रिपब्लिक टीवी यानि मोदी और अमित शाह के राजनीतिक विरोधियों से निपटने वाला एक टीवी चैनल!

Prashant Tandon : क्या मोदी और अमित शाह अर्नब गोस्वामी को बचायेंगे…. अर्नब गोस्वामी मोदी के शार्प शूटर रहे हैं. उन्होंने हर उस नेता को निशाना बनाया है जो मोदी का राजनीतिक प्रतिद्वंदी रहा है. इसी कड़ी में उन्होने लालू यादव और कांग्रेस के शशि थरूर पर जिन टेप के ज़रिये हमला बोला उसे “टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप” ने चोरी का बताया और उनपर आपराधिक मुकदमा भी कायम किया है. शशि थरूर ने भी पुष्टि कर दी है कि उन्होने भी अर्नब गोस्वामी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है.

अब अर्नब गोस्वामी को अदालत में ये साबित करना है कि वो चोर नही हैं और उन्होने शशि थरूर की अवमानना नही की है. ये मुकदमे अदालत में चलेंगे लेकिन इस पर बात होनी चाहिये कि ये रिपब्लिक टीवी क्या है, इसके पीछे कौन लोग हैं और इसे लॉच करने के पीछे की मंशा क्या है. क्या ये कोई पत्रकारिता का प्लेटफार्म है या मोदी और अमित शाह के राजनीतिक विरोधियों से निपटने का कोई संगठन है जिसके पास एक टीवी चैनेल भी है.

कुछ साल पहले एक न्यूज़ चैनल का संपादक रहते हुये हमारी टीम ने बापू आसाराम की कारगुजारियों का पर्दाफाश किया था. उस वक़्त आसाराम ने भी हमारे चैनेल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा किया था. एक काफी संदिग्ध चैनेल था “ए टू ज़ेड” जिसके बारे में कहा जाता था कि आसाराम के पैसे से चलता था. उस चैनेल पर हमारे खिलाफ एक गाली गलौज की मुहिम चली थी.

ये रिपब्लिक टीवी भी आसाराम के “ए टू ज़ेड” चैनेल जैसा ही एक प्लेटफार्म है और इसका उद्देश्य भी वैसा जान पड़ता है – यानि जो भी मोदी या अमित शाह के खिलाफ खड़ा दिखाई दे उसके खिलाफ एक मुहिम चलाई जाये. ये सभी जानते है कि रिपब्लिक टीवी में बीजेपी समर्थित सांसद राजीव चंद्रशेखर का पैसा लगा है. तमाम तरह की आर्थिक गतिविधियों के अलावा राजीव चंद्रशेखर की कंपनियों के तार रक्षा सौदो से जुड़ते है. इस चैनेल की मौजूदगी मीडिया की परंपराओ और लोकतंत्र की सेहत दोनो के मद्देनज़र बहस का विषय है.

वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत टंडन की एफबी वॉल से साभार. उपरोक्त स्टेटस पर आए ढेरों कमेंट्स में से कुछ प्रमुख यूं हैं :

Himanshu Kumar खतरनाक हालत है

Prashant Tandon इनकी मंशा वाकई खतरनाक और देश हित में नही है. रक्षा सौदागर के हित कहॉ कहॉ जुड़े होते हैं अंदाज़ लगाना भी मुश्किल है.

Chandra Prakash Jha The other day I submitted on a friend’s post that most of weapons manufacturing and selling companies entered into business of media after Gulf war in early 1990s. This had started in India also . We all know conventional war has been replaced by mind wars in which media plays as agents of war mongers. For ” Justice ” Arnob I haven’t much to say except that he can be anything but not a journalist and his new venture ( he owns a part of it ) is like a Multi purpose vehicle – inherently licensed to kill objective news & views reporting. Ideally , there shouldn’t be public behind this republic of hyped “new India ” . But then who cares for public.

Prashant Tandon These channels owned by arms dealers will keep the society on toes on various divisive issues and create situation of a conflict zone for their commercial interests. There is need to mabilise public opinion against such divisive and anti social platforms.

Arvind Shrivastava actually all non BJP people should bycot these channels .Rajat sharma is old RSS /ABVP man.He was rewarded with Padmabhooshan though not recommended by selection panel. Subhash chandra is BJP MP. while Arab ‘s parents are senior BJP leaders and were MP and minister.IBN7 owned by Ambani So what can be expected from them?

Prashant Tandon It’s true that broadcast media is completely sold off to Modi but their influence to mobilise public opinion is fading away fast.

S N Dwivedi अब सही पकड़े है पर जरा ये तो बताइए टॉप 8 में कितने सत्ता की भक्ति में लीन नहीं है या किसमे बड़े सत्ता प्रिय उद्योगपति का पैसा नहीं लगा। सर आपको अभी लगता है कहीं सिद्धांत बचे है

Prashant Tandon पैसा उद्योग का लगता रहा है – लेकिन हथियारों के सौदागर भी आगये यहॉ. अब स्मगलर आने बाकी हैं.

