म.प्र के भोपाल में आयोजित होने जा रहा स्वर्णशारदा कार्यक्रम को सफल बनाने का जिम्मा IBC24 न्यूज़ चैनल ने जिले के अपने स्ट्रिंगरों के कंधों पर डाल दिया है। सभी से कहा गया है कि एक एक लाख रुपये का टारगेट पूरा करना होगा। मतलब साफ है, अगर IBC24 में रहना है तो एक लाख रुपये का विज्ञापन लाकर देना होगा।
बीते दिनों इंदौर व भोपाल में परिवेश द्वारा मीटिंग आयोजित की गई। इसमें वत्सल श्रीवातस्व की अहम भूमिका रही। शिरीष मिश्रा द्वारा जिन स्ट्रिंगरों को नियुक्ति दी गई वह भोपाल नरेश की आखों में खटक रहे थे। उन्हें तत्काल मीटिंग में ही IBC24 के तमाम ग्रुपों से बाहर कर दिया गया क्योंकि वह IBC24 के लिए वसूली करने में ‘निकम्मे’ थे।
सूत्रों का कहना है कि नागदा से पीयूष, देपालपुर से यतनेश सेन, रतलाम से लालचंद राठौर, आगर मालवा से विजय बागडी को हटा दिया गया है। स्ट्रिंगरों को यह कह कर हटाया गया कि तुम्हारे काम का परफारमेंस ठीक नहीं है और तुम IBC24 के योग्य नहीं हो। लेकिन हटाए जाने का असली कारण तो सबको पता है।
भोपाल मीटिंग में नौशाद ने IBC24 से त्याग पत्र दे दिया था। 9 को इन्दौर में हुई मीटिंग में तय हुआ कि 25 या 28 मई को मीटिंग पुनः की जायेगी व जो एक लाख का विज्ञापन करने में असफल रहा उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया जायेगा। इसी किस्म की मीटिंग जबलपुर में भी रखी गई है।
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.
3 Comments
Leave a Reply
Cancel reply
Leave a Reply
भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team
भड़ास मेल: [email protected]
Latest 100 भड़ास
- अडानी-अंबानी समेत 21 मीडिया संस्थानों ने मोदी सरकार के इस कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी!
- मोदी सरकार ने ‘4PM’ पर फिर किया हमला!
- सुधीर चौधरी को 15 करोड़ रुपये सैलरी का मुद्दा फिर गरमाया, हर्ष गोयनका ने दागा सवाल!
- आज के अखबार : प्रचारकों की इस खबर के बावजूद ‘फॉलोअप’ बदलती पत्रकारिता का संकेत लगता है
- समाज और कई मिडिल क्लास परिवारों का आज सबसे बड़ा कष्ट है- “मृत्यु का इंतजार”
- मेरा रंग फाउंडेशन 10वां वार्षिकोत्सव: अभिव्यक्ति, असहमति और युवाओं की राजनीतिक भागीदारी पर चर्चा!
- महिला पत्रकारों के लिए समान वेतन, सुरक्षा और सम्मान की मांग; POSH कानून लागू करने पर जोर!
- रायपुर प्रेस क्लब की सदस्यता न मिलने पर परिसर में 3 राउंड फायरिंग, आरोपी गिरफ्तार!
- सन टीवी से शाहरुख खान की रेड चिली तक: भारत की छह बड़ी फिल्म निर्माता कंपनियां और उनकी नेटवर्थ जानिए!
- सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस संजय कौल ने कॉलेजियम के बंद कमरों का ऐसा सीक्रेट खोला है जिसने सबको हैरान कर दिया है!
- एलन मस्क का नया दांव; पत्रकारों और कंटेंट क्रिएटर्स को X पर डॉलर भेज सकेंगे यूजर!
