मीडियाकर्मी के साथ ये क्या कर दिया, देखें वीडियो

गुटका किंग पर महिला मीडियाकर्मी ने अप्राकृतिक कुकृत्य करने का आरोप लगाया, भोपाल के एमपी नगर थाने में एफआईआर दर्ज इंदौर के गुटखा कारोबारी और दबंग दुनिया नामक अखबार के मालिक किशोर वाधवानी पर उन्हीं की कम्पनी की महिला कर्मचारी ने अप्राकृतिक संबंध बनाने और धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत पर एमपी …

गुटका किंग के अखबार में 7 अगस्त तक सेलरी न मिलने का क्या है राज?

खबर आ रही है कि इंदौर में सबसे अधिक धनी अपने आपको मानने वाले एक अखबार दबंग दुनिया में 7 अगस्त तक कर्मचारियों को सेलरी नसीब नहीं हुई है। यानी 1 या 2 तारीख को वेतन देने वाले इस लखपति अखबार में इतने दिनों तक कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। वैसे रक्षाबंधन पर्व पर कर्मचारियों के हाथों में वेतन नहीं आने से कई मायूस दिखाई दिए। इधर ईमेल से मिली खबरों के अनुसार यह बात सामने आ रही है कि अखबार में इनकम टैक्स का डंडा चला है इस कारण 7 अगस्त तक कर्मचारियों के अकाउंट में वेतन नहीं पहुंचा है।

गुटका माफिया के अखबार में बीस प्रतिशत सेलरी कटौती का फरमान जारी!

इंदौर में एक कुख्यात गुटका माफिया रहता है. नाम है किशोर बाधवानी. यह अपने उल-जुलूल धंधों को पोषित करने के लिए एक अखबार निकालता है जिसका नाम है दबंग दुनिया. अखबार का नाम भी किसी गुटखे सरीखा है. सो, यहां का कामकाज का माहौल भी गुटखा कंपनी जैसा रखा जाता है.

दबंग दुनिया के जयचंदों से सावधान…सावधान…सावधान…

यशवंत जी, नमस्कार

काफी समय बाद आपसे बात कर अच्छा लग रहा है। भड़ास पर दबंग दुनिया संस्थान को लेकर डाली गई पोस्ट पढ़ी, स्वाभाविक है ये आपको किसी ने भेजी ही होगी। क्योंकि आप बिना तथ्यों के कोई पोस्ट प्रकाशित नहीं करते हैं। इस पोस्ट में मेरी रुचि होने का कारण महज इतना है कि वर्तमान में मुझे विजय शुक्ला के स्थान पर पुन: दबंग दुनिया भोपाल में संपादक बनाया गया है। पोस्ट में जिस प्रकार कथित तौर पर संबंधित पत्रकार ने विजय शुक्ला और विजय गुप्ता का ‘दर्द’ बयां किया है, उससे लगता है कि ये दोनों संस्थान के लिए कुछ ज्यादा ही कर्मठ और इमानदार रहे हैं। खैर, इस संबंध में चर्चा न करते हुए मैं विजय शुक्ला और विजय गुप्ता के कुछ तथ्य बताना चाह रहा हूं।आशा करता हूं कि इन्हें भी आप उचित स्थान देंगे

‘दबंग दुनिया’ को दबंगई से अलविदा कह गए संपादक विजय शुक्ला और सीईओ विजय गुप्ता

‘दबंग दुनिया’ नाम का अखबार निकालने वाला इंदौर का गुटका व्यापारी किशोर वाधवानी जाने कब किसे रखे, कब किसे निकाल दे, कब किस पर कौन सा प्रेशर बना दे, कुछ नहीं कहा जा सकता. ताजा मामला है दबंग दुनिया के संपादक विजय शुक्ला और उनके मार्केटिंग साथी सीईओ विजय गुप्ता का. इन दोनों पर दबंग दुनिया के आफिस में बैठकर दबंग दुनिया को तबाह करने का जो षड़यंत्र रचने का आरोप लगा किशोर वाधवानी ने निकाल बाहर कर दिया.

