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‘पुष्पांजलि’ ग्रुप और ‘पुष्प सवेरा’ अखबार के फ्राड मालिकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा

मथुरा : उत्तर प्रदेश में मथुरा के हाइवे थाने में पुष्पांजलि ग्रुप और ‘पुष्प सवेरा’ अखबार के मालिक बीडी अग्रवाल उनके बेटे मयंक और पुनीत अग्रवाल समेत चार लोगों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है. इन फ्राड टाइप के बाप-बेटों ने किसी के नाम का प्लाट किसी दूसरे को बेच दिया. पुलिस के अनुसार पुष्पांजलि उपवन स्थित कालोनी राधा नगर निवासी महेंद्र खत्री की पत्नी सुषमा ने १२ सितंबर २००६ को २०० वर्ग गज के एक भूखण्ड का खरीदने के लिए अनुबंध कराया था.

मथुरा : उत्तर प्रदेश में मथुरा के हाइवे थाने में पुष्पांजलि ग्रुप और ‘पुष्प सवेरा’ अखबार के मालिक बीडी अग्रवाल उनके बेटे मयंक और पुनीत अग्रवाल समेत चार लोगों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है. इन फ्राड टाइप के बाप-बेटों ने किसी के नाम का प्लाट किसी दूसरे को बेच दिया. पुलिस के अनुसार पुष्पांजलि उपवन स्थित कालोनी राधा नगर निवासी महेंद्र खत्री की पत्नी सुषमा ने १२ सितंबर २००६ को २०० वर्ग गज के एक भूखण्ड का खरीदने के लिए अनुबंध कराया था.

इसके लिए सुषमा ने तीन लाख रुपये दिये थे. श्री खत्री का आरोप है कि आगरा निवासी बीडी अग्रवाल और उनके पुत्र मयंक अग्रवाल, पुनीत अग्रवाल और पुनीत के रिश्तेदार गौरव अग्रवाल ने यह प्लाट किसी दूसरे को बेच दिया. इस मामले में महेंद्र खत्री ने इन लोगों के खिलाफ हाईवे थाने में भारतीय दण्ड विधान की धारा ४२० और ४०६ के तहत मामला दर्ज कराया गया है.  पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है.

महेंद्र खत्री ने बताया कि थाना हाईवे पुलिस को धोखाधड़ी किए जाने की तहरीर सबूतों के साथ दी थी, लेकिन हाईवे पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने में असमर्थता जाहिर कर दी. बाद में एसएसपी के आदेश पर पुष्पांजलि समूह के बीडी अग्रवाल, उनके बेटे पुनीत और मयंक अग्रवाल तथा मथुरा की मंडी रामदास निवासी गौरव अग्रवाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है. एसएसआई सुरेंद्र यादव का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है.

उल्लेखनीय है कि कुछ ही दिनों पहले रीयल एस्टेट और चिकित्सा व्यवसाय से जुड़े पुष्पांजलि ग्रुप पर आयकर विभाग की जांच शाखा ने सर्च की कार्रवाई की थी. ग्रुप के प्रबंध निदेशक बीडी अग्रवाल के जयपुर हाउस स्थित आवास, मथुरा और नोएडा स्थित साइट सहित कई ठिकानों पर जांच शुरू हुई. ग्रुप से संबंध रखने वाले प्रखर गर्ग के आरजीपीजी ग्रुप और प्रवीन अग्रवाल के पायल साड़ी प्रतिष्ठान और आवास पर रिकॉर्ड खंगाले गए. ग्रुप से व्यावसायिक लेनदेन करने वालों की सूची तैयार की जा रही है.  18 ठिकानों पर सौ अधिकारी और कर्मचारियों की टीम पुलिस फोर्स के साथ दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल के रिकॉर्ड खंगालने में जुटी रही.  सर्च की कार्रवाई के दौरान दोपहर में पुष्पांजलि ग्रुप के एमडी बीडी अग्रवाल की तबीयत बिगड़ गई. ब्लड प्रेशर बढ़ने पर आयकर विभाग की टीम ने उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती होने की अनुमति दे दी. वे ग्रुप के पुष्पांजलि हॉस्पिटल में करीब सात घंटे भर्ती रहे.