- हिस्ट्रीशीटर ने मुझसे पूछा- तुम्हीं हो शुक्ला? अमर उजाला वाले?.. हाँ कहने पर वह बोला- “मुरादाबाद में आज तक किसी ने मेरी इतनी लंबी तफ़्तीश नहीं की, पर तुम यहाँ तक चले आए अकेले? इस बात की मैं दाद देता हूँ और तुम्हें जाने देता हूँ!”
- मुरादाबाद के वरिष्ठ पत्रकार नरेश भारद्वाज और बाड़मेर लाइव समाचार के संपादक प्रवीण बोथरा का निधन!
- ग़ुलाम जिलानी ने ‘लाइव मिंट’ से ली विदा, प्रमित भट्टाचार्य की पाँच साल बाद वापसी!
- अब समय आ गया है कि देश गोदी मीडिया की चिंता छोड़कर गोदी अदालतों पर बात करे!
- देश-दुनिया की वो 20 कंपनियां जिनका अस्तित्व 2050 तक ख़त्म हो जाएगा!
- NDTV से अलग होकर रवीश कुमार सोशल मीडिया से सालाना कितने करोड़ रुपये छाप रहे हैं? देखें आंकड़ें
- श्याम ने इस लायक़ बनने के लिये वाक़ई मेहनत की है, इसलिये हर जगह रिकग्निशन मिल रही है!
- आज के अखबार : हिन्दी वालों के लिए एक नवंबर की रैली ही ‘खबर’ है, नवोदय टाइम्स ने शाह को भी लपका
- RSS की फ़ौज और जंतर-मंतर पर महिला पत्रकारों को पीटने वाले गुंडे अरुणाचल जाकर चीन के खिलाफ भारतीय सेना का सहयोग क्यों नहीं करते?
- NDTV छोड़ने के बाद दैनिक भास्कर से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार अनुराग द्वारी!
- पत्रकारिता का असली मूल्य सत्ता के करीब होने में नहीं, बल्कि समाज के उन लोगों के साथ खड़े होने में है, जिनकी आवाज सुनी नहीं जाती- हृदयेश जोशी
- भारत में चीन की घुसपैठ पर पूर्वोत्तर का मीडिया मुखर! दिल्ली के बड़े चैनलों का मुँह किसने पकड़ रखा है? देखें वीडियो
- जल जीवन मिशन: ED के रडार पर ये 13 फर्में, ठेकों से लेकर भुगतान तक का हिसाब तलब
- यूट्यूब पर IIFA की लाइव स्ट्रीमिंग ZEE के टीवी विज्ञापन कारोबार को कितना प्रभावित करेगा?
- भारत24 के ‘द JC शो’ में डॉ जगदीश चंद्र से जानिए; रूसी तेल पर डोनाल्ड ट्रंप और नरेंद्र मोदी का रूख!
- टाइम्स नाउ को चाहिए टेक्नोलॉजी जर्नलिस्ट, आईनेक्स्ट को एंकर की जरूरत!
- ITBP के डीजी शत्रुजीत कपूर को अपने पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए, जब उनका भाषण उनके ही बल के हैंडल पर अपलोड नहीं हो सकता तो चीफ बने रहने का क्या मतलब रह जाता है?
- हृदयेश जोशी के साथ श्याम मीरा सिंह को कुलदीप नैयर सम्मान मिलना पत्रकारिता में नई फसल के लिए उम्मीद जगाती है!
- भाजपा समर्थित पत्रकार सबको मैनेज करने की बात कर रहा है; फिर महाराष्ट्र के अखबार खामोश क्यों हैं?- सुषमा अंधारे
- भारत-चीन प्रकरण पर किसी देशभक्त चैनल में आपने प्राइम टाइम डिबेट देखी?
- जब पूर्व विदेश सचिव भी ट्रोल बन गए…
- अरुणाचल में चीन से झड़पों के दावे पर विवाद, ITBP के DG का वीडियो हटने के बाद विदेश मंत्रालय को देनी पड़ी सफाई!