‘दबंग दुनिया’ का मालिक किशोर वाधवानी नक्सलियों का मददगार, 90 लाख रुपए रायपुर में पकड़ाए

‘दबंग दुनिया’ अखबार का मालिक किशोर वाधवानी नशे का बड़ा करोबारी है. उसका अखबार मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र से निकलता है. इन तीनों प्रदेशों में नक्सली सक्रिय हैं. किशोर वाधवानी के दो गुर्गे कल रायपुर में नक्सलियों के 90 लाख रुपए बैंक में बदलवाते रंगे हाथों पकड़े गए। रायपुर की बैंक आफ इंडिया की देवेंद्र नगर शाखा में किशोर वाधवानी के ‘दबंग दुनिया’ अखबार में काम करने वाले 500 और 1000 के नोट जमा कराने पहुंचे थे.

अखबार के रीजनल मैनेजर ने खोली चाय की दुकान, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

जबलपुर। जबलपुर में दबंग दुनिया के रीजनल मैनेजर विपिन नामदेव ने अखबार की नौकरी छोड़कर चाय की दुकान खोल दी है. उन्‍होंने यह कदम दबंग दुनिया में पिछले कई महीनों से सैलरी न मिलतने तथा किसी ना किसी बहाने सैलरी काटे जाने से नाराज होकर उठाया है. उनके विरोध के इस तरीके की चर्चा पूरे …

‘दबंग दुनिया’ में वेतन के लाले पड़े!

गुटखा किंग किशोर वाधवानी का अखबार ‘दबंग दुनिया’ हमेशा ख़बरों की दुनिया में खबर बनता रहा है। इस अखबार के पांच साल में कई संस्करण निकले। लेकिन, सारी कोशिशों के बाद भी इस अखबार की गंभीर पत्रकारिता में कोई साख नहीं बन सकी! तरह-तरह के प्रयोग भी कई बार किए गए। बार-बार स्टॉफ बदला गया, पर कोई नतीजा नहीं निकला! इस अखबार को मध्यप्रदेश में अब तक कोई पहचान नहीं मिली है! अब ‘दबंग दुनिया’ का प्रयोग आर्थिक संकट में फंसता नजर आ रहा है।

दबंग दुनिया में कीर्ति राणा और ईशान अवस्थी संपादक बने, राजेंद्र तिवारी समेत तीन ने दिया इस्तीफा

दबंग दुनिया से खबर है कि कुछ लोगों ने की नई नियुक्ति हुई है और कइयों ने इस्तीफा दिया है. वरिष्ठ पत्रकार कीर्ति राणा उज्जैन के संपादक बनाए गए हैं. ईशान अवस्थी को इंदौर एडिशन का एडिटर बनाया गया है. वहीं दबंग दुनिया जबलपुर से पत्रकार राजेन्द्र तिवारी, अनंत चतुर्वेदी लीगल रिपोर्टर तथा पेज डिजाइनर मुकेश झारिया ने मैनेजमैंट के रवैये से तंग आकर नौकरी छोड़ दी है.

‘दबंग दुनिया’ के मालिक ने अपनी ही केबिन में अपने दो पत्रकारों को पिटवाया!

‘दबंग दुनिया’ किसी और के लिए दबंग हो न हो पर अपने यहाँ काम करने वाले पत्रकारों पर दबंगता जरूर दिखा रहा है. चर्चा है कि विवादों में रहने वाले इस अखबार के मालिक और गुटका किंग किशोर वाधवानी ने पिछले दिनों ‘दबंग दुनिया’ में कार्यरत दो पत्रकारों प्रमोद दभाड़े और रिपोर्टर संतोष को दफ्तर में सिर्फ इसलिए पिटवाया कि उन्होंने एक ऐसी खबर छाप दी थी जो किशोर वाधवानी के किसी ख़ास आदमी से जुडी थी.

काम के दबाव के कारण दबंग दुनिया अखबार के खंडवा मार्केटिंग इंचार्ज शैलेंद्र ने आत्महत्या की

दबंग दुनिया अखबार के मार्केटिंग विभाग में कार्यरत शैलेंद्र शर्मा के बारे में एक दुखद सूचना आ रही है कि उन्होंने दो दिन पहले खंडवा के एक होटल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. चर्चा है कि उन्होंने यह कदम काम के अत्यधिक दबाव के कारण उठाया. आरोप है कि दबंग दुनिया के सीईओ द्वारा उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था. वे खंडवा में दबंग दुनिया के मार्केटिंग एवं सर्क्यूलेशन इंचार्ज थे.

