ये केजरीवाल सरकार का नहीं, दिल्ली के लोगों का अपमान है

Sushil Upadhyay : बस्सी, केजरीवाल और चाबी भरा खिलौना… कुछ महीने पहले तक ज्यादातर लोगों को नहीं पता था कि बी.एस.बस्सी कौन है ? उनके बारे में पता न होना कोई बड़ी बात भी नहीं है, क्योंकि उनके जैसे सैंकड़ों आईपीएस अफसर इस देश में काम करते हैं। लेकिन, अब अधिकतर लोग जानते हैं कि बी.एस. बस्सी दिल्ली के पुलिस आयुक्त हैं और लोगों द्वारा चुनी गई सरकार की लगातार खिल्ली उड़ा रहे हैं। हाल के दिनों में कई बार बी.एस. बस्सी टीवी पर देखने का मौका मिला है, वे जिस प्रकार की शब्दावली का इस्तेमाल करते हैं, उसे देखकर लगता है कि कोई अधिकारी नहीं, बल्कि नेता बोल रहा है।

तीन दिन पहले उन्हें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मिलने बुलाया तो वे सीधे मीडिया से मुखाबित हुए और शान बघारते हुए बताया कि दिल्ली सरकार ने मुलाकात के लिए ‘रिक्वेस्ट’ भेजी है। तो क्या दिल्ली का पुलिस आयुक्त इतना बड़ा हो गया कि एक करोड़ लोगों की प्रतिनिधित्व करने वाली दिल्ली सरकार उन्हें मिलने के लिए ’रिक्वेस्ट’ भेज रही है? ये केजरीवाल सरकार का नहीं, दिल्ली के लोगों का अपमान है। ये बात बी.एस. बस्सी को समझ में नहीं आएगी क्योंकि लोगों को पता है कि वे ‘चाबी भरा हुआ खिलौना’ हैं। जब तब चाबी भरी जाती रहेगी, वे नाचते कूदते रहेंगे। कल फिर उन्होंने एक और हिमाकत की। एक विज्ञापन में केजरीवाल यह कहते हुए सुनाई देते हैं कि प्रधानमंत्री जी, दिल्ली पुलिस को हमें सौंप दीजिए, हम उन्हें ‘ठीक कर लेंगे’।

इसके जवाब में बी.एस. बस्सी पत्रकारों को कहा कि केजरीवाल दिल्ली पुलिस को ‘ठीक कर देंगे’ की बात कह रहे हैं। क्या किसी अफसर के पास ये अधिकार है कि वे सरकार के मुखिया द्वारा कही गई बात को ट्विस्ट कर दें! बी.एस. जस्सी का अगला ठिकाना राजनीतिक दल ही है और इसी को सामने रखकर वे खुलकर खेल रहे हैं। कामना कीजिए कि उनके हाथ न जलें, वैसे आग से खेलने में वे कोई कसर बाकी नहीं रख रहे हैं।

देहरादून के पत्रकार और शिक्षक सुशील उपाध्याय के फेसबुक वॉल से.



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