- भारत में चीन की घुसपैठ को लेकर दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण की घुटनाटेक कवरेज देखिए!
- आज के अखबार : दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रम पर दिल्ली पुलिस का यू टर्न सामान्य खबर की तरह छपा है
- एनडीटीवी के वर्ल्ड समिट में राहुल गांधी में ही फंसे नजर आए पीएम मोदी, देखें वीडियो
- सोनिया गांधी के साथ एपस्टीन की AI तस्वीर पोस्ट करने को लेकर पत्रकार पंकज प्रसून पर FIR की चर्चा!
- जालंधर में पत्रकार पर धाँय-धाँय, गनर ने भी की जवाबी फायरिंग, जांच में जुटी पुलिस
- वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र तिवारी ने LENS जॉइन किया, ब्लूमबर्ग में वरिष्ठ संपादक शिवकुमार की तरक्की!
- इंडियन एक्सप्रेस हिंदी को इन दो कटेगरी में पत्रकारों की तलाश!
- बतौर एंकर इस न्यूज़ चैनल से जुड़ीं कनिका अरोड़ा, गुलशन कुमार ने छोड़ा बीबीसी!
- न्यूज़ नेशन/न्यूज़ स्टेट MP-CG में बतौर एडिटर (इनपुट) जितेंद्र शर्मा की नई पारी!
- सनी देओल की फिल्म ‘सूर्या’ में ऐसा क्या है जो IMA ने बैन लगाने की मांग कर दी! देखें पत्र
- कांग्रेस वाले बड़ा ख़तरनाक प्रवक्ता ढूँढ के लाए हैं भाई… संघियों की तो बैंड बजा रखी है, देखें वीडियो
- ‘द हिंदू’ का खुलासा; अरुणाचल सीमा से भारतीय क्षेत्र में 6-7 किमी अंदर घुसा चीन, तंबू लगाने का दावा!
- आज के अखबार : वोट चोरी साबित हो गई तो राहुल पर ‘हमले’ की खबर! अमर उजाला, एक्सप्रेस ने तान दिया
- किरेन रिजिजू के ट्वीट पर एक्शन में आई दिल्ली पुलिस, यूट्यूबर गिरफ्तार, देखें वीडियो
- इंसानों और कुत्तों के रिश्ते का खोजपूर्ण दस्तावेज़ है वरिष्ठ पत्रकार पुष्परंजन की किताब “मेरा मुन्नू”!
- कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू ने सुधीर चौधरी को 100 करोड़ रुपये रिश्वत की याद क्यों दिलाई!
- मोदी से मुलाकात करती नाविका कुमार पर पत्रकार तनुश्री पांडेय का जोरदार तंज पढ़िए!
- खोजी पत्रकार मैथ्यू कोल की नई किताब ‘प्रिंसेस एंड थीव्स’ ट्रंप के दामाद, सऊदी प्रिंस और बिन जायद का गुप्त कूटनीतिक रहस्य खोलती है!
- बीते कुछ वर्षों में अपने बारे में खुशफ़हमी और वहम का शिकार होने वाला सबसे बड़ा समुदाय पत्रकारों का है!
- एसोसिएटेड प्रेस से जुड़े फरहान, शारिक खान की ब्लूमबर्ग से नई पारी!
- अर्णव गोस्वामी से महाराष्ट्र टाइम्स के संपादक तक; मीडिया के जरिए BJP कैसे गढ़ती है नैरेटिव! पढ़िए आरोप और सुनिए ऑडियो
- PTI को क्राइम और पॉलिटिकल बीट के लिए संवाददाताओं की तलाश!
- नये-नये दारू छोड़े पत्रकार भाइयों के लिए एक संदेश
- न्यूयॉर्क टाइम्स में राहुल गांधी पर स्टोरी : मौसम बदल रहा है, विदेशी मीडिया समझ रहा है!
