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प्रसार भारती के नौकरशाहों ने एससी-एसटी कर्मियों के साथ अन्याय किया, विरोध में कैंडल मार्च और सभा

नई दिल्ली : आकाशवाणी और दूरदर्शन के एसटी-एससी प्रशासनिक कर्मचारी महासंघ ने नियुक्ति, प्रोन्नति, बैकलाग भरने और स्थानांतरण में अन्याय, उत्पीडन और जातिगत भेदभाव के खिलाफ शांतिपूर्ण कैंडल मार्च आयोजित किया। यह मार्च आकाशवाणी भवन से प्रसार भारती, पीटीआई बिल्डिंग तक जुलूस की शक्ल में पहुंचा जहां एक सभा  के रूप में तब्दील हो गया। इसमें देश भर में कार्यरत आकाशवाणी एवं दूरदर्शन के अभियांत्रिकी, तकनीकी और प्रोग्राम के प्रशासनिक वर्ग के अधिकारियों ने भाग लिया।

नई दिल्ली : आकाशवाणी और दूरदर्शन के एसटी-एससी प्रशासनिक कर्मचारी महासंघ ने नियुक्ति, प्रोन्नति, बैकलाग भरने और स्थानांतरण में अन्याय, उत्पीडन और जातिगत भेदभाव के खिलाफ शांतिपूर्ण कैंडल मार्च आयोजित किया। यह मार्च आकाशवाणी भवन से प्रसार भारती, पीटीआई बिल्डिंग तक जुलूस की शक्ल में पहुंचा जहां एक सभा  के रूप में तब्दील हो गया। इसमें देश भर में कार्यरत आकाशवाणी एवं दूरदर्शन के अभियांत्रिकी, तकनीकी और प्रोग्राम के प्रशासनिक वर्ग के अधिकारियों ने भाग लिया।

महासंघ के महासचिव ओ पी गौतम ने सभा को संबोधित करते हुए कहा प्रसार भारती के नौकरशाहों को अपने दिमाग से जातिगत भेदभाव और गंदगी साफ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री जवाहर सरकार से कई बार अनुरोध किया जा चुका है पर उनकी आंखे नहीं खुल रही। बीते 14 नवंबर को संघ ने सालों से सभी कैडरों में जातिगत उत्पीडन, स्थानांतरण, बैकलाग, रोस्टर, प्रोमोशन व नियुक्तियों में हो रहे भेदभाव से उच्चाधिकारियों को नोटिस द्वारा सूचित कर दिया गया था। इससे पहले भी दो अक्तूबर को गांधी जयंती पर जंतर मंतर से प्रसार भारती तक कैंडल मार्च निकालकर विरोध जताया गया पर अधिकारियों की कुंभकर्णी नींद नहीं खुल रही।  गौतम ने अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो आकाशवाणी व दूरदर्शन के अभियांत्रिकी, कार्यक्रम, तकनीकी एवं प्रशासनिक कर्मचारी आंदोलन को उग्र रुप देने को विवश हो जाएंगे और इसके लिए सरकार के संबंधित तंत्र जिम्मेवार होंगे।

प्रेस विज्ञप्ति

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