पटना पुलिस को सुशांत सिंह केस विवेचना का अधिकार नहीं : अमिताभ ठाकुर

यूपी कैडर के आईपीसी अफसर अमिताभ ठाकुर ने कहा है कि सुशांत सिंह के पिता केके सिंह द्वारा पटना में दर्ज एफआईआर को देखने से स्पष्ट है कि इस मामले में प्रथम द्रष्टया समस्त घटना मुंबई, बहुत थोड़ी घटना दिल्ली व हरियाणा तथा पटना की कोई घटना नहीं दिखती है.

उन्होंने कहा कि सीआरपीसी के अध्याय XIII जांचों और विचारणों में दंड न्यायालयों की अधिकारिकता की धारा 177 से 184 आपराधिक वादों की विवेचना, जाँच तथा ट्रायल आदि विषयक है.

अमिताभ के अनुसार सीआरपीसी की उक्त धारा 177 से 184 तथा इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों के अनुसार इस मामले में पटना में जीरो एफआईआर होना तो सही दिखता है, पर पटना पुलिस को यह एफआईआर विवेचना हेतु मुंबई भेजनी चाहिए थी. उन्होंने कहा कि क़ानूनी रूप से पटना पुलिस को इसकी विवेचना का विधिक अधिकार नहीं दिखता है और प्रथमद्रष्टया यह सीआरपीसी में दिए गए विधिक अधिकारों का व्यतिक्रम जान पड़ता है.

संलग्न- अमिताभ ठाकुर फेसबुक टिप्पणी

Patna Police has no right to investigate Sushant case: Amitabh Thakur

UP Cadre IPS officer Amitabh Thakur has said that the incidences mentioned in the FIR registered by Sushant Singh’s father K K Singh in Patna are mainly from Mumbai, with a small part being in Delhi and Haryana but no part of it has happened in Patna.

He said that sections 177 to 184 of Chapter XIII of CrPC Jurisdiction Of Criminal Courts In Inquiries And Trials is related with investigation, trail etc of criminal cases.

As per Amitabh, as per the provisions of sections 177 to 184 of CrPC and the various orders of the Supreme Court, registration of Zero FIR in Patna seems proper but Patna Police should have sent it to Mumbai for further investigation. He said legally the Patna Police does not seem to have the legal rights to investigate this case and it seems to be violation of the provisions contained in CrPC as regards jurisdiction of a criminal case.

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