- यूपी में SIR में घपला: पीलीभीत में दो डिप्टी कलेक्टरों मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी समेत तीन के ख़िलाफ़ FIR दर्ज
- त्रिपुरा के वरिष्ठ पत्रकार बिमान धर की 30 वर्षीय पोते समेत सड़क हादसे में मौत!
- इंडियन इक्सप्रेस की पड़ताल: गांजा, हेरोइन और नशीली दवाओं के साथ ‘कोटा’ नामक नया नशा बना बिहार पुलिस के लिए सिरदर्द!
- रिपब्लिक मीडिया से जुड़े अमन गोयल, ईनाडु टीवी में काव्या भारती को डिजिटल की कमान
- आज के अखबार : रुबियो आये, करार करीब और तीसरे दिन ट्रम्प के हवाले से, ‘भारत से करार अलग होगा’!
- मीडिया में जॉब्स लौटी, पर अख़बार और टीवी वाले पीछे छूटे!
- अमेरिकी अदालत ने ‘मेटा’ पर ठोका 25 अरब डॉलर का जुर्माना!
- पहले सूत्रों के हवाले से सरकार की खामियां उजागर की जाती थीं, अब अमृतकाल में सूत्र सरकार का बचाव कर रहे हैं!
- महाराष्ट्र में पेड न्यूज और वसूली संस्कृति की चर्चा; दैनिक ‘पुढारी’ के पत्रकारों पर पूर्व विधायक रवींद्र धंगेकर के गंभीर आरोप, मतदाताओं को लिखा खुला पत्र
- न्यूजप्रिंट की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाया अखबारों का टेंशन, दैनिक भास्कर ग्रुप के डायरेक्टर्स के बयान भी पढ़िए!
- होमगार्ड भर्ती में आखिर किसका खेल? मथुरा में तीन दिन बाद सक्रियता, गाजीपुर में आदेश का इंतजार!
- मध्यप्रदेश में 36-36 हजार रुपये में खरीदे गये LED बल्ब, मोहन सरकार के बाबुओं की जेब के हवाले 250 करोड़ रुपये, टीवी अखबारों में छाई चुप्पी!
- दैनिक भास्कर भोपाल में महिला मीडिया प्रोफेशनल्स के लिए नौकरी का मौका!
- आदर्श प्रताप सिंह, अक्षिता प्रियदर्शिनी, प्रतीक्षा और चितवन शर्मा के बारे में सूचनाएं
- अजयमेरु प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने पत्रकार कॉलोनी की समस्याओं को लेकर सौंपा ज्ञापन!
- मोहन यादव सरकार में 1100 करोड़ की सरकारी खरीद में बनाया 250 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बिल, MPSEDC में तैनात IAS ने खोला खेल, देखें वीडियो
- दलेर मेहंदी के शो में विवाद हुआ मंत्री सुबोध उनियाल से, टाइम्स नाउ ने सतपाल महाराज से जोड़कर तानी न्यूज़!
- पंजाब में ड्रग्स के खिलाफ लड़ने वाले DSP पर ही FIR, AAP सरकार पर लगाये गंभीर आरोप! देखें वीडियो
- न्यूज़ चैनलों को मोदी सरकार की चेतावनी, AI के बेजा इस्तेमाल और ये नियम न मानने पर होगी कार्रवाई, पढ़ें आदेश
- अमर उजाला और TOI जैसे अग्रणी अखबारों ने मोहन भागवत का भाषण तो बड़े सम्मान से छापा, पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि का नाम गोल कर गए!
- गाजीपुर में शासनादेश बेअसर! होमगार्ड अभ्यर्थियों की दोबारा नापी जा रही लंबाई-सीना, आखिर किसकी जवाबदेही?
- एबीपी नेटवर्क से पारी समेटकर टीवी टुडे पहुंचे प्रवीण वर्मा, ये मिली भूमिका!
