सरकार के सहयोग के बिना इतना बड़ा फ्रॉड नहीं हो सकता!

विश्व दीपक-

दुनिया की सबसे ईमानदार पार्टी
भारत का सबसे बड़ा बैंक फ्रॉड

दीवान हाउसिंग फाइनांस लिमिटेड यानी DHFL नाम की कंपनी ने 17 बैंको के कंसोर्टियम को 34 हज़ार करोड़ का चूना लगाया लेकिन भारतीय इतिहास की सबसे सक्षम सरकार आंख मूंदे बैठी रही.

पता चला होगा कि DHFL (बाद में पीरामल ग्रुप ने खरीद लिया) ने बैंकों के इस कंसोर्टियम से 42 हज़ार करोड़ का लोन लिया लेकिन चुकता नहीं किया. लोन लिया गया 2010 से 2018 के बीच लेकिन डिफॉल्ट शुरु हुआ 2019 से.

लेकिन इससे भी ज्यादा अहम है दुनिया की सबसे ईमानदार पार्टी यानि भारतीय जनता पार्टी का DHFL से लेन-देन.

ध्यान दीजिए, DHFL की सिस्टर कंपनी RKW डेवलपर्स से बीजेपी को10 करोड़ रुपए का चंदा मिला. वाधवान ग्लोबल कैपिटल लिमिटेड से बीजेपी ने 10 करोड़ का चंदा लिया. वाधवान परिवार के नियंत्रण वाले दर्शन डवलपर से साढ़े 7 करोड़ का चंदा. यानी करीब 28 करोड़ का चंदा भगवा पार्टी के खाते में उस कंपनी के हाथ से गया जो बैंको का 34 हज़ार करोड़ डकार चुकी है.

DHFL के प्रमोटर्स, यस बैंक वाले राणा कपूर के साथ मिलकर 4 हज़ार करोड़ का जो फ्रॉड कर चुके हैं –वो अलग है.

क्या आपको लगता है कि बिना सरकार की जानकारी के इतना बड़ा बैंक फ्रॉड हो सकता है? कतई नहीं हो सकता.

अगर आप बैंकों का 42 हज़ार भी नहीं चुका पाएंगे न तो बैंक आपकी अंतड़िया निकाल कर चौराहे पर बेंच देंगे. लेकिन DHFL जैसी कंपनिया और इनके मालिक इतना बड़ा फ्रॉड करने के बाद भी आराम की ज़िंदगी जी रहे हैं. हां, आराम की ज़िंदगी. सीबीआई ने गिरफ्तार किया लेकिन इन कारोपरेट लुटेरों को फाइव स्टार लग्जरी में रखा गया था.

बल्कि कहना चाहिए कि सरकार के सहयोग के बिना इतना बड़ा फ्रॉड नहीं हो सकता. इस सहयोग की कीमत 28 करोड़ सीधे-सीधे है. बाकी विधायकों की खरीद-फरोख्त और सरकार गिराने में जो कीमत वसूली जाती है वो अलग है. महाराष्ट्र में जो चल रहा है उसे अंजाम तक पहंचाने में वाधवान जैसे लोग ही काम आते हैं.

मेहुल चौकसी, नीरव मोदी, ललित मोदी (सब गुजराती) और विजय माल्या का नाम भी लगे हाथ रिवाइज़ कर लीजिए. याद दिला दूं कि चौकसी और पंत परधान के मेहुल भाई पंजाब नेशनल बैंक का 13000 करोड़ खा गए थे. विजयमाल्या ने बैंको को 9000 करोड़ का चूना लगाया था. आज लंडन में आराम कर रहा है.

23 हज़ार करोड़ के शिपयार्ड घोटाले का जिक्र करना भी ज़रूरी है ताकि सनद रहे. बस इसीलिए. बाकी सिस्टम हाइजैक हो चुका है. कोई कुछ कर पाने की स्थिति में नहीं है.

यह है दुनिया की सबसे ईमानदारी पार्टी और भारत उर्फ तीसरी दुनिया के चौधे दर्जे के देश यानि बनाना रिपब्लिक के सबसे महान, संततुल्य कार्यकारी प्रमुख का
छोटा सा हिसाब किताब.

चूंकि हिंदू तो जाग चुका है.
इसलिए देखते जाइए इस मुल्क का कैसे पना बनता है.



 

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