Sandeep Singh Malik रजत शर्मा वाला इंडिया टीवी भी कुछ हद तक भाजपामय हो चुका है जी न्यूज की तो बात ही अलग है

Prashant Tandon ये पहली बार हुआ है कि रक्षा सौदों से जुड़े किसी व्यक्ति ने चैनेल में पैसा लगाया है. ये बहुत गंभीर बात है.

Sandeep Singh Malik सर चौथे और पांचवे साल मे इनसे भी ज्यादा अचंभित खुलासे होंगे। देखते रहिए आप। सुभाषचंद्र (जी न्यूज मालिक) ने हर विभाग मे सैटिंग कर ली है जिस दिन किसी ईमानदार के हत्थे चढ़ सबके सामने नंगा हो जाएगा। जैसे पहले अमर सिंह को दलाल कहते थे ये उससे चार कदम आगे वाला दलाल है। आज के समय तकरीबन वैश्य व्यापारी इसके नजदीक रहकर घोटाला कर रहे है या टेंडर ले रहे है।

Prashant Tandon इन सबके खिलाफ सोशल मीडिया में मुहीम चलती रहती है पर अब और तेज़ होनी चाहिये क्योकि अब केवल ये पार्टी के समर्थन तक सीमित नही है – अब ये लोकतंत्र के खिलाफ काम कर रहे हैं.

Sandeep Singh Malik समाज हित मे हर किसी को निष्पक्ष ढंग से काम करते रहना चाहिए और घपलों को बेनकाब करते रहना चाहिए

Akhilesh Cr ..Padam puraskar…ager modi denge..to kya rajat..sharma…Laloo ki bat karenge…Prashant ji ke pas…kuch Rajat ke against kuch ho to ….khulasa kare…ya…mujhe de…9835199430 epr…mai karoonga…jaroorat pari to mukadma bhi…koi saq…?

Rachna Tyagi ये लोकतंत्र के रहनुमां हैं…

Prashant Tandon ऐसी रह्नुमाई से लोकतंत्र बचेगा ही नही. इस चैनेल के इरादे खतरनाक हैं – सारा एजेंडा रक्षा सौदो के ही इर्द गिर्द होगा.

Farrah Shakeb रिपब्लिक टीवी बेहुदों का अड्डा है जो न्यूज़ एंकर के भेष में संघ के शैतानी एजेंडे को आगे बढाने के लिए उसी के पैसे से स्थापित किया गया है.. सुदर्शन न्यूज़, ज़ी न्यूज़ जैसे चैनल काफ़ी बदनाम हो चुके हैं और इनकी विश्वसनीयता संदिग्ध हो चुकी है.. तो अब ये टाई कोट वाले अंग्रेज़ी लफ़्फ़ाज़ी करने वालों को डयूटी दी गयी है

Mohammad Shahid These news channels are not only politically motivated but they are creating an environment of hatred and violence in the society

Bibhas Kumar Srivastav रक्षा सौदा में लिप्त होने का मतलब नक्सलवाद तथा अन्य अपराध को हथियार सप्लाई करना। ये कभी नहीं चाहेंगे अपराध और नक्सलवाद पर रोक लगे।

Abdul Hannan Khan खतरनाक परम्परां डाली जा रही है….अर्नव वह प्यादे बनते जा रहे है जो आगे रास्ता बनाने का काम कर रहे है…दलाली का..

Deepak Ahluwalia बहस नही चितां का विषय है.प्रायोजित और फेवरेबल खबर बनाना और चलाना,लोगो को सच से अजाँन बनाने को ही है.जो नही है वो दिखाया जाऐगा,बताया जाऐगा

Hamid Ali Khan Aakhir in sub mahatvapoorna muddon ko na uthakar Vipaksh BJP ko mamaani ke liye sirf handle deraha hai.
Ambar Shrivastava चैनल से ज़्यादा खतरनाक बात ये है कि सच्चाई जानकर और अर्णब को नापसंद करने के बावजूद लोग भक्ति की ड्यूटी के तहत डिफेंड करने में लगे हुए हैं ।

Hemendra Garg अर्नब ,सूधीर ,अन्जना के बारे मै कौन नही जानता। अपना काम पूरी इमानदारी से कर रहे है।

कृष्णा मिश्रा अरनब को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते है मोदी-शाह



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Comments on “रिपब्लिक टीवी यानि मोदी और अमित शाह के राजनीतिक विरोधियों से निपटने वाला एक टीवी चैनल!

  • bhai sach kadwa hota hai… arnab yek emandar hai ..apna dekho .. uske channel ka TRP dekho..bakwas karta hai..NDTV ke barkha dutt ke bare me kya khayal hai and ravis kumar ke bare me

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