आयकर विभाग को रीयल एस्टेट और चिकित्सा व्यवसाय से जुड़े पुष्पांजलि ग्रुप पर कार्रवाई में अब तक की सबसे बड़ी सफलता हाथ लगी. आयकर विभाग की 36 घंटे लंबी चली सर्च में ग्रुप ने 40 करोड़ का सरेंडर (अघोषित आय स्वीकार करना) किए हैं. वहीं, घर और लॉकर से 50 लाख रुपये कैश और दो करोड़ का सोना (सोने के बिस्कुट और ज्वैलरी) जब्त किया है. ग्रुप में निवेश के दस्तावेज, लॉकर और लैपटॉप सीज कर दिए हैं. संयुक्त निदेशक आयकर (जांच) मुंशीराम ने बताया कि आयकर की अभी तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में है. पुष्पांजलि ग्रुप ने इस दौरान 40 करोड़ रुपये की अघोषित आय स्वीकार कर ली. ग्रुप की 50 कंपनियों में करोड़ों के निवेश के दस्तावेज हाथ लगे हैं. ईमेल, मोबाइल मैसेज और लैपटॉप जब्त किए गए हैं, इनका विभाग अभी पूरा अध्ययन करेगा. इसके अलावा पुष्पांजलि ग्रुप से संबंध रखने वाली प्रखर गर्ग के आरजीपीजी ग्रुप के यहां कार्रवाई में करीब 22 प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले हैं. सूत्रों के अनुसार आरजीपीजी ग्रुप के लॉकर भी कार्रवाई में सील किए गए हैं. प्रवीन अग्रवाल की पायल साड़ी से ग्रुप में निवेश के दस्तावेज हासिल हुए हैं. वहां से आयकर विभाग ने करीब 15 लाख कैश जब्त किया है. कई सालों के रिटर्न खंगालने और छह महीने की निगरानी के बाद आयकर विभाग की जांच शाखा ने पुष्पांजलि ग्रुप पर सर्च शुरू की थी.

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1 Comment

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  1. hari singh gahlot

    November 17, 2014 at 6:47 am

    खेरागढ के तेल व्यापारियों के मुशी बीडी अग्रवाल पर पिछले पन्द्रह वर्षो में अरबो रुपये की सम्पति कैसे हो गयी किसी ने आज तक नही देखी । कहीं न कहीं लोचा जरूर है । एक कहावत याद आ रही ​है ? कभी न कभी तो उंट आएगा पहाड के नीचे । कई अधिकारियों को सेट किया होगा इस बीडी अग्रवाल ने और अभी भी लगा होगा । लेकिन कुछ तो अधिकारी होते ही हैं ऐसे उंट के लिए पहाड के रूप में सो अब हो रहा है । यदि पिछले पन्द्रह वर्षो का रिकार्ड छाना जाए तो पता चलेगा कि यह व्यक्ति सिर्फ आयकर का अपराधी नही यह मानवता का अपराधी भी है । शहर के सारे तालाबों के कागजात न जाने ​कहां से बनवा कर अपने नाम रजिस्टर करा कर इमारते खडी कर दी और शहर में आम जनमानस को मिलने वाला भू.जल समाप्ति की ओर हो गया । सरकार ने एक कमेटी बनाई है जिसका नाम नीरी है । नीरी की रिपोर्ट भी आगई और बीडी अग्रवाल उसमे भी दोषी पाया गया लेकिन उस पर कार्यवाही करने वाले अधिकारी वही तहसील स्तर के है जिन्होने उक्त तालाबों को बीडी अग्रवाल के नाम लिखा था इस लिए कार्यवाही भी रुकी पडी है……… भगवान ही मालिक है

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