- आज के अखबार : पंजाब में अमित शाह की चुनावी चालों का सच; पेगासस के बावजूद खुफिया जानकारी ‘शून्य’
- एचटी मीडिया में कॉरेस्पोंडेंट बनीं विधि भूटरा, श्रुति गौतम की एसोसिएट प्रेस से नई पारी!
- इंडिया टीवी की एंकर मीनाक्षी जोशी को इस उपलब्धि के लिए सीधे भारत रत्न से नवाज देना चाहिए!
- ‘आज की खबर’ डिजिटल नेटवर्क ने 84.26 करोड़ व्यूज का आंकड़ा पार किया!
- मोदी के समर्थन में शेखर गुप्ता दैनिक जागरण वाले संजय गुप्ता को लगातार टक्कर दे रहे हैं!
- एपस्टीन से जुड़ा सवाल पूछने पर भड़के ट्रंप, पत्रकार ने भी किया पलटवार!
- हापुड़ पत्रकार हत्याकांड: संयुक्त पत्रकार महासभा ने एक करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी की रखी मांग!
- रावण दहन के दिन सुधीर चौधरी और कांग्रेसी बीवी श्रीनिवास के बीच छिड़ी जुबानी जंग!
- चुनाव आयोग को लेकर “टाइम्स आफ इंडिया” का बड़ा खुलासा!
- एलन मस्क का संकेत; जल्द ही नए बदलावों के साथ नजर आएगा एक्स (X)
- द इकोनॉमिक टाइम्स में डेस्क एडिटर की वैकेंसी!
- सैटेलाइट न्यूज़ चैनल के मालिक ने डिजिटल प्लेटफार्म के संपादक को “तथाकथित पत्रकार” कहा, असम में छिड़ी नई बहस!
- उत्तराखंड पुलिस के हत्थे चढ़ा हिस्ट्रीशीटर पत्रकार अनुज अग्रवाल, बरामदगी क्या हुई पढ़िए!
- NDTV के सीनियर डिफेंस एडिटर राजीव रंजन का बड़ा फैसला: 19 साल बाद छोड़ा एनडीटीवी का ‘लाल माइक’, डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘BharatDefX’ से शुरू किया नया सफर
- एपस्टीन फाइल्स में हरदीप पुरी की नई तस्वीर, “डेलीगेशन” वाले दावे पर फिर उठे सवाल
- क्विंट डिजिटल घाटे में फिसली: छमाही में ₹5.83 करोड़ का नुकसान, कमाई चार गुना से ज़्यादा पर खर्च उससे भी तेज़ भागा
- फेसबुक-इंस्टाग्राम की फ़ीड पर सरकार की नज़र: आईटी मंत्रालय ने Meta से एल्गोरिदम की समीक्षा को कहा, पुलिस कार्रवाई के वीडियो भी सूची में
- पुलिस कप्तान ने बंद कराया न्यूज़ कंपनी का फेसबुक पेज, हाईकोर्ट बोला- SP को यह हक़ नहीं, और जिसका पेज बंद हो उसे आदेश की कॉपी दो
- दो नेहाओं के समर्थन में उतरे संजय सिन्हा, महिला सम्मान पर मीडिया को घेरा!
- मराठी अखबार पुढारी के पुणे यूनिट में कर्मचारियों की दशहरा की छुट्टी रद्द, देखें आदेश
- आपके पास बहुत पैसा है और आप दूसरों की पीड़ा महसूस नहीं करते तो उस पैसे का क्या मतलब!


