फेसबुक पर पोस्ट इसी कार्टून पर गिरफ्तार हुए थे असीम त्रिवेदी

अन्ना आंदोलन से जुड़े असीम त्रिवेदी को फेसबुक पर यूपीए सरकार के घोटालों को लेकर एक कार्टून पोस्ट करने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। ‘भ्रष्टमेव जयते’ शीर्षक वाले इस कार्टून में संसद और राष्ट्रीय प्रतीक का मजाक उड़ाया गया था। असीम के खिलाफ पुलिस ने देशद्रोह का मामला भी दर्ज किया था। इस धारा के तहत गिरफ्तारी पर सबसे पहले विवाद 2012 में हुआ था, जब महाराष्ट्र के पालघर की रहने वाली शाहीन नाम की एक फेसबुक यूजर्स ने बाला साहेब ठाकरे की अंतिम यात्रा पर कमेंट किया था और उसे उसकी सहेली रीनू ने इसे लाइक किया था। दोनों को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में दोनों को जमानत मिल गई।

असीम त्रिवेदी का विवादित कार्टून

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ एक कार्टून बनाने पर पुलिस ने अंबिकेश महापात्रा नाम के एक प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया था। जाधवपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ने यह कार्टून उस वक्त फेसबुक पर पोस्ट किया था, जब रेलमंत्री और अपनी पार्टी के सांसद दिनेश त्रिवेदी को ममता बनर्जी ने पद से हटा दिया था।

उत्तर प्रदेश के मंत्री आजम खान पर के खिलाफ विवादास्पद कमेंट करने पर पिछले दिनों बरेली में 11वीं के एक छात्र को गिरफ्तार कर लिया गया था। न्यायिक हिरासत के बाद कोर्ट ने आरोपी छात्र विक्की खान को जमानत दे दी थी। मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचने पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी पुलिस से छात्र की गिरफ्तारी को लेकर जवाब मांगा है। आईटी एक्ट की धारा 66ए खत्म होने के बाद विक्की ने कहा,” इस धारा के खत्म होने से इंटरनेट पर अपनी बात कहने की आजादी मिलेगी। इस धारा के खत्म होने से मैं खुश हूं।”

यूपीए सरकार में मंत्री रहे पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के खिलाफ साल 2012 में ट्वीट करने पर पुडुचेरी के बिजनेसमैन रवि श्रीनिवासन की गिरफ्तारी हुई थी। कार्ति चिदंबरम द्वारा पुलिस से शिकायत किए जाने के बाद श्रीनिवासन को उनके घर से गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ भी धारा 66ए के तहत मामला चलाया गया था। बाद में वह जमानत पर रिहा हुए थे। इधर, धारा खत्म किए जाने पर कार्ति चिदंबरम ने नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कोई धारा खत्म होने का यह मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए कि आपको सड़क पर किसी को गाली देने का हक मिल गया है। उन्होंने कहा, ”मैं फ्री स्पीच का समर्थन करता हूं लेकिन इसकी कोई सीमा होनी चाहिए। ”

कवि और लेखक कंवल भारती को साल 2013 में फेसबुक पर एक मेसेज डालने पर अरेस्ट कर लिया था। कंवल ने रेत माफिया पर नकेल कसने वाली आईएएस दुर्गाशक्ति नागपाल को सस्पेंड करने के लिए यूपी में सपा सरकार की आलोचना की थी।

(भास्कर से साभार)



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