जेएनयू के बारे में पी साईंनाथ के इस वीडियो को नहीं सुना तो आप अंबानी अडानी के टुकड़खोर हैं!

Shamshad Elahee Shams : एक दो कौड़ी के पशुपुत्र ने मेरी जेएनयू आन्दोलन सम्बंधित पोस्ट पर अपनी मानसिक विकलांगता का प्रदर्शन करते हुए कहा था कि ये संस्थान ब्ल्यू फिल्म बनाने वालों के लिए जाना जाता है. इस वीडियों पर अपने जीवन के 59 मिनट खर्च करें और पता चल जायेगा कि जेएनयू क्या है?

पी साईंनाथ को अगर आपने नहीं सुना तो आप अंबानी अडानी के टुकड़खोर है या उनके प्रचारतंत्र के शिकार. गौर से सुनिए देश का हाल, जिसका हिस्सा जेएनयू है.

वीडियो देखने के लिए नीचे दिए शीर्षक पर क्लिक करें…

P Sainath in JNU : “Life in the times of fundamentalism and inequality”

कुछ टिप्पणियां…

Asrar Khan : मुझे इस बात की बहुत ख़ुशी नहीं है कि विशेष सुविधाओं और कैम्पस के महान वातावरण वाले जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में मुझे पढ़ने का अवसर मिला बल्कि मैं इस बात से बहुत दुखी हूँ कि उच्चशिक्षा के पात्र भारत के सभी स्टूडेंट्स को यह सुविधा क्यों नहीं मिल पा रही है? दुःख और हैरानी तो इस बात की भी बहुत ज्यादा है कि केंद्र की मोदी सरकार ने सत्ता में आते ही शिक्षा के बजट में 6000 करोड़ रूपये से अधिक की कटौती कर दी। 1981 में तत्कालीन चांसलर और भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जेएनयू कैम्पस में आगमन के विरोध में छात्र खूब आंदोलित रहे। जेम्स के निष्कासन के खिलाफ मेरे 7 दिन के आमरण अनशन को तोड़ने के समय साथी उर्मिलेश भी थे।

Arun Maheshwari : हार्पर ली नहीं रही…’To Kill a Mockingbird’ उपन्यास की किंवदंती लेखिका हार्पर ली नहीं रही । पचपन साल पहले एक काले परिवार को नस्लवादियों की घृणा से बचाने की लड़ाई लड़ने वाले छोटे से क़स्बे के वक़ील ऐटिकस फ़िंच की लड़ाई की अमर कहानी कहानी कहने वाली हार्पर ली के इस उपन्यास की अब तक चार करोड़ से ज्यादा प्रतियाँ बिक चुकी है । इस उपन्यास को पुलिजर पुरस्कार भी मिला था। आज जब हम भारत में काला कोट पहने वकीलों को देशभक्ति की आड़ में सांप्रदायिक नफ़रत के ज़हर को उगलते हुए देखते हैं, तब इस अमेरिकी लेखिका का जाना और भी दुखजनक लगता है। उन्होंने सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ने वाले एक वक़ील की कहानी कहके सारी दुनिया को न्याय और बराबरी का संदेश दिया था। ली नयासी साल की हो चुकी थी । आज ही अमेरिका के अलबामा के मोनरेविले में अपने घर के निकट के एक नर्सिंग होम में उनकी मृत्यु हुई। हम उन्हें आंतरिक श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

स्रोत : फेसबुक

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Comments on “जेएनयू के बारे में पी साईंनाथ के इस वीडियो को नहीं सुना तो आप अंबानी अडानी के टुकड़खोर हैं!

  • Kya Bola jaye Aapko aur wo Asrar ji ko…. Bade Afsos ki baat hai ki Akhlak par itna rar…. phir malda par kyon nahi…. Bajrang dal ya rss par itna halla …… to Umar khalid….. Markswadi Bhandue ye swikaar he nahi karna chah rahe hain ki Video me jo dikha raha hai usame Body language…. Lipsing….. aur Action aur Afzal ka bakhan karta o Umar aur Kanhaiya ka bachav karke kya sandesh dena chahte ho…. BJP se jude log aur Modi chootiya hai…… Sex Scandel aur drugs ka adda jnu me padhane he bas indian bole to Bhartiya hain…. Mr. Asrar & Arun ji Aaina dekhate samay aap dono ko lazza aati hai ya nahi….

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