Shashikant Mukati
May 17, 2022 at 5:39 pm
आदरणीय संपादकजी
यह खबर एक तरफा है और अधूरी जानकारी है। मैं भी इसी संस्था का एक कर्मचारी हूं और मीटिंग के अंदर उपस्थित था। स्वर्ण शारदा कोई पहली बार नहीं हो रहा है यह पिछले कई सालों से होता आ रहा है और देश के बहुत महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में से एक है।
इस कार्यक्रम में प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित किया जाता है।
अब हम आते हैं असली मुद्दों पर जिन रिपोर्टरों को और स्टिंगर को निकाला गया है यह लोग एकदम निष्क्रिय थे। पिछले 3 महीने की रिपोर्ट के आधार पर इन्हें कंपनी ने कार्य से मुक्त किया है।
आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि किसे जिले का रिपोर्टर पिछले 3 महीने से एक भी खबर नहीं भेज पा रहा था। क्या कोई भी कंपनी ऐसे व्यक्ति को अपनी संस्था में रखना पसंद करेगी। मेरा प्रश्न तो आप ही से है कि अगर आप किसी कंपनी के न्यूज़ हैड होते और कोई व्यक्ति दो-तीन महीने से कोई खबर नहीं भेज पा रहा था तो क्या आप उसे अपनी संस्था में जगा देते…..?
आदरणीय आप से निवेदन है कि खबर को एकतरफा ना लिखें।
आईबीसी के अंदर हर व्यक्ति को एक परिवार की तरह रखा जाता है और हर सुख दुख में कंपनी खड़ी रहती है।
लेकिन साथ में कंपनी यह भी उम्मीद करती है कि हर व्यक्ति ईमानदारी से कार्य करें जब शब्द इमानदारी लिखा हो तो उसका मतलब सिर्फ पैसों से नहीं होता है कार्य से भी होता है जो लोग कार्य में समय की चोरी करते हैं वह भी बेईमान ही कहलाएंगे।
अगर आप मीटिंग में उपस्थित होते तो शायद आप भी अपनी हंसी ना रोक पाते क्योंकि जब इन लोगों से पूछा गया कि आपने खबर क्यों नहीं भेजी तो जो उत्तर इन लोगों ने दिए थे वह चौथी पांचवी के बच्चों जैसे थे किसी ने कहा मेरे घर में शादी थी किसी ने कहा कि मेरी तबीयत ठीक नहीं थी ।
उम्र के इस पड़ाव में आकर क्या इस प्रकार के स्क्यूज देना ठीक है।
शशिकांत मुकाती
इंदौर
Sagar Tiwari
May 20, 2022 at 10:25 am
भड़ास 4 मीडिया ने 100% सत्य खबर प्रकाशित की है यदि इस खबर में कोई त्रुटि होती तो प्रदेश हेड सहित नवागत संपादक अपनी सफाई देते नही फिरते, क्योंकि इन सभी को अपनी नौकरी बचाना है।
मैं एक आम व्यक्ति हु जो प्रदेश ही सहित देश के लगभग सभी मीडिया संस्थानों के स्ट्रिंगरो और रिपोर्टरों के संपर्क में रहता हु, हाल ही रायपुर, इंदौर, भोपाल और जबलपुर में हुई मीटिंग का निष्कर्ष यह है कि अब संस्थान के जिम्मेदारों को खबर से नही पैसे की वसूली से मतलब है, और किस तरह से बाजार से पैसे की उगाई करना है यह हुनर भी नवागत संपादक और प्रदेश हेड द्वारा स्ट्रिंगरों को सिखाया गया है, साथ ही यह भी हिदायत दी गई है कि जो भी स्ट्रिंगर निर्धारित समय पर लूट की निर्धारित राशि संस्था को जमा नहीं करता है तो उसे तुरंत बाहर का रास्ता दिखा दिया जायेगा, इस बात का यह प्रमाण है कि दो राज्यों के पांच प्रमुख शहरों में हुई मीटिंग में जिन स्ट्रिंगरों ने यह काम करने से साफ मना किया है, उन्हे बाहर का रास्ता दिखाया गया है, ऐसे में संस्था का व्यक्ति(श्री मुकाती जी) सफेद झूठ बोलकर चैनल मालिक की बरसो की तपस्या को खाक करने में अपनी भूमिका निभा रहे है।
