सुरक्षा न मिलने पर आईपीएस अमिताभ ठाकुर पहुंचे हाईकोर्ट

लखनऊ : डीएम की अध्यक्षता वाली जनपदीय सुरक्षा समिति ने आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर को सुरक्षा दिए जाने से इनकार कर दिया है। दोनों ने समिति के इस निर्णय को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में चुनौती दी है।

याचिका में कहा गया है कि डीएम की समिति का आदेश गलत है और जानबूझ कर किया गया है। उनके अनुसार तमाम आईएएस और आईपीएस अफसरों को बिना सुरक्षा आकलन किये शासनादेश दिनांक 09 मई 2014 के विपरीत सुरक्षा दी गई है और मात्र लखनऊ में लगभग 500 लोगों को मौखिक आदेशों पर सुरक्षा दी गई है, जबकि उन पर वास्तविक खतरा होने के बाद भी जानबूझ कर सुरक्षा नहीं दी जा रही है। निर्णय को हाई कोर्ट में चुनौती देते हुए गलत तरीके से सुरक्षाकर्मी देने के अभिलेखों को तलब करने का भी अनुरोध किया गया है।  

समाचार अंग्रेजी में पढ़ें – 

After refusal by the district security committee, Lucknow under DM Lucknow to provide security to IPS officer Amitabh Thakur and social activist Dr Nutan Thakur saying there is no need for it, the two have challenged it today before Lucknow bench of Allahabad High Court.  

 The petition says that many IAS and IPS officers have been provided state security without threat perception, in defiance of Government order dated 09 May 2014 and some 500 persons have been provided security in Lucknow itself  merely on oral orders, while their genuine need is being ignored deliberately for oblique reasons.  

 Hence they have challenged the denial of security saying that it is stating any reason. They shall also prayed to summon the records of all cases where security has been provided improperly.



 

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