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मध्य प्रदेश

सप्रे संग्रहालय को महर्षि वेदव्यास राष्ट्रीय सम्मान

भोपाल : माधवराव सप्रे स्मृति समाचारपत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान, भोपाल को ’महर्षि वेदव्यास राष्ट्रीय सम्मान’ से सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है। संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन ने शिक्षा के क्षेत्र में श्रेष्ठतम उपलब्धियों एवं योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से यह सम्मान स्थापित किया है। महर्षि वेदव्यास राष्ट्रीय सम्मान के अंतर्गत दो लाख रुपये सम्मान निधि, प्रशस्ति एवं सम्मान पट्टिका प्रदान की जाती है। संस्कृति विभाग की संचालक सुश्री रेनू तिवारी ने वर्ष 2012-13 के सम्मान के लिए सप्रे संग्रहालय के चयन की सूचना दी है। 

भोपाल : माधवराव सप्रे स्मृति समाचारपत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान, भोपाल को ’महर्षि वेदव्यास राष्ट्रीय सम्मान’ से सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है। संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन ने शिक्षा के क्षेत्र में श्रेष्ठतम उपलब्धियों एवं योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से यह सम्मान स्थापित किया है। महर्षि वेदव्यास राष्ट्रीय सम्मान के अंतर्गत दो लाख रुपये सम्मान निधि, प्रशस्ति एवं सम्मान पट्टिका प्रदान की जाती है। संस्कृति विभाग की संचालक सुश्री रेनू तिवारी ने वर्ष 2012-13 के सम्मान के लिए सप्रे संग्रहालय के चयन की सूचना दी है। 

उच्चस्तरीय निर्णायक मंडल ने साहित्यकारों, पत्रकारों, शोधार्थियों और छात्रों को दुर्लभ संदर्भ उपलब्ध कराने में माधवराव सप्रे स्मृति समाचारपत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान के अभूतपूर्व योगदान को रेखांकित किया है। निर्णायक मंडल ने माना है कि शिक्षा के क्षेत्र में पुस्तकों और पत्रिकाओं के संग्रहण के लिए सप्रे संग्रहालय पूरे देश में अपने ढंग का अनूठा और एकमात्र संग्रहालय है। 

उल्लेखनीय है कि सप्रे संग्रहालय में 24,500 शीर्षक समाचारपत्रों एवं पत्रिकाओं की फाइलें, एक लाख से अधिक पुस्तकें, 734 पाण्डुलिपियाँ, 144 गजेटियर्स, 406 शब्दकोश, 274 अभिनन्दन ग्रंथ, साहित्यकारों, पत्रकारों आदि 4190 विशिष्टजनों के 25,000 से अधिक पत्र, अत्यंत महत्वपूर्ण 863 रिपोर्ट और विभिन्न विषयों, प्रसंगों एवं व्यक्तियों से संबंधित 4,605 संदर्भ फाइलें संग्रहीत हैं। यह विपुल शब्द सम्पदा दो करोड़ से अधिक पृष्ठों में विद्यमान है। इसमें हाल ही में सौ साल पुराने चिरंजीव पुस्तकालय आगरा से आए हजारों ग्रंथों और पत्रिकाओं की फाइलों का इजाफा हुआ है। यह संदर्भ सामग्री मुख्यतः हिन्दी और उसकी सहोदर लोक भाषाओं, अँगरेजी, संस्कृत, उर्दू , मराठी, गुजराती तथा अन्य भारतीय भाषाओं में है। सप्रे संग्रहालय की संदर्भ सामग्री का लाभ उठाते हुए विभिन्न विश्वविद्यालयों के 900 से अधिक शोध छात्रों ने विविध विषयों में अपने शोध प्रबंध पूरे किए हैं। 

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