मीटिंग को लेकर मेरे पास यह पुख्ता जानकारी है कि सरकारी तंत्र(जिला पंचायत सहित अन्य) में काम कर रहे मुख्य अधिकारियों को कैसे ब्लैकमेल कर राशि लूटनी है इसका प्रशिक्षण भी प्रदेश हेड और नवागत संपादक द्वारा मीटिंग में दिया गया है,
यह पत्र पढ़ने के बाद शशिकांत मुकाती जी के साथ ही IBC 24 के किसी भी मेंबर के पास शायद कोई जवाब नहीं होगा, क्योंकि मेरे पास कई स्ट्रिंगरों के शपथ–पत्र भी मौजूद है जो समय आने पर उजागर किए जाएंगे।
राशि की वसूली को लेकर IBC के स्ट्रिंगर की इंदौर में हुई मीटिंग में नीमच से विजित राव, झाबुआ से हरीश , मंदसौर से दीपक शर्मा, धार से अमित , रतलाम से लालचंद राठौर द्वारा सवाल किए जाने पर इन्हें अशोभनीय भाषा का उपयोग करते हुए जलील किया गया, जलील करने के पैमाने का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते है कि मीटिंग में मौजूद स्ट्रिंगरों की आंखे नम हो गई, शायद उन्हें यह महसूस हुआ होंगा की जिस संस्था की प्रतिष्ठा को लेकर वह आज तक संघर्ष कर रहे थे उस संस्थान की बाग–डोर प्रदेश हेड और संपादक के रूप में वसूली भाई को दे दी गई है।
IBC 24 के वसूली नामक स्वर्ण शारदा कार्यक्रम की पोल खुलने व स्ट्रिंगरो को निकालने पर संस्था के प्रमुखों द्वार मुकाती जी के माध्यम से अपनी नौकरी बचाने का प्रयास किया जा रहा है,
IBC के नए दौर में हाल ही में हुई मीटिंग का यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि अब खबरों से ज्यादा, वसूली अधिक ध्यान देने को कहा जा रहा है। शायद यही वजह होगी की आने वाले समय में कई स्ट्रिंगर खुद ही संस्था को छोड़ देंगे।
संस्था के प्रदेश हेड और जिम्मेदारों द्वारा स्ट्रिंगर और रिपोर्टर के रूप में अपराधी प्रवत्ति के लोगो को पसंद किया जा रहा है, क्योंकि बीते महीनो में भोपाल और देवास के रिपोर्टर और स्ट्रिंगर पर अपराधिक प्रकरण दर्ज हुआ है बावजूद इसके प्रदेश हेड द्वारा उन्हें निजी स्वार्थ के चलते संरक्षण दिया जा रहा है। जो इस बात को स्पष्ट करता है कि प्रदेश हेड को संस्था की ख्याति से कोई लेना–देना नही है।
IBC के ईमानदारी का बजना बंद कीजिए
शशिकांत मुकाती जी । ये ही सत्य हे।
Sagar Tiwari
May 18, 2022 at 1:12 pm
भड़ास 4 मीडिया ने 100% सत्य खबर प्रकाशित की है यदि इस खबर में कोई त्रुटि होती तो प्रदेश हेड सहित नवागत संपादक अपनी सफाई देते नही फिरते, क्योंकि इन सभी को अपनी नौकरी बचाना है।
