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न्यूज एजेंसी IANS ने नरेंद्र मोदी को ‘बकचोद’ लिख दिया, ब्यूरो चीफ समेत कइयों की नौकरी गई

एक बड़ी खबर ‘आईएएएनएस’ से आ रही है. IANS न्यूज़ एजेंसी है जिससे ख़बर तथा सूचना चैनल एवं अख़बार लिया करते हैं. आईएएनएस से रिलीज की गई एक खबर में प्रधानमंत्री के नाम के आगे ‘बकचोद’ लिख दिया गया. आईएएनएस की यह न्यूज फीड जब कई मीडिया हाउसेज तक पहुंची तो बवाल मच गया. समाचार एजेंसी आईएएनएस से खबरें लेने वाले ढेर सारे मीडिया संस्थानों ने इस न्यूज को यूं ही चला भी दिया.

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केन्द्रीय कैबिनेट ने फसल की कीमतों पर उचित मेहनताना देने की नीति ”प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान” पर मुहर लगाई. यह न्यूज आईएएनएस की तरफ से जारी की गई तो इसमें एक बड़ी गल्ती चली गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम के साथ ‘बकचोद’ शब्द भी जोड़ दिया गया. इसका अर्थ होता है बेवजह लगातार बक बक करने वाला आदमी.

आईएएनएस न्यूज एजेंसी को ज्योंही इस बड़ी गल्ती का अंदाजा हुआ, डैमेज कंट्रोल शुरू कर दिया गया. सबसे पहले एजेंसी ने इस खबर को अपनी वेबसाइट से गिरा दिया. उसके बाद आईएएनएस के ब्यूरो चीफ और पॉलिटकल ब्यूरो चीफ से इस्तीफा ले लिया गया. रिपोर्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. जांच के आदेश दे दिए गए हैं. संपादक को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है. मैनेजिंग एडिटर हरदेव सनोत्रा ने लिखित माफीनामा जारी किया जो इस प्रकार है-

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https://www.youtube.com/watch?v=UmK1ihBhbN0

”हम प्रधानमंत्री के लिए इस्तेमाल की गई असंसदीय भाषा के लिए खेद प्रकट करते हैं. यह अक्ष्मय है. हमने अपनी पुरानी स्टोरी हटा ली थी और तुरंत नई स्टोरी जारी की थी. जो भी मीडिया की कार्यप्रणाली की गंभीरता से वाकिफ हैं, वे समझते हैं कि कुछ व्यवहारिक गलतियां हो सकती हैं. लेकिन जो हुआ है वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.”

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ये है पूरा माफीनामा…

IANS deeply regrets the wholly inadvertent incursion of an unparliamentary reference to Prime Minister Narendra Modi in one of its reports yesterday.

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The error is unacceptable and unconscionable. As soon as it was discovered, the report was pulled off from the wires and a corrected story issued.

Meanwhile, the reporter concerned has been suspended with immediate effect pending an urgent ongoing investigation. A show-cause notice has also been issued to the concerned editor.

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IANS has always strived to uphold the values of accuracy, objectivity and rigour in its reportage and remains committed to the highest norms of journalistic ethics and excellence.

But anyone who is seriously associated with the media knows only too well that inadvertent mistakes, however egregious, can and sometimes do unfortunately take place. This being one such instance, perhaps the first in over 25 year history of our organization.

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We apologise profoundly to our subscribers, readers and the Hon’ble Prime Minister for the error and assure them of our continued endeavour to produce the objective, accurate and high quality reportage.

Hardev Sanotra
Managing Editor
IANS

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वहीं आईएएनएस के कुछ लोगों का कहना है कि यह गल्ती ऑटोकरेक्शन की आधुनिक तकनीक के चलते हुई है. ऑटोकरेक्ट का सिस्टम ये है कि जिस शब्द का टाइपिंग में ज्यादा इस्तेमाल होता है, या जो ज्यादा बोला जाता है, तो ऑटोकरेक्ट उस शब्द को स्वत: शब्दावली में जोड़ लेता है. पर यह तर्क किसी को समझ नहीं आ रहा कि क्योंकि आटो करेक्ट जिन शब्दों को अपने हिसाब से बनाता-बताता है जो वह उस शब्द से मिलते-जुलते होते हैं जिसे टाइप किया जा रहा हो. फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम से मीडिया जगत में हड़कंप मचा हुआ है.


https://www.youtube.com/watch?v=PNDCNKsvCXo

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3 Comments

3 Comments

  1. Dr. Ashok Kumar Sharma

    September 13, 2018 at 1:14 pm

    यशवंत, ऑटोकरेक्शन से संसार के किसी प्रधानमंत्री का नाम इस बकचोद नहीं बन सकता। बकचोद भी स्लैंग है। नरेंद्र दामोदरदास मोदी का नाम इस स्वरूप में बदलना साबित करना भी नामुमकिन है भाई। ये सरासर अपमान और खबर में गलत तथ्य डालना है।

  2. Rajeshwar Prasad Shrivas

    September 14, 2018 at 4:25 am

    कुत्ते भौंकते रहते हैं हाथी चलते रहता है ।PMमोदी को ऐसे छिछोरे लोगों से फर्क नहीं पड़ता है ।

  3. विजय शंकर

    September 13, 2021 at 6:00 pm

    यशवंत भाई ,मानता हूं की ऑटोकॉररेक्ट का जमाना चल रहा है, लेकिन इतनी बड़ी संस्था से ऐसी गलती अक्षम्य है,

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