पंकज मजपुरिया ‘पीपुल्स समाचार’ से ‘दबंग दुनिया’ सीईओ बनकर आए

‘पीपुल्स समाचार’ के इंदौर संस्करण को लेकर अभी तक कई प्रयोग हो चुके हैं. पिछले दिनों ‘पीपुल्स समाचार’ ने मार्केटिंग के एक प्रयोगधर्मी पंकज मजपुरिया को कमान सौंपी थी. पंकज ने करीब तीन-चार महीने तक उठापटक भी की. ताजा खबर है कि पंकज मजपुरिया ‘पीपुल्स समाचार’ छोड़कर ‘दबंग दुनिया’ में पहुँच गए. उन्हें सीईओ बनाया गया है, जो पहले प्रवीण खारीवाल थे. पंकज मजपुरिया दैनिक भास्कर, नईदुनिया, फ्री प्रेस समेत इंदौर के करीब सभी अख़बारों में अपने प्रयोग कर चुके हैं. देखना है कि ‘दबंग दुनिया’ में वे क्या कमाल कर पाते हैं.

प्रवीण खारीवाल ने दिया इस्तीफा, ‘दबंग दुनिया’ के बंद होने की चर्चा

गुटखा किंग किशोर वाधवानी के अखबार ‘दबंग दुनिया’ की हालत धीरे-धीरे खस्ता होने लगी है। तीन महीने पहले धूमधड़ाके से ‘दबंग दुनिया’ के सीईओ बनाए गए प्रवीण खारीवाल ने भी अखबार को बॉय-बॉय बोल दिया है। बताया गया है कि किशोर वाधवानी की दखलंदाजी और अर्थ संकट के कारण खारीवाल ने ‘दबंग दुनिया’ से दूरी बनाई है। इसके अलावा ‘दबंग दुनिया’ के इंदौर और भोपाल संस्करणों को छोड़कर बाकी सभी 7 संस्करण बंद किए जा रहे हैं। अब यहाँ सिर्फ ब्यूरो काम करेंगे।

‘नईदुनिया’ से विदा हुए श्रवण गर्ग अब दिल्ली में लांच कराएंगे ‘दबंग दुनिया’

भड़ास की खबर अंततः सही साबित हुई. नईदुनिया’ के प्रधान सम्पादक की कुर्सी से श्रवण गर्ग 31 अक्टूबर को विदा हो गए. इस आशय की खबर ‘भड़ास’ ने 18 सितम्बर को दी थी. जागरण मैनेजमेंट ने श्रवण गर्ग को दिल्ली बुलाकर उन्हें हटाए जाने की जानकारी दी. इसके बाद ही वे इंदौर लौटे और एडिटोरियल के सीनियर्स को बुलाकर बता दिया कि वे ‘नईदुनिया’ से जा रहे हैं, आज उनका आखरी दिन है.

‘दबंग दुनिया’ ने एक्टर को पहले मरा बताया फिर दो दिन बाद छापा- तबियत स्थिर

मुंबई के दबंग दुनिया के बुरे दिन चल रहे हैं।  साल पूरा होने के बावजूद न तो कर्मचारियों को कोई वेतन वृद्धि मिली है न दिवाली का बोनस।  इसलिए कर्मचारी भी डेली वेतन भोगियों की तरह काम कर रहे हैं।  संपादक अभिलाष अवस्थी को पता भी नहीं रहता कि अखबार में क्या कंटेंट जा रहा है। तभी तो ढेर सारी गल्तियां अखबार में प्रकाशित हो रही हैं।

दबंग दुनिया भोपाल के न्यूज़ एडिटर ने उड़ाई जागरण जोश की स्टोरी

इंदौर। एक सितंबर से दबंग दुनिया की नई मैगजीन मुंबई से शुरू हुई है। इसमें पहली स्टोरी ‘इनोवेशन में सुनहरा भविष्य’ हेडिंग से प्रकाशित हुई। स्टोरी भोपाल संस्करण के न्यूज एडिटर अमित देशमुख ने अपने नाम और फोटो से प्रकाशित की है। इतना ही नहीं अपनी ईमेल आईडी भी बाईलाइन के साथ लगाई।

