इंदौर के सांध्य दैनिक गुडईवनिंग की हालत ख़स्ता

इंदौर । यहाँ से प्रकाशित सांध्य दैनिक गुडईवनिंग की हालत ख़राब चल रही है. अख़बार के मालिक ने बड़े स्थापित नामों को लेकर इस अख़बार को दो साल पहले शुरू किया था। पर निकलने के छ: महीने बाद से ही अख़बार मालिक का इससे मोह भंग हो गया और उसने स्टाफ़ को परेशान करना शुरू कर दिया था. इसके बाद सभी बड़े और स्थापित नाम वाले पत्रकारों ने अख़बार को गुड बाय कर दिया था.

अब हालात यह है कि अख़बार मालिक ने बीते सात माह से स्टाफ़ का पीएफ जमा नहीं किया है. सेलरी भी दो-दो माह लेट मिल रही है. अख़बार मालिक राजीव धाम कई किस्म के कारोबार करते हैं लेकिन बताया जाता है कि आजकल उनकी मार्केट डाउन चल रही है. इनकी एक एड एजेंसी है 6सिग्मा नाम की जो सिर्फ़ बैकों के एड लगाती थी, वो भी बंद हो गई है. अख़बार की प्रिंटिंग का लाखों रूपया पीपुल्स समाचार का बक़ाया है. उनका पैसा बकाया होने से अख़बार आजकल भास्कर में रोज़ नक़द पैसे दे कर फ़ाईल कापी छप रही है.

पत्रकार के सवाल पर अखिलेश यादव ने आपा खोया

पत्रकार के सवाल पर अखिलेश यादव ने आपा खोया

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Comments on “इंदौर के सांध्य दैनिक गुडईवनिंग की हालत ख़स्ता

  • मैं 2010 से आपकी वेबसाइट का पाठक हूं। लेकिन बड़े दुख के साथ यह कहना पड़ रहा है कि गुडइवनिंग अखबार को लेकर आपकी जानकारी असत्य और भ्रामक है। मैं खुद इस गुड ईवनिंग अखबार का हिस्सा हूं। आपने जो अखबार को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं उसका मैं खंडन करता हूं। अखबार मालिक का अखबार से मोह भंग होने जैसे काई बात अभी तक मेरे सामने नहीं आई है। कुछ बड़े अखबारों को छोड़कर सभी अखबारों में सेलरी 1 से 10 तारीख के बीच में होती है। यहां भी सेलरी 10 तारीख तक मिल रही है। अखबार पीपुल्स से भास्कर में छपने के पीछे की कहानी यह है कि अखबार छोड़ने का समय 11 बजे है। ऐसे में पीपुल्स से टाइम को लेकर समस्या थी, अब भास्कर में अखबार के तय समय पर ही छपाई हो रही है।

    मैं उम्मीद करता हूं कि मेरे जैसे पाठक जो कि आपकी वेबसाइट को निरंतर पढ़ते हैं, उन पत्रकारों का मनोबल ऐसी अधूरी जानकारी से न टूटे।

    धन्यवाद,,,,
    अमित सोनी, भोपाल

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    • Gajendra solanki says:

      Ha ha ha bhai char mahine se jwada ho gaye lekin abhi tak sirf aswasan hi mil raha he lekin abhi tak salary nahi mili mujhe

      Reply

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