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अवैध खनन का कवरेज करने गए होशंगाबाद के दो मीडियाकर्मियों का हुआ अपहरण, माफियाओं ने की मारपीट

पुलिस अधीक्षक ने कहा- पैसों की मांग की थी मीडियाकर्मियों ने

होशंगाबाद । मुख्यालय से 8 किमी दूर अवैध रेत खनन का कवरेज करने गए सहारा समय के संवाददाता प्रशांत दुबे, दैनिक भास्कर के फोटोग्राफर आजाद सिरवैया व ड्राइवर नीलकंठ का 10 दिन पहले रेत माफियाओं ने अपहरण किया और तीनों के साथ जमकर मारपीट की। मीडियाकर्मियों को मौके पर पहुंची पुलिस ने छुड़ाया। आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी न होने पर जिले के सभी मीडियाकर्मी ने लगातार प्रदर्शन भी किया।

पुलिस अधीक्षक ने कहा- पैसों की मांग की थी मीडियाकर्मियों ने

होशंगाबाद । मुख्यालय से 8 किमी दूर अवैध रेत खनन का कवरेज करने गए सहारा समय के संवाददाता प्रशांत दुबे, दैनिक भास्कर के फोटोग्राफर आजाद सिरवैया व ड्राइवर नीलकंठ का 10 दिन पहले रेत माफियाओं ने अपहरण किया और तीनों के साथ जमकर मारपीट की। मीडियाकर्मियों को मौके पर पहुंची पुलिस ने छुड़ाया। आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी न होने पर जिले के सभी मीडियाकर्मी ने लगातार प्रदर्शन भी किया।

घटना के पांच दिन बाद पूर्व सीएम व कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह ने होशंगाबाद आकर रेत माफियाओं के खिलाफ आंदोलन करने की बात कही। सरकार के खिलाफ मुद्दा बनते देख प्रशासन हरकत में आया और मीडियाकर्मियों से पहचान कराए बिना चार आरोपियों की डमी गिरफ्तारी दर्शा दी।  मीडियाकर्मियों ने खनिज विभाग का विरोध किया तो दो पत्रकारों पर पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा डालने की एफआईआर दर्ज करा दी।

मीडिया संगठन के विरोध करने पर जिले के पुलिस अधीक्षक ने सर्किट हाउस में हुई बैठक में मामले को शांति पूर्वक हल करने की बात कही। वहीं बातों ही बातों में एसपी ने कहा कि आप गलत विरोध न करें। हमारी प्रारंभिक जांच में मामला पैसे मांगने का था। अवैध खनन वालों से पूछताछ व दूसरे सबूत हमने निकाले हैं। इसमें कई बातें मीडियाकर्मियों के खिलाफ हैं। हालांकि इसके बाद भी मीडिया संगठन ने 25 अप्रैल को जिले की प्रभारी मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया से पुलिस द्वारा सही आरोपियों को न पकड़ने की शिकायत की है।

एक पत्रकार को किया ब्लैक आउट

मीडियाकर्मियों पर हमले के बाद एक प्रतिष्ठित अखबार के क्राइम रिपोर्टर को शहर के मीडिया संगठन ने ब्लैक आउट कर दिया है। पुलिस को मीडियाकर्मियों के बीच की बातें बताने के कारण ऐसा किया गया है। क्राइम रिपोर्टर के सोशल ग्रुप से भी सभी रिपोर्टर एक्जिट हो गए हैं। यह देखते हुए क्राइम रिपोर्टर ने पीड़ित मीडियाकर्मियों के खिलाफ खबरें अपने ही अखबार में लगाई हैं।

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