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वर्चस्व की लड़ाई में दफन होता दबंग दुनिया, गीत दीक्षित को निपटाने का अभियान

इंदौर के गुटका व्यापारी किशोर बाधवानी का समाचार पत्र दबंग दुनिया शुरुआत से ही चर्चा में रहा है। परिवर्तन तो यहां प्रतिदिन का काम हो गया है। भास्कर के कारनामें छापता रहता है, लेकिन अपनी कालाबाजारी कभी उजागर नहीं करता है। हाल में हुए कुछ परिवर्तन और नए आए लोगों के बारे में कुछ जानकारी आपको दे रहा हूं। दबंग के मालिक किशोर बाधवानी के दुश्मन रहे प्रवीण खारीवाल अब इन्हीं के अखबार दबंग दुनिया में सीईओ और एडिटर इन चीफ के पद पर हैं। वाधवानी-खारीवाल की हाल ही में दोस्ती हुई है। वाधवानी ने खारीवाल को फ्री हैंड दे दिया है। जिसे चाहे रखो, जिसे चाहे निकालो, बस रिजल्ट दो। इसी के तहत खारीवाल ने गीत दीक्षित व अन्य पुराने लोगों को हटाकर नए लोगों को लाने की योजना बनाई है। खारीवाल ने ही पुस्पेंद्र सोलंकी को दबंग दुनिया में रखवाया।

‘दबंग दुनिया’ की री-लांचिंग 30 को, नई दिल्ली एडिशन जल्द शुरू होगा

इंदौर। तीन राज्यों में नौ स्थानों से प्रकाशित दैनिक दबंग दुनिया की री-लांचिंग हो रही है। ३० अगस्त २०१४ को दैनिक दबंग दुनिया के इंदौर मुख्यालय में आयोजित समारोह में बदलाव का श्रीगणेश होगा। बदलाव के तहत रोजाना अलग-अलग विषयों पर चार पेज की फीचर मैगजीन का प्रकाशन महत्वपूर्ण रहेगा। अखबार की स्टाइल शीट, पेजीनेशन और कंटेंट में भी बदलाव किए गए हैं।

रमेश अग्रवाल की संपत्ति पर ‘मां’ के हक ने उड़ाई समूह संचालकों की नींद

इंदौर के अखबार ‘दबंग दुनिया’ ने फिर भास्कर घराने की अंदर की सनसनीखेज खबर को पूरी दबंगता के साथ प्रकाशित किया है. लगता है विनोद शर्मा को भास्कर घराने को बतौर बीट कवर करने के लिए दे दिया गया है. यही कारण है कि भास्कर से संबंधित कोई भी खबर दबंग दुनिया में विनोद शर्मा ही ब्रेक करते हैं. इनकी नई खबर से पता चलता है कि रमेश अग्रवाल के कुनबे में धन-संपत्ति को लेकर रार-मार जूतमपैजार तक जा पहुंची है.

भास्कर चेयरमैन रमेश अग्रवाल की पत्नी की याचिका पर बहू-बेटों को नोटिस

रमेश अग्रवाल यानि भास्कर के चेयरमैन की सच्ची कहानी इंदौर के अखबार दबंग दुनिया ने प्रकाशित की है. पत्रकार विनोद शर्मा की बाइलाइन इस खबर को दूसरे अखबारों ने इसलिए नहीं प्रकाशित किया क्योंकि मामला चोर-चोर मौसेरे भाई का है. तू मेरी कहानी छिपा, मैं तेरी छिपाउंगा टाइप का गठबंधन है मीडिया हाउसेज में. इसीलिए दूसरों की जिंदगी में घुसकर ढेर सारी एक्सक्लूसिव खबरें फोटो निकालने छापने वाले मीडिया हाउसेज के मालिक एक दूसरे की कुत्ती कहानियों को छिपा-ढंक के रखते हैं.