मैं एक आम व्यक्ति हु जो प्रदेश ही सहित देश के लगभग सभी मीडिया संस्थानों के स्ट्रिंगरो और रिपोर्टरों के संपर्क में रहता हु, हाल ही रायपुर, इंदौर, भोपाल और जबलपुर में हुई मीटिंग का निष्कर्ष यह है कि अब संस्थान के जिम्मेदारों को खबर से नही पैसे की वसूली से मतलब है, और किस तरह से बाजार से पैसे की उगाई करना है यह हुनर भी नवागत संपादक और प्रदेश हेड द्वारा स्ट्रिंगरों को सिखाया गया है, साथ ही यह भी हिदायत दी गई है कि जो भी स्ट्रिंगर निर्धारित समय पर लूट की निर्धारित राशि संस्था को जमा नहीं करता है तो उसे तुरंत बाहर का रास्ता दिखा दिया जायेगा, इस बात का यह प्रमाण है कि दो राज्यों के पांच प्रमुख शहरों में हुई मीटिंग में जिन स्ट्रिंगरों ने यह काम करने से साफ मना किया है, उन्हे बाहर का रास्ता दिखाया गया है, ऐसे में संस्था का व्यक्ति(श्री मुकाती जी) सफेद झूठ बोलकर चैनल मालिक की बरसो की तपस्या को खाक करने में अपनी भूमिका निभा रहे है।
मीटिंग को लेकर मेरे पास यह पुख्ता जानकारी है कि सरकारी तंत्र(जिला पंचायत सहित अन्य) में काम कर रहे मुख्य अधिकारियों को कैसे ब्लैकमेल कर राशि लूटनी है इसका प्रशिक्षण भी प्रदेश हेड और नवागत संपादक द्वारा मीटिंग में दिया गया है,
यह पत्र पढ़ने के बाद शशिकांत मुकाती जी के साथ ही IBC 24 के किसी भी मेंबर के पास शायद कोई जवाब नहीं होगा, क्योंकि मेरे पास कई स्ट्रिंगरों के शपथ–पत्र भी मौजूद है जो समय आने पर उजागर किए जाएंगे।
राशि की वसूली को लेकर IBC के स्ट्रिंगर की इंदौर में हुई मीटिंग में नीमच से विजित राव, झाबुआ से हरीश , मंदसौर से दीपक शर्मा, धार से अमित , रतलाम से लालचंद राठौर द्वारा सवाल किए जाने पर इन्हें अशोभनीय भाषा का उपयोग करते हुए जलील किया गया, जलील करने के पैमाने का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते है कि मीटिंग में मौजूद स्ट्रिंगरों की आंखे नम हो गई, शायद उन्हें यह महसूस हुआ होंगा की जिस संस्था की प्रतिष्ठा को लेकर वह आज तक संघर्ष कर रहे थे उस संस्थान की बाग–डोर प्रदेश हेड और संपादक के रूप में वसूली भाई को दे दी गई है।
IBC 24 के वसूली नामक स्वर्ण शारदा कार्यक्रम की पोल खुलने व स्ट्रिंगरो को निकालने पर संस्था के प्रमुखों द्वार मुकाती जी के माध्यम से अपनी नौकरी बचाने का प्रयास किया जा रहा है,
IBC के नए दौर में हाल ही में हुई मीटिंग का यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि अब खबरों से ज्यादा, वसूली अधिक ध्यान देने को कहा जा रहा है। शायद यही वजह होगी की आने वाले समय में कई स्ट्रिंगर खुद ही संस्था को छोड़ देंगे।
संस्था के प्रदेश हेड और जिम्मेदारों द्वारा स्ट्रिंगर और रिपोर्टर के रूप में अपराधी प्रवत्ति के लोगो को पसंद किया जा रहा है, क्योंकि बीते महीनो में भोपाल और देवास के रिपोर्टर और स्ट्रिंगर पर अपराधिक प्रकरण दर्ज हुआ है बावजूद इसके प्रदेश हेड द्वारा उन्हें निजी स्वार्थ के चलते संरक्षण दिया जा रहा है। जो इस बात को स्पष्ट करता है कि प्रदेश हेड को संस्था की ख्याति से कोई लेना–देना नही है।
IBC के ईमानदारी का बजना बंद कीजिए
शशिकांत मुकाती जी । ये ही सत्य हे।