देश में 8 साल में मात्र 10 आईएएस पर विभागीय कार्यवाही, आरटीआई से हुआ खुलासा

कार्मिक तथा प्रशिक्षण विभाग, भारत सरकार के जन सूचना अधिकारी के श्रीनिवासन द्वारा आरटीआई एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर को दी गयी सूचना दिनांक 22 जून 2017 से यह तथ्य सामने आया है कि पिछले 08 सालों में पूरे देश में मात्र 08 आईएएस अफसरों पर वृहत दंड तथा 02 आईएएस अफसर पर लघु दंड, अर्थात कुल 10 अफसरों पर विभिन्न दंड हेतु विभागीय कार्यवाही की गयी है.

इनमें वर्ष 2010 में वृहत दंड हेतु 01, 2011 में वृहत दंड हेतु 02 तथा लघु दंड हेतु 01, 2012 में वृहत दंड हेतु 01, 2013 तथा 2014 में कोई नहीं, 2015 में वृहत दंड हेतु 03, 2016 में वृहत दंड हेतु 01 तथा 2017 में लघु दंड हेतु 01 विभागीय कार्यवाही सम्मिलित हैं. नूतन के अनुसार इतनी कम संख्या में कार्यवाही से यह साफ़ हो जाता है कि आईएएस अफसर अपनी सेवा में कितने अधिक सुरक्षित हैं और तमाम गंभीर आरोपों के बाद भी उनके खिलाफ कितनी कम कार्यवाही होती है.

DE on 10 IAS officers in India in 08 years

As per the information dated 22 June 2017 provided by K Srinivasan from Department of Personnel and Training, Government of India to RTI activist Dr Nutan Thakur, proceedings for major penalties against 08 IAS officers and for minor penalty against 02 IAS officers were initiated during the last 08 years.

In 2010 proceeding for major penalty against 01 IAS officer, in 2011 for major penalty against 02 and minor penalty against 01, in 2012 for major penalty against 01, no proceedings in 2013 and 2014, in 2015 proceeding for major penalty against 03, in 2016 proceeding for major penalty against 01 and in 2017 proceeding for minor penalty against 01 IAS officer took place

As per Nutan, this extremely small number of departmental actions against IAS officers makes it clear how safe they are in their service and nothing happens against them despite all kinds of serious allegations.

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